अविनाश कुमार| सीतामढ़ी कड़ाके की ठंड से जूझ रहे जिले में नगर निगम की लापरवाही अब आम लोगों पर भारी पड़ने लगी है। भयंकर शीतलहर और गिरते तापमान के बीच नगर निगम द्वारा किए गए दावे कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। 35 दिन पूर्व स्थाई सशक्त समिति में सर्वसम्मति से पारित शहर के 25 स्थानों पर लगाये जाने वाले गैस हीटर योजना बोर्ड की बैठक तक सिमट होकर कर रह गई। जिसके बाद अलाव की स्थिति भी बेहद दयनीय है, जहां गीली और कच्ची लकड़ी डालकर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। वही निगम का इसपर प्रतिदिन का कुल कागजी बजट 45 हजार रुपया है। जबकि दैनिक भास्कर की शनिवार को की गई पड़ताल में शहर के प्रमुख चौक चौराहे किरण चौक, मेहसौल चौक, कारगिल चौक, गाँधी चौक पर अलाव के लिए लकड़ी तक नहीं गिराई गई थी। अब ठंड को लेकर किये जाने आश्रय स्थल के बारे में बताये तो निगम की और चकमहिला बस स्टैड में 25 बेड का अस्थाई रैन बसेरा का निर्माण कराया गया है, हलाकि यहाँ भी अलाव देखने को नहीं मिला। शनिवार को जिला का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, वहीं 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवा ने ठिठुरन और बढ़ा दी है। निगम के और से जहां-तहां कभी कभी अलाव की जो व्यवस्था की गई है, वहां भी कच्ची और गीली लकड़ी डाल दी जा रही है, जिससे आग जलती ही नहीं। लोग अलाव के चारों ओर खड़े होकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते हैं। बतादे की निगम की ओर से 21 दिसंबर से अलाव की व्यवस्था कराई जा रही है, जिसकी अबतक प्रतिदिन कि लागत से 21 दिन में करीबन 9 लाख 45 हजार के अलाव की व्यवस्था पर खर्च किये गए है। कारगिल चौक स्थित के फल दूकानदार संजय कुमार ने बताया की शुरू में दो दिन अलाव गिराया गया था। लेकिन वो जलती नहीं थी, वही 27 दिसंबर से अबतक एक बार भी लकड़ी नहीं गिराई गई है। ^गैस हीटर लगाने का प्रस्ताव स्थाई सशक्त समिति में पास हुआ था। जिसके बाद हीटर को संबंधित एजेंसी द्वारा समय से उपलब्ध न कराये जाने के कारण नहीं लगाया जा सका है। हरी लकड़ी की मिल रही शिकायत पर उस दिन का भुगतान पर रोक लगते हुए जांच के आदेश दिए गए है। निगम द्वारा ठंड को लेकर आश्रय स्थल का निर्माण करवाया गया है। साथ ही जरुरतमंदों के बीच कंबल का वितरण भी किया जा रहा है। – कुलदीप सिन्हा, उप नगर आयुक्त,नगर निगम। अविनाश कुमार| सीतामढ़ी कड़ाके की ठंड से जूझ रहे जिले में नगर निगम की लापरवाही अब आम लोगों पर भारी पड़ने लगी है। भयंकर शीतलहर और गिरते तापमान के बीच नगर निगम द्वारा किए गए दावे कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। 35 दिन पूर्व स्थाई सशक्त समिति में सर्वसम्मति से पारित शहर के 25 स्थानों पर लगाये जाने वाले गैस हीटर योजना बोर्ड की बैठक तक सिमट होकर कर रह गई। जिसके बाद अलाव की स्थिति भी बेहद दयनीय है, जहां गीली और कच्ची लकड़ी डालकर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। वही निगम का इसपर प्रतिदिन का कुल कागजी बजट 45 हजार रुपया है। जबकि दैनिक भास्कर की शनिवार को की गई पड़ताल में शहर के प्रमुख चौक चौराहे किरण चौक, मेहसौल चौक, कारगिल चौक, गाँधी चौक पर अलाव के लिए लकड़ी तक नहीं गिराई गई थी। अब ठंड को लेकर किये जाने आश्रय स्थल के बारे में बताये तो निगम की और चकमहिला बस स्टैड में 25 बेड का अस्थाई रैन बसेरा का निर्माण कराया गया है, हलाकि यहाँ भी अलाव देखने को नहीं मिला। शनिवार को जिला का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, वहीं 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवा ने ठिठुरन और बढ़ा दी है। निगम के और से जहां-तहां कभी कभी अलाव की जो व्यवस्था की गई है, वहां भी कच्ची और गीली लकड़ी डाल दी जा रही है, जिससे आग जलती ही नहीं। लोग अलाव के चारों ओर खड़े होकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते हैं। बतादे की निगम की ओर से 21 दिसंबर से अलाव की व्यवस्था कराई जा रही है, जिसकी अबतक प्रतिदिन कि लागत से 21 दिन में करीबन 9 लाख 45 हजार के अलाव की व्यवस्था पर खर्च किये गए है। कारगिल चौक स्थित के फल दूकानदार संजय कुमार ने बताया की शुरू में दो दिन अलाव गिराया गया था। लेकिन वो जलती नहीं थी, वही 27 दिसंबर से अबतक एक बार भी लकड़ी नहीं गिराई गई है। ^गैस हीटर लगाने का प्रस्ताव स्थाई सशक्त समिति में पास हुआ था। जिसके बाद हीटर को संबंधित एजेंसी द्वारा समय से उपलब्ध न कराये जाने के कारण नहीं लगाया जा सका है। हरी लकड़ी की मिल रही शिकायत पर उस दिन का भुगतान पर रोक लगते हुए जांच के आदेश दिए गए है। निगम द्वारा ठंड को लेकर आश्रय स्थल का निर्माण करवाया गया है। साथ ही जरुरतमंदों के बीच कंबल का वितरण भी किया जा रहा है। – कुलदीप सिन्हा, उप नगर आयुक्त,नगर निगम।


