पश्चिम चंपारण के चनपटिया प्रखंड की चुहड़ी पंचायत के खैरवा टोला, वार्ड संख्या-2 में शनिवार देर रात करीब 12 बजे भीषण आग लग गई। इस घटना में लगभग 44 परिवारों के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को सामान निकालने का भी मौका नहीं मिला और पूरा टोला देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गया। शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी की संभावना आग लगने की सूचना मिलते ही करीब आधा दर्जन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक अधिकांश घर जलकर नष्ट हो चुके थे। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी को वजह माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा और प्रखंड विकास पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया। पीड़ितों को खाद्यान्न- कपड़े और आवश्यक सामग्री दी प्रशासन की ओर से तत्काल राहत प्रदान करते हुए प्रत्येक प्रभावित परिवार को 12-12 हजार रुपये का चेक सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, पीड़ितों को खाद्यान्न, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं के तहत हर संभव सहायता का आश्वासन दिया, ताकि वे जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। पश्चिम चंपारण के चनपटिया प्रखंड की चुहड़ी पंचायत के खैरवा टोला, वार्ड संख्या-2 में शनिवार देर रात करीब 12 बजे भीषण आग लग गई। इस घटना में लगभग 44 परिवारों के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को सामान निकालने का भी मौका नहीं मिला और पूरा टोला देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गया। शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी की संभावना आग लगने की सूचना मिलते ही करीब आधा दर्जन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक अधिकांश घर जलकर नष्ट हो चुके थे। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी को वजह माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा और प्रखंड विकास पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया। पीड़ितों को खाद्यान्न- कपड़े और आवश्यक सामग्री दी प्रशासन की ओर से तत्काल राहत प्रदान करते हुए प्रत्येक प्रभावित परिवार को 12-12 हजार रुपये का चेक सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, पीड़ितों को खाद्यान्न, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं के तहत हर संभव सहायता का आश्वासन दिया, ताकि वे जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें।


