सहस्त्र चंडी महायज्ञ में 45 जोड़ों ने दीं आहुतियां

सीहोर| गंज स्थित करोली वाली माता मंदिर में सहस्त्र चंडी महायज्ञ जारी है। तीसरे दिन 45 जोड़ों ने हवन में आहुतियां दीं। सभी ने विधि-विधान से यज्ञाचार्य पंडित महादेव शर्मा के मार्गदर्शन में हवन किया। सुबह से श्रद्धालु परिक्रमा करते हैं। देर शाम तक आहुतियों के बाद नगर भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। मंगलवार को कार्यक्रम के अध्यक्ष विवेक राठौर, मुख्य यजमान तरुण राठौर सहित अन्य ने दिव्य अनुष्ठान किया। महायज्ञ में देशभर से आए विप्रजन दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं। सभी धार्मिक मर्यादा का पालन कर रहे हैं। मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया ने बताया, माघ की गुप्त नवरात्रि में सयुंक्त मां कालका उत्सव समिति के तत्वावधान में 27 जनवरी को पूर्णाहुति होगी। यज्ञाचार्य पंडित शर्मा ने बताया, मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है। ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। इनकी उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है। यह स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनंत फल देने वाला है।

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