तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों के 448 छात्रों ने JEE के पहले चरण में क्वालिफाई किया, टॉपर्स में तिरुवन्नामलै और रानीपेट के छात्र शामिल
तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों के छात्रों ने Joint Entrance Examination (JEE) के पहले चरण में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस वर्ष 448 छात्रों ने JEE की पहली परीक्षा में सफलता हासिल की है, जिससे राज्य में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की ताकत एक बार फिर सामने आई है।
क्या है Tamil Nadu Model की कामयाबी की वजह?
तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यमोझी ने इस उपलब्धि को Dravidian Model के तहत सरकारी और मॉडल स्कूलों को दी गई मजबूती का नतीजा बताया। मंत्री ने कहा कि इस मॉडल ने उन छात्रों को भी आत्मविश्वास दिया है, जो कभी शीर्ष संस्थानों के दरवाजे तक भी नहीं पहुंच पाते थे।
टॉप थ्री परफॉर्मर कौन हैं?
इस बार JEE में सर्वोच्च अंक हासिल करने वालों में प्रवीण (तिरुवन्नामलै – 99.53), नरेश (तिरुवन्नामलै – 99.50) और वेलमुरुगन (रानीपेट – 99.42) शामिल हैं। इन छात्रों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों के 2,358 छात्रों ने 93 प्रमुख संस्थानों में दाखिला पाया है। इनमें Indian Institutes of Technology (IITs), National Law Universities (NLUs) और National Institute of Fashion Technology (NIFT) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। वर्तमान में 41 छात्र IITs में पढ़ रहे हैं, जबकि 17 छात्र जापान, ताइवान और मलेशिया की यूनिवर्सिटीज़ में राज्य सरकार की पूरी आर्थिक सहायता के साथ अध्ययन कर रहे हैं।
मॉडल स्कूल्स की भूमिका और विस्तार
2021 से शुरू हुए मॉडल स्कूल इनिशिएटिव के तहत अब तक 39,044 छात्र इन स्कूलों में पढ़ चुके हैं। यह पहल पहले 10 शैक्षिक रूप से पिछड़े जिलों में शुरू हुई थी, जिसे बाद में पूरे तमिलनाडु में फैलाया गया। यहां न केवल अकादमिक तैयारी होती है, बल्कि पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, जीवन कौशल, संगीत, नृत्य, पब्लिक स्पीकिंग, फाइनेंशियल लिटरेसी, सेल्फ-डिफेंस और इंग्लिश कम्युनिकेशन जैसी ट्रेनिंग भी दी जाती है।
छात्रों को मिल रहा है बहुआयामी प्रशिक्षण
मॉडल स्कूल प्रोग्राम के अंतर्गत छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ पारंपरिक और प्रदर्शनकारी कलाओं, संगीत, नृत्य, आत्मरक्षा और अंग्रेजी संवाद जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल में भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। राज्य सरकार की इस पहल ने सरकारी स्कूलों के छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।



