120 बच्चों के आइडिया इंस्पायर अवार्ड के लिए सिलेक्ट:औरंगाबाद में 4930 विद्यार्थियों ने किया था नॉमिनेशन, पूरे राज्य में जिले को मिला तीसरा स्थान

120 बच्चों के आइडिया इंस्पायर अवार्ड के लिए सिलेक्ट:औरंगाबाद में 4930 विद्यार्थियों ने किया था नॉमिनेशन, पूरे राज्य में जिले को मिला तीसरा स्थान

इंस्पायर अवार्ड मानक 2025-26 का परिणाम प्रकाशित होते ही औरंगाबाद जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। पूरे बिहार में औरंगाबाद ने तीसरा स्थान प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि यहां के बच्चे विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां छू रहे हैं। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2025-26 के अंतर्गत जिले के मध्य-उच्च विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विज्ञान से जुड़े नए और उपयोगी आइडिया ऑनलाइन सबमिट किए थे। इस वर्ष जिले से कुल 4930 विद्यार्थियों ने नॉमिनेशन किया, जिनमें से 120 बच्चों के आइडिया इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित हुए हैं। प्रखंडवार चयन की बात करें तो औरंगाबाद प्रखंड से 14, बारुण से 9, दाउदनगर से 10, देव से 10, गोह से 7, हसपुरा से 9, कुटुंबा से 6, मदनपुर से 15, नबीनगर से 15, ओबरा से 10 और रफीगंज से 15 विद्यार्थियों के आइडिया चयनित किए गए हैं। 10,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन एवं भारत सरकार की ओर से संचालित इंस्पायर अवार्ड योजना देशभर में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस योजना के तहत चयनित प्रत्येक छात्र को 10,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे वे जिला स्तरीय प्रदर्शनी के लिए अपना मॉडल या प्रोजेक्ट तैयार कर सकें। जिलास्तर से चयनित छात्र राज्यस्तरीय और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में भाग लेते हैं। जिला तकनीकी टीम के सदस्य नियमित रूप से विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों का मार्गदर्शन करते हैं। विद्यालय प्रधानाचार्यों एवं विज्ञान/नोडल शिक्षकों की भूमिका भी सराहनीय रही है। जिले के कई विद्यालयों में ‘आइडिया बॉक्स’ स्थापित किए गए हैं, जिनमें छात्र समय-समय पर अपने नवाचार संबंधी विचार डालते हैं। इसके अतिरिक्त विद्यालय स्तर पर आइडिया प्रतियोगिता आयोजित कर श्रेष्ठ 5 आइडियाज का चयन कर नॉमिनेशन भेजा जाता है।
पदाधिकारियों ने हर्ष जताया जिले की इस उपलब्धि पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) अमृतेश आर्यन, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी सर्वेश कुमार सिंह और जिला तकनीकी टीम के सदस्य मृदुला सिन्हा, मुकुल पांडेय, शोभा तिवारी, चन्द्रशेखर प्रसाद साहु और राजीव रंजन सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है। मृदुला सिन्हा को इंस्पायर के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए वर्ष 2024 में Indian Institute of Science Education and Research Pune (IISER पुणे) की ओर से iRA अवॉर्ड भी प्रदान किया जा चुका है। इंस्पायर अवार्ड मानक 2025-26 का परिणाम प्रकाशित होते ही औरंगाबाद जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। पूरे बिहार में औरंगाबाद ने तीसरा स्थान प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि यहां के बच्चे विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां छू रहे हैं। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2025-26 के अंतर्गत जिले के मध्य-उच्च विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विज्ञान से जुड़े नए और उपयोगी आइडिया ऑनलाइन सबमिट किए थे। इस वर्ष जिले से कुल 4930 विद्यार्थियों ने नॉमिनेशन किया, जिनमें से 120 बच्चों के आइडिया इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित हुए हैं। प्रखंडवार चयन की बात करें तो औरंगाबाद प्रखंड से 14, बारुण से 9, दाउदनगर से 10, देव से 10, गोह से 7, हसपुरा से 9, कुटुंबा से 6, मदनपुर से 15, नबीनगर से 15, ओबरा से 10 और रफीगंज से 15 विद्यार्थियों के आइडिया चयनित किए गए हैं। 10,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन एवं भारत सरकार की ओर से संचालित इंस्पायर अवार्ड योजना देशभर में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस योजना के तहत चयनित प्रत्येक छात्र को 10,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे वे जिला स्तरीय प्रदर्शनी के लिए अपना मॉडल या प्रोजेक्ट तैयार कर सकें। जिलास्तर से चयनित छात्र राज्यस्तरीय और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में भाग लेते हैं। जिला तकनीकी टीम के सदस्य नियमित रूप से विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों का मार्गदर्शन करते हैं। विद्यालय प्रधानाचार्यों एवं विज्ञान/नोडल शिक्षकों की भूमिका भी सराहनीय रही है। जिले के कई विद्यालयों में ‘आइडिया बॉक्स’ स्थापित किए गए हैं, जिनमें छात्र समय-समय पर अपने नवाचार संबंधी विचार डालते हैं। इसके अतिरिक्त विद्यालय स्तर पर आइडिया प्रतियोगिता आयोजित कर श्रेष्ठ 5 आइडियाज का चयन कर नॉमिनेशन भेजा जाता है।
पदाधिकारियों ने हर्ष जताया जिले की इस उपलब्धि पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) अमृतेश आर्यन, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी सर्वेश कुमार सिंह और जिला तकनीकी टीम के सदस्य मृदुला सिन्हा, मुकुल पांडेय, शोभा तिवारी, चन्द्रशेखर प्रसाद साहु और राजीव रंजन सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है। मृदुला सिन्हा को इंस्पायर के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए वर्ष 2024 में Indian Institute of Science Education and Research Pune (IISER पुणे) की ओर से iRA अवॉर्ड भी प्रदान किया जा चुका है।  

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