गया में SC-ST पीड़ितों को 40.52 लाख मुआवजा स्वीकृत:जिलाधिकारी ने दिया आदेश, 54 लाभार्थियों के लिए राशि जारी होगी

गया में SC-ST पीड़ितों को 40.52 लाख मुआवजा स्वीकृत:जिलाधिकारी ने दिया आदेश, 54 लाभार्थियों के लिए राशि जारी होगी

गया में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) समुदाय के लोगों को अत्याचार से सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत जिला प्रशासन ने 54 पीड़ितों के लिए कुल 40,52,850 रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि यह राशि गया के विभिन्न थानों से प्राप्त प्राथमिकियों और आरोप पत्रों की समीक्षा के बाद स्वीकृत की गई है। कुल 54 मामलों में से 19 मामलों में 8,02,850 रुपये प्रथम किस्त के रूप में दिए गए हैं, जबकि 35 मामलों में 32,50,000 रुपये द्वितीय किस्त के तौर पर स्वीकृत किए गए हैं। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि यह अधिनियम SC-ST समुदाय के लोगों के साथ होने वाले अत्याचारों को रोकने और पीड़ितों को राहत देने के लिए प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत विभिन्न प्रकार के अपराधों के लिए अलग-अलग राहत राशि का प्रावधान है। दो लाख रुपये की सहायता राशि निर्धारित उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति के साथ जातिसूचक गाली-गलौज या सार्वजनिक अपमान होता है, तो धारा 3(1)(r)(s) के तहत कुल एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसमें प्राथमिकी दर्ज होने पर 25 प्रतिशत, न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल होने पर 50 प्रतिशत और दोष सिद्ध होने पर शेष 25 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाता है। इसी तरह, मारपीट या गंभीर चोट के मामलों में धारा 3(2)(va) के तहत दो लाख रुपये की सहायता राशि निर्धारित है। बलात्कार और सामूहिक बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में क्रमशः पांच लाख रुपये और आठ लाख पच्चीस हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है। इसमें चिकित्सकीय जांच और पुष्टि के बाद 50 प्रतिशत राशि, आरोप पत्र दाखिल होने के बाद 25 प्रतिशत और दोष सिद्ध होने के बाद शेष 25 प्रतिशत राशि पीड़िता को प्रदान की जाती है। हत्या या मृत्यु के मामलों में कुल आठ लाख पच्चीस हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसमें पोस्टमार्टम के बाद 50 प्रतिशत और आरोप पत्र दाखिल होने के बाद शेष 50 प्रतिशत राशि पीड़ित के आश्रितों को प्रदान की जाती है। इसके अलावा आश्रित परिवार को 5000 रुपये और महंगाई भत्ते के साथ मासिक पेंशन और न्यायालय में आरोप गठन के बाद परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने का भी प्रावधान है। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी स्वीकृत राशि लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना 1800 छात्रों को राशि हस्तांतरित, 16 मार्च तक जमा करें आवश्यक दस्तावेज गया जिले में शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चल रही मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक लगभग 1800 पात्र छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में प्रोत्साहन राशि भेजी जा चुकी है। हालांकि लगभग 300 लाभार्थियों का विवरण उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके खाते में राशि नहीं भेजी जा सकी है। यह योजना साल 2025 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से इंटरमीडिएट प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण अल्पसंख्यक छात्राओं औरबिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से मौलवी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही है। इसके तहत मुस्लिम छात्राओं को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। फौकानियां प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। जिला प्रशासन ने 16 मार्च 2026 तक अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित तिथि के बाद किसी भी लाभार्थी का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी पात्र छात्र-छात्राओं को समय रहते अपने दस्तावेज जमा कर योजना का लाभ उठाने की अपील की गई है। गया में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) समुदाय के लोगों को अत्याचार से सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत जिला प्रशासन ने 54 पीड़ितों के लिए कुल 40,52,850 रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि यह राशि गया के विभिन्न थानों से प्राप्त प्राथमिकियों और आरोप पत्रों की समीक्षा के बाद स्वीकृत की गई है। कुल 54 मामलों में से 19 मामलों में 8,02,850 रुपये प्रथम किस्त के रूप में दिए गए हैं, जबकि 35 मामलों में 32,50,000 रुपये द्वितीय किस्त के तौर पर स्वीकृत किए गए हैं। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि यह अधिनियम SC-ST समुदाय के लोगों के साथ होने वाले अत्याचारों को रोकने और पीड़ितों को राहत देने के लिए प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत विभिन्न प्रकार के अपराधों के लिए अलग-अलग राहत राशि का प्रावधान है। दो लाख रुपये की सहायता राशि निर्धारित उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति के साथ जातिसूचक गाली-गलौज या सार्वजनिक अपमान होता है, तो धारा 3(1)(r)(s) के तहत कुल एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसमें प्राथमिकी दर्ज होने पर 25 प्रतिशत, न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल होने पर 50 प्रतिशत और दोष सिद्ध होने पर शेष 25 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाता है। इसी तरह, मारपीट या गंभीर चोट के मामलों में धारा 3(2)(va) के तहत दो लाख रुपये की सहायता राशि निर्धारित है। बलात्कार और सामूहिक बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में क्रमशः पांच लाख रुपये और आठ लाख पच्चीस हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है। इसमें चिकित्सकीय जांच और पुष्टि के बाद 50 प्रतिशत राशि, आरोप पत्र दाखिल होने के बाद 25 प्रतिशत और दोष सिद्ध होने के बाद शेष 25 प्रतिशत राशि पीड़िता को प्रदान की जाती है। हत्या या मृत्यु के मामलों में कुल आठ लाख पच्चीस हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसमें पोस्टमार्टम के बाद 50 प्रतिशत और आरोप पत्र दाखिल होने के बाद शेष 50 प्रतिशत राशि पीड़ित के आश्रितों को प्रदान की जाती है। इसके अलावा आश्रित परिवार को 5000 रुपये और महंगाई भत्ते के साथ मासिक पेंशन और न्यायालय में आरोप गठन के बाद परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने का भी प्रावधान है। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी स्वीकृत राशि लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना 1800 छात्रों को राशि हस्तांतरित, 16 मार्च तक जमा करें आवश्यक दस्तावेज गया जिले में शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चल रही मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक लगभग 1800 पात्र छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में प्रोत्साहन राशि भेजी जा चुकी है। हालांकि लगभग 300 लाभार्थियों का विवरण उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके खाते में राशि नहीं भेजी जा सकी है। यह योजना साल 2025 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से इंटरमीडिएट प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण अल्पसंख्यक छात्राओं औरबिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से मौलवी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही है। इसके तहत मुस्लिम छात्राओं को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। फौकानियां प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। जिला प्रशासन ने 16 मार्च 2026 तक अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित तिथि के बाद किसी भी लाभार्थी का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी पात्र छात्र-छात्राओं को समय रहते अपने दस्तावेज जमा कर योजना का लाभ उठाने की अपील की गई है।  

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