शेखपुरा में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और साइबर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 5 साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले के बरबीघा थाना अंतर्गत छबीलाठीका गांव में की गई। इनके पास से छह मोबाइल सेट बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए सभी बदमाशों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर पहले से ही कई शिकायतें दर्ज थीं। ये बदमाश धनी फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोगों को ऋण देने का प्रलोभन देकर ऑनलाइन ठगी करते थे। साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी ज्योति कुमारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान राजू कुमार, पुष्पम कुमार, अवनीश कुमार, मोहित कुमार और राजीव कुमार के रूप में हुई है। इन सभी ने ठगी के मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। कड़ी पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि राजू कुमार के नाम से जारी मोबाइल नंबर पर देश के विभिन्न राज्यों से कम से कम 10 शिकायतें दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य बरामद मोबाइलों पर भी एक से अधिक साइबर ठगी के मामले पहले से ही दर्ज पाए गए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में कुछ अन्य युवकों को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद उनके खिलाफ ठोस सबूत न मिलने पर उन्हें रिहा कर दिया गया। डीएसपी ज्योति कुमारी ने इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता बताया और बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोगों से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने किसी भी प्रकार के प्रलोभन के झांसे में न आने की सलाह दी। शेखपुरा में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और साइबर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 5 साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले के बरबीघा थाना अंतर्गत छबीलाठीका गांव में की गई। इनके पास से छह मोबाइल सेट बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए सभी बदमाशों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर पहले से ही कई शिकायतें दर्ज थीं। ये बदमाश धनी फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोगों को ऋण देने का प्रलोभन देकर ऑनलाइन ठगी करते थे। साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी ज्योति कुमारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान राजू कुमार, पुष्पम कुमार, अवनीश कुमार, मोहित कुमार और राजीव कुमार के रूप में हुई है। इन सभी ने ठगी के मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। कड़ी पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि राजू कुमार के नाम से जारी मोबाइल नंबर पर देश के विभिन्न राज्यों से कम से कम 10 शिकायतें दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य बरामद मोबाइलों पर भी एक से अधिक साइबर ठगी के मामले पहले से ही दर्ज पाए गए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में कुछ अन्य युवकों को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद उनके खिलाफ ठोस सबूत न मिलने पर उन्हें रिहा कर दिया गया। डीएसपी ज्योति कुमारी ने इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता बताया और बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोगों से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने किसी भी प्रकार के प्रलोभन के झांसे में न आने की सलाह दी।


