सहारनपुर सिविल कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चैंबरों की कमी का मुद्दा गरमा गया है। सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन (पंजी.) ने इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है, जिसमें नए चैंबरों के निर्माण की मांग की गई है। शनिवार दोपहर को एसोसिएशन के महासचिव पालम राणा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने एसडीएम श्वेता पांडेय को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा और स्थिति से अवगत कराया। ज्ञापन में बताया गया है कि सहारनपुर सिविल कोर्ट परिसर में लगभग 450 चैंबर उपलब्ध हैं, जबकि यहां करीब 3000 अधिवक्ता कार्यरत हैं। इस कारण अधिकांश वकीलों को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। विशेष रूप से युवा अधिवक्ताओं को अपने मुवक्किलों से गोपनीय बातचीत करने, फाइलें तैयार करने और केस से संबंधित कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं के अनुसार, चैंबरों की कमी के कारण कई वकील बरामदों, सीढ़ियों और खुले स्थानों पर बैठकर काम करने को मजबूर हैं। इससे न केवल कार्य में असुविधा होती है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की गरिमा भी प्रभावित होती है। महासचिव पालम राणा ने कहा कि वकालत जैसे पेशे के लिए न्यूनतम आधारभूत सुविधाएं आवश्यक हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिवक्ताओं की संख्या के अनुपात में जल्द नए चैंबरों का निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो एसोसिएशन आंदोलन करने को विवश होगी। वरिष्ठ अधिवक्ताओं चौधरी रणधीर सिंह और जयवीर पुंडीर ने भी इस मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बिना चैंबर के व्यवस्थित और पेशेवर तरीके से वकालत करना संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस अवसर पर गौरव दीक्षित, अरुण चौधरी, दिलीप सेठ, अंकित चौधरी, राकेश त्यागी, रवि दत्त शर्मा, बिट्टू सहगल, पवन बालियान, सचिन कुमार, दीपक कुमार, हरीश कुमार, अंकित शर्मा, सत्येंद्र कुमार और विनोद सिद्धार्थ सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।


