शेखपुरा के माहुरी धर्मशाला में आयोजित पांच दिवसीय मां मथुरासिनी महोत्सव रविवार को संपन्न हो गया। महोत्सव का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक भंडारे के साथ हुआ। अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने मां मथुरासिनी की विधिवत पूजा-अर्चना की। समापन समारोह के दौरान खेलकूद प्रतियोगिता और पेंटिंग प्रतियोगिता सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों और महिलाओं को सम्मानित कर पुरस्कार वितरित किए गए। इसके बाद सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम से जुड़ी 2 तस्वीरें.. मौर्य समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए
इस वर्ष महोत्सव की शुरुआत पिछले बुधवार को भव्य शोभायात्रा के साथ हुई थी। महोत्सव के दौरान लगातार धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों ने नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां दीं। मां मथुरासिनी महोत्सव मौर्य समाज का प्रमुख धार्मिक आयोजन है। शेखपुरा के साथ-साथ बरबीघा में भी मौर्य समाज के लोग अपनी कुलदेवी मां मथुरासिनी की पूजा बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ करते हैं। इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में शेखपुरा के अलावा बरबीघा, नालंदा, नवादा और लखीसराय जिलों से भी मौर्य समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। शेखपुरा के माहुरी धर्मशाला में आयोजित पांच दिवसीय मां मथुरासिनी महोत्सव रविवार को संपन्न हो गया। महोत्सव का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक भंडारे के साथ हुआ। अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने मां मथुरासिनी की विधिवत पूजा-अर्चना की। समापन समारोह के दौरान खेलकूद प्रतियोगिता और पेंटिंग प्रतियोगिता सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों और महिलाओं को सम्मानित कर पुरस्कार वितरित किए गए। इसके बाद सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम से जुड़ी 2 तस्वीरें.. मौर्य समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए
इस वर्ष महोत्सव की शुरुआत पिछले बुधवार को भव्य शोभायात्रा के साथ हुई थी। महोत्सव के दौरान लगातार धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों ने नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां दीं। मां मथुरासिनी महोत्सव मौर्य समाज का प्रमुख धार्मिक आयोजन है। शेखपुरा के साथ-साथ बरबीघा में भी मौर्य समाज के लोग अपनी कुलदेवी मां मथुरासिनी की पूजा बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ करते हैं। इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में शेखपुरा के अलावा बरबीघा, नालंदा, नवादा और लखीसराय जिलों से भी मौर्य समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।


