प्रभारी प्राचार्य समेत तीन शिक्षकों का 5-5 दिन वेतन कटा:मिड-डे मील की थालियां कुत्तों के चाटने मामले में एक्शन; सेल्फ-हेल्प ग्रुप की सेवाएं समाप्त

प्रभारी प्राचार्य समेत तीन शिक्षकों का 5-5 दिन वेतन कटा:मिड-डे मील की थालियां कुत्तों के चाटने मामले में एक्शन; सेल्फ-हेल्प ग्रुप की सेवाएं समाप्त

बड़वानी जिले के राजपुर विकासखंड के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई थी। यहां बच्चों की जूठी थालियों को कुत्तों द्वारा चाटे जाने का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। प्रभारी प्राचार्य सहित तीन शिक्षकों के खिलाफ बुधवार को एक्शन लिया गया है। तीन शिक्षकों के वेतन काटे गए। यह मामला राजपुर विकासखंड के ग्राम रुई स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है। 26 जनवरी को मध्यान्ह भोजन के बाद थालियां दो दिनों तक नहीं धोई गईं। इसी दौरान विद्यालय परिसर में रखी इन जूठी थालियों को कुत्तों द्वारा चाटे जाने का वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। मध्यान्ह भोजन अनियमितता पर शिक्षकों का वेतन कटा अधिकारियों के अनुसार, शिक्षकों की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद तीनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए 5-5 दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किए गए। ये आदेश बुधवार को दिया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 27 जनवरी को विद्यालय में मध्यान्ह भोजन नहीं बनाया गया था और भोजन निर्धारित मेनू के अनुसार नहीं दिया जा रहा था। इससे बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। लापरवाही पर स्कूल स्टाफ को कारण बताओ नोटिस राजपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रफुल्ल पुरोहित ने बताया कि मामले की जांच विकासखंड शिक्षा अधिकारी और विकासखंड स्रोत समन्वयक द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास को सौंपी गई। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर शासकीय प्राथमिक विद्यालय रुई के प्रभारी प्राचार्य मदनलाल मुजाल्दे, सहायक शिक्षक भारत सिंह कन्नौजे और ठान सिंह नरगावे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। स्व-सहायता समूह की सेवाएं समाप्त प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाले स्व-सहायता समूह की सेवाएं भी समाप्त कर दी हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

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