सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में सपापफाई कर्मियों और पुलिस के बीच हुए विवाद के कारण पिछले पांच दिनों से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था आखिरकार शुक्रवार को बहाल हो गई। नगर परिषद के चेयरमैन राघवेंद्र झा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कर्मियों से बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त करा दी गई है और शहर में फिर से साफ-सफाई का कार्य शुरू हो गया है। शहर में गंदगी को देखते हुए लिया फैसला उन्होंने कहा कि शनिवार को ईद का पर्व है, ऐसे में शहर में गंदगी के कारण आम लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। इसे देखते हुए नगर परिषद प्रशासन ने पहल करते हुए सफाई कर्मियों को मनाया और उन्हें काम पर लौटने के लिए राजी किया। इसके बाद सभी कर्मियों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। सफाई कर्मी के साथ हुई मारपीट से नाराज थे दरअसल, 15 मार्च को वार्ड नंबर 22 में नाला निर्माण के दौरान एक सफाई कर्मी के साथ मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में सफाई कर्मियों ने सदर थाना और एससी-एसटी थाना में आवेदन दिया था, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से उनका आक्रोश बढ़ गया। नाराज कर्मियों ने थाने के गेट पर कचरा रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। सफाई व्यवस्था धड़ाम, जगह-जगह कचरे के ढेर आरोप है कि उसी रात पुलिस ने नगर परिषद के हेड क्लर्क असजद आलम के घर छापेमारी कर सफाई मैनेजर देवाशीष मिश्रा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया और उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना से आक्रोशित सफाई कर्मियों ने उसी दिन से हड़ताल शुरू कर दी, जिससे पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई और जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए। हालांकि दो दिन पहले जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त करने की बात कही गई थी, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ था। अंततः शुक्रवार को चेयरमैन, कार्यपालक पदाधिकारी और वार्ड पार्षदों के संयुक्त प्रयास से मामला सुलझा और सफाई कार्य पुनः शुरू है। सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में सपापफाई कर्मियों और पुलिस के बीच हुए विवाद के कारण पिछले पांच दिनों से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था आखिरकार शुक्रवार को बहाल हो गई। नगर परिषद के चेयरमैन राघवेंद्र झा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कर्मियों से बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त करा दी गई है और शहर में फिर से साफ-सफाई का कार्य शुरू हो गया है। शहर में गंदगी को देखते हुए लिया फैसला उन्होंने कहा कि शनिवार को ईद का पर्व है, ऐसे में शहर में गंदगी के कारण आम लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। इसे देखते हुए नगर परिषद प्रशासन ने पहल करते हुए सफाई कर्मियों को मनाया और उन्हें काम पर लौटने के लिए राजी किया। इसके बाद सभी कर्मियों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। सफाई कर्मी के साथ हुई मारपीट से नाराज थे दरअसल, 15 मार्च को वार्ड नंबर 22 में नाला निर्माण के दौरान एक सफाई कर्मी के साथ मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में सफाई कर्मियों ने सदर थाना और एससी-एसटी थाना में आवेदन दिया था, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से उनका आक्रोश बढ़ गया। नाराज कर्मियों ने थाने के गेट पर कचरा रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। सफाई व्यवस्था धड़ाम, जगह-जगह कचरे के ढेर आरोप है कि उसी रात पुलिस ने नगर परिषद के हेड क्लर्क असजद आलम के घर छापेमारी कर सफाई मैनेजर देवाशीष मिश्रा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया और उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना से आक्रोशित सफाई कर्मियों ने उसी दिन से हड़ताल शुरू कर दी, जिससे पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई और जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए। हालांकि दो दिन पहले जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त करने की बात कही गई थी, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ था। अंततः शुक्रवार को चेयरमैन, कार्यपालक पदाधिकारी और वार्ड पार्षदों के संयुक्त प्रयास से मामला सुलझा और सफाई कार्य पुनः शुरू है।


