अररिया में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत आरएस थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने 44 ग्राम स्मैक बरामद करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के निर्देश पर की गई, जिन्होंने जिले में नशा तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चला रखा है। पुलिस की इस कार्रवाई से नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, जबकि स्थानीय लोगों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की है। गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई आरएस थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के हड़ियाबारा वार्ड संख्या–05 निवासी मोहम्मद अम्मार आलम (25 वर्ष), पिता बाजउद्दीन, अपने घर से अवैध रूप से स्मैक की खरीद-बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया और त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई गई। पुलिस को देख भागने लगे आरोपी पुलिस दल जब हड़ियाबारा वार्ड संख्या–05 स्थित मोहम्मद अम्मार आलम के घर पहुंचा, तो वहां मौजूद तीन लोग पुलिस की आहट सुनकर भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अम्मार आलम (25 वर्ष), मोहम्मद रईसुद्दीन (32 वर्ष), पिता जाकरीउद्दीन, निवासी हड़ियाबारा वार्ड संख्या–06 तथा मोहम्मद आफताब आरजु (21 वर्ष), पिता मुसब्बीर, निवासी रजोखर वार्ड संख्या–01 के रूप में की गई है। तीनों आरोपी आरएस थाना क्षेत्र के ही रहने वाले बताए गए हैं। घर की तलाशी में बरामद हुई स्मैक गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने विधिसम्मत तरीके से घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बिछावन के नीचे से एक प्लास्टिक पन्नी में लिपटी 44 ग्राम स्मैक बरामद की गई। इसके अलावा मौके से 1360 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस का मानना है कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल स्मैक की खरीद-बिक्री और ग्राहकों से संपर्क के लिए किया जाता था। पूछताछ में किया अपराध कबूल पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अवैध स्मैक के कारोबार में संलिप्तता कबूल की है। आरोपियों ने बताया कि वे लंबे समय से इस गैरकानूनी धंधे से जुड़े हुए थे और स्थानीय स्तर पर स्मैक की आपूर्ति करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्मैक की सप्लाई कहां से होती थी और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े नेटवर्क जुड़े हुए हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज बरामद स्मैक को जब्त करते हुए तीनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। इस संबंध में आरएस थाना में कांड संख्या 15/26 दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है और यदि इनके तार किसी बड़े नशा तस्कर गिरोह से जुड़े पाए गए, तो उस दिशा में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। छापामारी दल की अहम भूमिका इस पूरी कार्रवाई में छापामारी दल की अहम भूमिका रही। छापामारी दल में आरएस थानाध्यक्ष अंकुर कुमार, अपर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, नागेंद्र कुमार सिंह, त्रिपुरारी कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। एसपी के नेतृत्व में अभियान जारी पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में अररिया जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नशा कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना पुलिस की प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने की सराहना आरएस थाना पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि नशे की वजह से इलाके में अपराध और सामाजिक समस्याएं बढ़ रही थीं। पुलिस की इस कार्रवाई से नशा कारोबारियों पर लगाम लगेगी और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। स्थानीय लोगों ने पुलिस से इसी तरह अभियान को लगातार जारी रखने की मांग की है। नशामुक्ति की दिशा में अहम कदम कुल मिलाकर आरएस थाना पुलिस की यह कार्रवाई नशामुक्त अररिया की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न इलाकों में सघन छापेमारी अभियान चलाया जाएगा, ताकि नशा तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ा जा सके। अररिया में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत आरएस थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने 44 ग्राम स्मैक बरामद करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के निर्देश पर की गई, जिन्होंने जिले में नशा तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चला रखा है। पुलिस की इस कार्रवाई से नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, जबकि स्थानीय लोगों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की है। गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई आरएस थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के हड़ियाबारा वार्ड संख्या–05 निवासी मोहम्मद अम्मार आलम (25 वर्ष), पिता बाजउद्दीन, अपने घर से अवैध रूप से स्मैक की खरीद-बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया और त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई गई। पुलिस को देख भागने लगे आरोपी पुलिस दल जब हड़ियाबारा वार्ड संख्या–05 स्थित मोहम्मद अम्मार आलम के घर पहुंचा, तो वहां मौजूद तीन लोग पुलिस की आहट सुनकर भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अम्मार आलम (25 वर्ष), मोहम्मद रईसुद्दीन (32 वर्ष), पिता जाकरीउद्दीन, निवासी हड़ियाबारा वार्ड संख्या–06 तथा मोहम्मद आफताब आरजु (21 वर्ष), पिता मुसब्बीर, निवासी रजोखर वार्ड संख्या–01 के रूप में की गई है। तीनों आरोपी आरएस थाना क्षेत्र के ही रहने वाले बताए गए हैं। घर की तलाशी में बरामद हुई स्मैक गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने विधिसम्मत तरीके से घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बिछावन के नीचे से एक प्लास्टिक पन्नी में लिपटी 44 ग्राम स्मैक बरामद की गई। इसके अलावा मौके से 1360 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस का मानना है कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल स्मैक की खरीद-बिक्री और ग्राहकों से संपर्क के लिए किया जाता था। पूछताछ में किया अपराध कबूल पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अवैध स्मैक के कारोबार में संलिप्तता कबूल की है। आरोपियों ने बताया कि वे लंबे समय से इस गैरकानूनी धंधे से जुड़े हुए थे और स्थानीय स्तर पर स्मैक की आपूर्ति करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्मैक की सप्लाई कहां से होती थी और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े नेटवर्क जुड़े हुए हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज बरामद स्मैक को जब्त करते हुए तीनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। इस संबंध में आरएस थाना में कांड संख्या 15/26 दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है और यदि इनके तार किसी बड़े नशा तस्कर गिरोह से जुड़े पाए गए, तो उस दिशा में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। छापामारी दल की अहम भूमिका इस पूरी कार्रवाई में छापामारी दल की अहम भूमिका रही। छापामारी दल में आरएस थानाध्यक्ष अंकुर कुमार, अपर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, नागेंद्र कुमार सिंह, त्रिपुरारी कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। एसपी के नेतृत्व में अभियान जारी पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में अररिया जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नशा कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना पुलिस की प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने की सराहना आरएस थाना पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि नशे की वजह से इलाके में अपराध और सामाजिक समस्याएं बढ़ रही थीं। पुलिस की इस कार्रवाई से नशा कारोबारियों पर लगाम लगेगी और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। स्थानीय लोगों ने पुलिस से इसी तरह अभियान को लगातार जारी रखने की मांग की है। नशामुक्ति की दिशा में अहम कदम कुल मिलाकर आरएस थाना पुलिस की यह कार्रवाई नशामुक्त अररिया की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न इलाकों में सघन छापेमारी अभियान चलाया जाएगा, ताकि नशा तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ा जा सके।


