चलती ट्रेन से लूटा गया 41.75 किलोग्राम सोना बरामद:SHO के कमरे में हुई थी लूटे गए गोल्ड की डील, खेप खरीदने वाला कारोबारी भी गिरफ्तार

चलती ट्रेन से लूटा गया 41.75 किलोग्राम सोना बरामद:SHO के कमरे में हुई थी लूटे गए गोल्ड की डील, खेप खरीदने वाला कारोबारी भी गिरफ्तार

गयाजी में चलती ट्रेन से लूटा गया 41.75 किलोग्राम सोना पुलिस ने बरामद कर लिया है। रेल थाना गया कांड संख्या 334/25 के तहत दर्ज सोना लूट मामले का पटना रेल डीएसपी भास्कर रंजन ने मंगलवार देर शाम खुलासा किया। लूटे गए सोने की खरीदारी करने वाले ज्वेलर्स को भी रेल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी से पुलिस को अहम इनपुट मिले हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 21 नवंबर 2025 को मानपुर के पास गोल्ड कैरियर से सोना लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। गोल्ड कारोबारी की ओर से शिकायत के बाद 29 नवंबर 2025 को रेल थाना गया में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था। जांच में सामने आया कि वारदात में रेल थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमात के साथ-साथ एक सिपाही और दो अन्य शामिल हैं। खुलासे के बाद पटना रेल एसपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए रेल पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया। चाकंद थाना क्षेत्र के आरओ प्लांट में काटा गया था सोना एसआईटी की जांच में सामने आया कि लूटे गए सोने को चाकंद थाना क्षेत्र स्थित परवेज आलम के आरओ प्लांट में काटा गया था। जांच आगे बढ़ने पर गया शहर के टावर चौक सर्राफा बाजार स्थित “गोल्ड हाउस” नाम के ज्वेलरी शॉप के मालिक मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू की भूमिका भी उजागर हुई। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि तत्कालीन थानाध्यक्ष ने मोहित अग्रवाल को अपने आवास पर बुलाया था, जहां पहले से परवेज आलम मौजूद था। पूछताछ के दौरान मोहित अग्रवाल ने स्वीकार किया कि उसने 98 ग्राम सोना तत्कालीन थानाध्यक्ष से खरीदा था, जिसके एवज में उसने उस समय के बाजार दर के अनुसार 11 लाख 28 हजार रुपए का भुगतान किया। आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर एसआईटी टीम ने छापेमारी की, जिसमें मोहित अग्रवाल के आवास से आलमीरा में रखे 41.75 ग्राम सोने की बरामदगी की गई जो लूटे गए सोने का हिस्सा था। शेष सोना आभूषण बनाकर ग्राहकों को बेच देने की बात भी सामने आई है। सबूतों के आधार पर रेल थाना अध्यक्ष और 4 सिपाहियों को सस्पेंड किया था उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तत्कालीन रेल थानाध्यक्ष और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद थानाध्यक्ष को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अब मोहित अग्रवाल को भी अप्राथमिकी अभियुक्त मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। रेल पुलिस का कहना है कि कांड में संलिप्त अन्य लोगों की गिरफ्तारी और शेष लूटे गए सोने की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गौरतलब है कि पकड़ा गया मोहित अग्रवाल गया जिला के ज्वेलर्स एसोसिएशन का कोषाध्यक्ष है। उसकी भूमिका पूर्व से भी संदिग्ध रही है। मामले में प्राथमिक अभियुक्त थाना अध्यक्ष राजेश सिंह की जमानत भी हो गई खास बात यह भी इस कांड के प्राथमिक अभियुक्त थानाध्यक्ष राजेश सिंह की जमानत भी हो गई है। इस बाबत जब डीएसपी भास्कर रजंन से यह पूछा गया कि आरोपी के खिलाफ तमाम पुख्ता सबूत के दावे किए जा रहे हैं। इसके बाद आरोपी की जमानत हो गई। ऐसे में कहीं कोई कमी रह गई थी क्या। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह मामला कोर्ट का है। इस पर हम कुछ नहीं कह सकते। वहीं जब उनसे यह पूछा गया कि जिस व्यक्ति का सोना लूटा गया। क्या उसने पुलिस को सोना से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सोने के मालिक ने पटना हाई कोर्ट में खरीदे गए सोना का दस्तावेज दाखिल किया है। साथ मे उसने कोर्ट को हवाला दिया है कि करीब एक किलो सोना बिहार में लूट लिया गया है। गयाजी में चलती ट्रेन से लूटा गया 41.75 किलोग्राम सोना पुलिस ने बरामद कर लिया है। रेल थाना गया कांड संख्या 334/25 के तहत दर्ज सोना लूट मामले का पटना रेल डीएसपी भास्कर रंजन ने मंगलवार देर शाम खुलासा किया। लूटे गए सोने की खरीदारी करने वाले ज्वेलर्स को भी रेल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी से पुलिस को अहम इनपुट मिले हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 21 नवंबर 2025 को मानपुर के पास गोल्ड कैरियर से सोना लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। गोल्ड कारोबारी की ओर से शिकायत के बाद 29 नवंबर 2025 को रेल थाना गया में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था। जांच में सामने आया कि वारदात में रेल थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमात के साथ-साथ एक सिपाही और दो अन्य शामिल हैं। खुलासे के बाद पटना रेल एसपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए रेल पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया। चाकंद थाना क्षेत्र के आरओ प्लांट में काटा गया था सोना एसआईटी की जांच में सामने आया कि लूटे गए सोने को चाकंद थाना क्षेत्र स्थित परवेज आलम के आरओ प्लांट में काटा गया था। जांच आगे बढ़ने पर गया शहर के टावर चौक सर्राफा बाजार स्थित “गोल्ड हाउस” नाम के ज्वेलरी शॉप के मालिक मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू की भूमिका भी उजागर हुई। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि तत्कालीन थानाध्यक्ष ने मोहित अग्रवाल को अपने आवास पर बुलाया था, जहां पहले से परवेज आलम मौजूद था। पूछताछ के दौरान मोहित अग्रवाल ने स्वीकार किया कि उसने 98 ग्राम सोना तत्कालीन थानाध्यक्ष से खरीदा था, जिसके एवज में उसने उस समय के बाजार दर के अनुसार 11 लाख 28 हजार रुपए का भुगतान किया। आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर एसआईटी टीम ने छापेमारी की, जिसमें मोहित अग्रवाल के आवास से आलमीरा में रखे 41.75 ग्राम सोने की बरामदगी की गई जो लूटे गए सोने का हिस्सा था। शेष सोना आभूषण बनाकर ग्राहकों को बेच देने की बात भी सामने आई है। सबूतों के आधार पर रेल थाना अध्यक्ष और 4 सिपाहियों को सस्पेंड किया था उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तत्कालीन रेल थानाध्यक्ष और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद थानाध्यक्ष को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अब मोहित अग्रवाल को भी अप्राथमिकी अभियुक्त मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। रेल पुलिस का कहना है कि कांड में संलिप्त अन्य लोगों की गिरफ्तारी और शेष लूटे गए सोने की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गौरतलब है कि पकड़ा गया मोहित अग्रवाल गया जिला के ज्वेलर्स एसोसिएशन का कोषाध्यक्ष है। उसकी भूमिका पूर्व से भी संदिग्ध रही है। मामले में प्राथमिक अभियुक्त थाना अध्यक्ष राजेश सिंह की जमानत भी हो गई खास बात यह भी इस कांड के प्राथमिक अभियुक्त थानाध्यक्ष राजेश सिंह की जमानत भी हो गई है। इस बाबत जब डीएसपी भास्कर रजंन से यह पूछा गया कि आरोपी के खिलाफ तमाम पुख्ता सबूत के दावे किए जा रहे हैं। इसके बाद आरोपी की जमानत हो गई। ऐसे में कहीं कोई कमी रह गई थी क्या। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह मामला कोर्ट का है। इस पर हम कुछ नहीं कह सकते। वहीं जब उनसे यह पूछा गया कि जिस व्यक्ति का सोना लूटा गया। क्या उसने पुलिस को सोना से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सोने के मालिक ने पटना हाई कोर्ट में खरीदे गए सोना का दस्तावेज दाखिल किया है। साथ मे उसने कोर्ट को हवाला दिया है कि करीब एक किलो सोना बिहार में लूट लिया गया है।  

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