नालंदा के शीतला माता मंदिर में मंगलवार को भगदड़ मच गई थी। जिसमें 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, 8 घायल हुए थे। जिनका इलाज बिहार शरीफ सदर अस्पताल में चल रहा है। दीपनगर थाने की पुलिस अधिकारी मौसमी कुमारी के लिखित आवेदन पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष समेत 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। आरोप है कि मंदिर समिति ने मेला या भीड़ प्रबंधन की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी थी। गर्भगृह के पास जानबूझकर अवरोध पैदा किया गया ताकि, अवैध वसूली की जा सके। भीड़ को नियंत्रित करने की जगह श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की गई। अब तक इस मामले में नामजद 4 पुजारी अनुज कुमार पांडे, अवधेश कुमार मिश्रा, विवेकानंद पांडे, निरंजन कुमार पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। श्रद्धालुओं पर डंडे चलाए गए पुलिस के अनुसार, घटना सुबह करीब 10:00 बजे की है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। आरोप है कि मंदिर के पंडा और पुजारियों की ओर से अवैध रूप से पैसे लेकर पूजा कराई जा रही थी। गर्भगृह के पास बांस लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया था। जब महिलाओं ने गर्भगृह में घुसने का प्रयास किया, तो वहां लगे बांस के कारण अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के दबाव में कुछ महिलाएं गिर गईं, जिनके ऊपर से अन्य लोग गुजर गए। सीसीटीवी फुटेज में पंडा समाज के कुछ लोगों की ओर से श्रद्धालुओं पर डंडा चलाने की बात भी सामने आई है, जिससे भगदड़ और अधिक भड़क गई।
इन महिलाओं की हुई जांच इस हादसे में जान गंवाने वाली 8 महिलाओं की पहचान हो गई है, जिनमें कांति देवी, मालो देवी, क्रियंता देवी, रीता देवी, देवंती देवी, रेखा देवी, गुड़िया देवी और आशा देवी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह हादसा पूरी तरह से कुप्रबंधन और लापरवाही का नतीजा है। मामले की जांच बिमलेश कुमार को सौंपी गई है। नालंदा के शीतला माता मंदिर में मंगलवार को भगदड़ मच गई थी। जिसमें 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, 8 घायल हुए थे। जिनका इलाज बिहार शरीफ सदर अस्पताल में चल रहा है। दीपनगर थाने की पुलिस अधिकारी मौसमी कुमारी के लिखित आवेदन पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष समेत 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। आरोप है कि मंदिर समिति ने मेला या भीड़ प्रबंधन की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी थी। गर्भगृह के पास जानबूझकर अवरोध पैदा किया गया ताकि, अवैध वसूली की जा सके। भीड़ को नियंत्रित करने की जगह श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की गई। अब तक इस मामले में नामजद 4 पुजारी अनुज कुमार पांडे, अवधेश कुमार मिश्रा, विवेकानंद पांडे, निरंजन कुमार पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। श्रद्धालुओं पर डंडे चलाए गए पुलिस के अनुसार, घटना सुबह करीब 10:00 बजे की है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। आरोप है कि मंदिर के पंडा और पुजारियों की ओर से अवैध रूप से पैसे लेकर पूजा कराई जा रही थी। गर्भगृह के पास बांस लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया था। जब महिलाओं ने गर्भगृह में घुसने का प्रयास किया, तो वहां लगे बांस के कारण अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के दबाव में कुछ महिलाएं गिर गईं, जिनके ऊपर से अन्य लोग गुजर गए। सीसीटीवी फुटेज में पंडा समाज के कुछ लोगों की ओर से श्रद्धालुओं पर डंडा चलाने की बात भी सामने आई है, जिससे भगदड़ और अधिक भड़क गई।
इन महिलाओं की हुई जांच इस हादसे में जान गंवाने वाली 8 महिलाओं की पहचान हो गई है, जिनमें कांति देवी, मालो देवी, क्रियंता देवी, रीता देवी, देवंती देवी, रेखा देवी, गुड़िया देवी और आशा देवी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह हादसा पूरी तरह से कुप्रबंधन और लापरवाही का नतीजा है। मामले की जांच बिमलेश कुमार को सौंपी गई है।


