दरभंगा में सोमवार को पेट्रोल पंप भीड़ बढ़ गई। ऐसा इसलिए कि शहर में 10 पेट्रोल पंप हैं, इनमें से 4 बंद हैं। इसलिए सारा लोड 6 पेट्रोल पंप पर आ गया। बताया जा रहा कि बरौनी रिफाइनरी से सप्लाई नहीं हुई। इसका कारण रामनवमी, सेकेंड शनिवार और रविवार की छुट्टियां बताई जा रही है। बैंक बंद होने से भुगतान नहीं हो पाया था। हालांकि पेट्रोल पंप को बंद होता देख लोग कंफ्यूज हो रहे हैं। वे सोच रहे हैं कि पेट्रोल खत्म होने के कारण पंप बंद हैं। इसलिए जो भी पंप खुले हैं। वहां चले जा रहे हैं। इस कारण पेट्रोल पंप पर लंबी लाइन लग रही है। इस वजह से सड़क भी जाम हो गया। पेट्रोल लेने के लिए 1 घंटे तक खड़े रहना पड़ा। भीड़ के कारण पुलिस बल को भी तैनात किया गया है। वहीं, जिले में 18 प्रखंड हैं। हर प्रखंड में 3-4 पंप हैं। इनमें से 1 पंप बंद हैं। पेट्रोल के लिए ग्रामीण इलाकों में भी लोग काफी परेशान हैं।
पेट्रोल लेने पहुंचे लोगों ने क्या कहा, पंप के संचालक-कर्मियों की परेशानियां और प्रशासन क्या कह रहा, पढ़िए रिपोर्ट… पहले पेट्रोल पंप से कुछ तस्वीरें… शहर के लोगों ने बताई अपनी परेशानियां, समाधान भी बताया… पेट्रोल पंप संचालक साफ कहें, पेट्रोल है या नहीं स्कूटी में पेट्रोल डलवाने पहुंची अंशिका ने कहा कि बहुत कंफ्यूजन है। कोई कहता है पेट्रोल खत्म हो चुका है, तो कोई कह रहा है कि शाम 5 बजे के बाद मिलेगा। कुछ लोग मशीन खराब होने की बात भी कर रहे हैं।
पेट्रोल नहीं है तो पेट्रोल पंप संचालक को साफ सूचना देनी चाहिए, ताकि लोग बेवजह लाइन में खड़े होकर परेशान न हों। घर से निकली तो रास्ते में जाम में फंस गईं। करीब 2 घंटे जाम में रहने के बाद पंप पर पहुंची, पर पेट्रोल नहीं मिला। बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े हैं, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई है। अस्पताल जाने वाले, ड्यूटी पर जाने वाले और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। पेट्रोल पंपों की टाइमिंग तय करना जरूरी तनिष्क राज ने कहा कि शहर में इस तरह की अफरातफरी से बचने के लिए पेट्रोल पंपों की टाइमिंग तय करना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि शहर के सभी पेट्रोल पंप संचालक अपने-अपने पंप का समय फिक्स करें और उसे सार्वजनिक रूप से जारी करें।
अगर हर पेट्रोल पंप का खुलने और बंद होने का समय अखबारों और अन्य माध्यमों में प्रकाशित किया जाएगा, तो आम लोगों को सही जानकारी मिल सकेगी और बेवजह भीड़ नहीं लगेगी। अभी स्थिति यह है कि लोगों को यह पता ही नहीं होता कि किस पंप पर कब पेट्रोल मिलेगा, जिसके कारण सभी लोग एक साथ पहुंच जाते हैं और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है।
अगर प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालक मिलकर एक तय समय-सारणी जारी करें, तो इससे आम जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनेगा और ऐसी परेशानी से बचा जा सकेगा।
एक घंटे लाइन में रही, फिर बोला पेट्रोल खत्म स्वीटी कुमारी ने कहा कि दरभंगा शहर में लोगों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ शहर में वन-वे ट्रैफिक सिस्टम की वजह से लोगों का समय और पेट्रोल दोनों अधिक खर्च हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अब पेट्रोल पंपों पर परेशानी है।
मैं करीब एक घंटे पहले पेट्रोल लेने के लिए लाइन में लगी थीं, लेकिन अब बताया जा रहा है कि पेट्रोल खत्म हो चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि लोग अपने जरूरी कामों के लिए कैसे जाएं।
पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल की समस्या लगातार बनी हुई है। प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों से मांग है कि इस समस्या का जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और शहर में सामान्य स्थिति बहाल हो सके। कल नई खेप पहुंच जाएगी, फिर परेशानी नहीं होगी पेट्रोल पंप पॉपुलर ऑटोमोबाइल के मैनेजर गुलाब रब्बानी ने बताया कि शहर के तीन-चार पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हुई है। जिसके कारण हमारे पेट्रोल पंप पर अचानक भीड़ लग गई। हमारे यहां फिलहाल पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल है, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है। इसी वजह से भीड़ को संभालने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेट्रोल पंप को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लेना पड़ रहा है। रिफाइनरी से शनिवार को सप्लाई नहीं मिली। इसी कारण शहर के कई पंपों पर आपूर्ति प्रभावित हुई। पेट्रोल की नई खेप कल पहुंच जाएगी और उसके बाद आपूर्ति फिर से सामान्य हो जाएगी। कल से न तो पेट्रोल की कोई कमी रहेगी और न ही डीजल की।
एक दिन में सब सामान्य हो जाएगा- एसडीएम सदर एसडीएम विकास कुमार ने कहा कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है। मैंने खुद शहर में स्थिति का जायजा लिया है। पेट्रोल पंपों पर तेल उपलब्ध है, लेकिन लोगों की भीड़ के कारण लाइनें लगी हैं।
कुछ पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से बंद जरूर हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण बीते तीन दिनों में आपूर्ति बाधित होना है। उन्होंने बताया कि रिफाइनरी से जहां से पेट्रोल आता है, वहां रामनवमी, सेकेंड शनिवार और रविवार की छुट्टियों के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई, जिससे समय पर आपूर्ति नहीं हो सकी। एरिया सेल्स मैनेजर से बातचीत के बाद दरभंगा की मांग पूरी की जाएगी। अधिकतम एक दिन में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। बोतल या डिब्बे में पेट्रोल-डीजल देने पर पहले से ही रोक है और यदि कोई स्टोरेज या कालाबाजारी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन पेट्रोल पंपों पर तेल उपलब्ध होने के बावजूद वितरण रोका गया था, वहां पुलिस बल की तैनाती कर दोबारा आपूर्ति शुरू करा दी गई है। बिरौल में 27 मार्च से पंप बंद, कालाबाजारी बिरौल प्रखंड के सुपौल बाजार स्थित पुराना पेट्रोल पंप बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पंप 27 मार्च से ही बंद है, जबकि कर्मियों का कहना है कि 28 मार्च से आपूर्ति बाधित है। कर्मियों ने नाम बताने से भी इनकार किया।
पंप परिसर को बांस-बल्ली से घेर दिया गया है। कर्मियों का कहना है कि पेट्रोल टैंकर में लोड नहीं होने के कारण आपूर्ति ठप है। उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार तक पंप दोबारा चालू हो सकता है।
कुछ लोग अवैध रूप से बोतलों में पेट्रोल भरकर 140 से 150 रुपए प्रति लीटर तक बेच रहे हैं। बिरौल के एसडीओ शशांक राज ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही अवैध बिक्री पर कार्रवाई की जाएगी। दरभंगा में सोमवार को पेट्रोल पंप भीड़ बढ़ गई। ऐसा इसलिए कि शहर में 10 पेट्रोल पंप हैं, इनमें से 4 बंद हैं। इसलिए सारा लोड 6 पेट्रोल पंप पर आ गया। बताया जा रहा कि बरौनी रिफाइनरी से सप्लाई नहीं हुई। इसका कारण रामनवमी, सेकेंड शनिवार और रविवार की छुट्टियां बताई जा रही है। बैंक बंद होने से भुगतान नहीं हो पाया था। हालांकि पेट्रोल पंप को बंद होता देख लोग कंफ्यूज हो रहे हैं। वे सोच रहे हैं कि पेट्रोल खत्म होने के कारण पंप बंद हैं। इसलिए जो भी पंप खुले हैं। वहां चले जा रहे हैं। इस कारण पेट्रोल पंप पर लंबी लाइन लग रही है। इस वजह से सड़क भी जाम हो गया। पेट्रोल लेने के लिए 1 घंटे तक खड़े रहना पड़ा। भीड़ के कारण पुलिस बल को भी तैनात किया गया है। वहीं, जिले में 18 प्रखंड हैं। हर प्रखंड में 3-4 पंप हैं। इनमें से 1 पंप बंद हैं। पेट्रोल के लिए ग्रामीण इलाकों में भी लोग काफी परेशान हैं।
पेट्रोल लेने पहुंचे लोगों ने क्या कहा, पंप के संचालक-कर्मियों की परेशानियां और प्रशासन क्या कह रहा, पढ़िए रिपोर्ट… पहले पेट्रोल पंप से कुछ तस्वीरें… शहर के लोगों ने बताई अपनी परेशानियां, समाधान भी बताया… पेट्रोल पंप संचालक साफ कहें, पेट्रोल है या नहीं स्कूटी में पेट्रोल डलवाने पहुंची अंशिका ने कहा कि बहुत कंफ्यूजन है। कोई कहता है पेट्रोल खत्म हो चुका है, तो कोई कह रहा है कि शाम 5 बजे के बाद मिलेगा। कुछ लोग मशीन खराब होने की बात भी कर रहे हैं।
पेट्रोल नहीं है तो पेट्रोल पंप संचालक को साफ सूचना देनी चाहिए, ताकि लोग बेवजह लाइन में खड़े होकर परेशान न हों। घर से निकली तो रास्ते में जाम में फंस गईं। करीब 2 घंटे जाम में रहने के बाद पंप पर पहुंची, पर पेट्रोल नहीं मिला। बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े हैं, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई है। अस्पताल जाने वाले, ड्यूटी पर जाने वाले और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। पेट्रोल पंपों की टाइमिंग तय करना जरूरी तनिष्क राज ने कहा कि शहर में इस तरह की अफरातफरी से बचने के लिए पेट्रोल पंपों की टाइमिंग तय करना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि शहर के सभी पेट्रोल पंप संचालक अपने-अपने पंप का समय फिक्स करें और उसे सार्वजनिक रूप से जारी करें।
अगर हर पेट्रोल पंप का खुलने और बंद होने का समय अखबारों और अन्य माध्यमों में प्रकाशित किया जाएगा, तो आम लोगों को सही जानकारी मिल सकेगी और बेवजह भीड़ नहीं लगेगी। अभी स्थिति यह है कि लोगों को यह पता ही नहीं होता कि किस पंप पर कब पेट्रोल मिलेगा, जिसके कारण सभी लोग एक साथ पहुंच जाते हैं और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है।
अगर प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालक मिलकर एक तय समय-सारणी जारी करें, तो इससे आम जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनेगा और ऐसी परेशानी से बचा जा सकेगा।
एक घंटे लाइन में रही, फिर बोला पेट्रोल खत्म स्वीटी कुमारी ने कहा कि दरभंगा शहर में लोगों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ शहर में वन-वे ट्रैफिक सिस्टम की वजह से लोगों का समय और पेट्रोल दोनों अधिक खर्च हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अब पेट्रोल पंपों पर परेशानी है।
मैं करीब एक घंटे पहले पेट्रोल लेने के लिए लाइन में लगी थीं, लेकिन अब बताया जा रहा है कि पेट्रोल खत्म हो चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि लोग अपने जरूरी कामों के लिए कैसे जाएं।
पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल की समस्या लगातार बनी हुई है। प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों से मांग है कि इस समस्या का जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और शहर में सामान्य स्थिति बहाल हो सके। कल नई खेप पहुंच जाएगी, फिर परेशानी नहीं होगी पेट्रोल पंप पॉपुलर ऑटोमोबाइल के मैनेजर गुलाब रब्बानी ने बताया कि शहर के तीन-चार पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हुई है। जिसके कारण हमारे पेट्रोल पंप पर अचानक भीड़ लग गई। हमारे यहां फिलहाल पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल है, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है। इसी वजह से भीड़ को संभालने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेट्रोल पंप को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लेना पड़ रहा है। रिफाइनरी से शनिवार को सप्लाई नहीं मिली। इसी कारण शहर के कई पंपों पर आपूर्ति प्रभावित हुई। पेट्रोल की नई खेप कल पहुंच जाएगी और उसके बाद आपूर्ति फिर से सामान्य हो जाएगी। कल से न तो पेट्रोल की कोई कमी रहेगी और न ही डीजल की।
एक दिन में सब सामान्य हो जाएगा- एसडीएम सदर एसडीएम विकास कुमार ने कहा कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है। मैंने खुद शहर में स्थिति का जायजा लिया है। पेट्रोल पंपों पर तेल उपलब्ध है, लेकिन लोगों की भीड़ के कारण लाइनें लगी हैं।
कुछ पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से बंद जरूर हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण बीते तीन दिनों में आपूर्ति बाधित होना है। उन्होंने बताया कि रिफाइनरी से जहां से पेट्रोल आता है, वहां रामनवमी, सेकेंड शनिवार और रविवार की छुट्टियों के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई, जिससे समय पर आपूर्ति नहीं हो सकी। एरिया सेल्स मैनेजर से बातचीत के बाद दरभंगा की मांग पूरी की जाएगी। अधिकतम एक दिन में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। बोतल या डिब्बे में पेट्रोल-डीजल देने पर पहले से ही रोक है और यदि कोई स्टोरेज या कालाबाजारी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन पेट्रोल पंपों पर तेल उपलब्ध होने के बावजूद वितरण रोका गया था, वहां पुलिस बल की तैनाती कर दोबारा आपूर्ति शुरू करा दी गई है। बिरौल में 27 मार्च से पंप बंद, कालाबाजारी बिरौल प्रखंड के सुपौल बाजार स्थित पुराना पेट्रोल पंप बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पंप 27 मार्च से ही बंद है, जबकि कर्मियों का कहना है कि 28 मार्च से आपूर्ति बाधित है। कर्मियों ने नाम बताने से भी इनकार किया।
पंप परिसर को बांस-बल्ली से घेर दिया गया है। कर्मियों का कहना है कि पेट्रोल टैंकर में लोड नहीं होने के कारण आपूर्ति ठप है। उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार तक पंप दोबारा चालू हो सकता है।
कुछ लोग अवैध रूप से बोतलों में पेट्रोल भरकर 140 से 150 रुपए प्रति लीटर तक बेच रहे हैं। बिरौल के एसडीओ शशांक राज ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही अवैध बिक्री पर कार्रवाई की जाएगी।


