दौसा/बांदीकुई। ग्राम पंचायत ऊनबड़ा की रामदेवा की ढाणी से 16 अगस्त 2020 को लापता हुए चार वर्षीय प्रिंस उर्फ टिल्लू के मामले में साढ़े पांच साल बाद बड़ा खुलासा सामने आया है। जिस मासूम की तलाश में परिवार वर्षों तक दर-दर भटकता रहा, अब उसी के पड़ोसी रिश्तेदार पर हत्या कर प्रिंस का शव दफनाने का आरोप लगा है।
गांव में हत्या की चर्चा फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई। पीड़ित परिवार के घर लोगों का तांता लग गया। मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दुबई में मजदूरी कर रहे पिता को सूचना दे दी गई है और उनके घर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। गांव में कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई कार्रवाई
परिजनों ने दो वर्ष पूर्व हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। लंबे समय तक जांच ठंडी रहने के बाद कोर्ट की सख्त टिप्पणी और बच्चे को हर हाल में बरामद करने के निर्देश के बाद पुलिस हरकत में आई। मामले में अब तक करीब दस जांच अधिकारी बदल चुके हैं, लेकिन ठोस नतीजा नहीं निकल सका था।

पड़ोसी हिरासत में, पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार
पुलिस ने शक के आधार पर पड़ोसी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने प्रिंस की हत्या कर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास शव दफनाने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर जेसीबी से खुदाई कराई गई, लेकिन अब तक शव बरामद नहीं हुआ है।
बच्चे की तलाश में परिवार के साथ गया था हत्यारा
परिजनों का कहना है कि आरोपी रिश्ते में चाचा लगता है और पुरानी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया गया। हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद वह करीब एक साल तक परिवार के साथ विभिन्न शहरों में बच्चे की तलाश में भी गया, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
पुलिस का बयान: साक्ष्य जुटाना चुनौती
दौसा एसपी सागर राणा ने बताया कि मामला आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत होता है। आरोपी की निशानदेही पर सर्च ऑपरेशन जारी है। घटना के समय एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन था, जिससे साक्ष्य जुटाने में कठिनाई आ रही है। पुराने मामले में शव के पूरी तरह डिकंपोज होने की आशंका भी जताई गई है। फिलहाल पुलिस शव बरामदगी और पुख्ता साक्ष्य जुटाने के प्रयास में जुटी है। गांव में मातम पसरा है और परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है।


