नीतीश, नवीन समेत 4 का राज्यसभा जाना तय:1 सीट पर RJD से जंग, सुबह 9 बजे से शुरू होगी वोटिंग, शाम में आएंगे नतीजे

नीतीश, नवीन समेत 4 का राज्यसभा जाना तय:1 सीट पर RJD से जंग, सुबह 9 बजे से शुरू होगी वोटिंग, शाम में आएंगे नतीजे

राज्यसभा चुनाव के लिए आज सुबह 9 बजे से वोटिंग होगी। सभी 243 विधायक शाम 4 बजे तक वोट डाल पाएंगे। इसके बाद शाम 5 बजे से गिनती होगी। आज ही नतीजे आ जाएंगे। राज्यसभा की 5 सीटें खाली हुई हैं। मैदान में 6 कैंडिडेट हैं। इसके चलते वोटिंग की नौबत आई है। एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत है। NDA के पास 202 विधायक हैं। इसके 4 प्रत्याशी की जीत तय है। वहीं, 5वें प्रत्याशी के लिए 3 वोट कम पड़ रहे हैं। 5वीं सीट के लिए NDA और महागठबंधन के बीच मुकाबला है। शिवेश राम और एडी सिंह के बीच होना है मुकाबला NDA की तरफ से बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, RLM के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और बीजेपी के प्रदेश महामंत्री शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया गया है। इसमें चार कैंडिडेट नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा की जीत तय है। जबकि शिवेश राम और एडी सिंह के बीच पांचवीं सीट के लिए मुकाबला होना है। जीत के लिए पूरे दिन बैठकों का दौर चलता रहा

NDA और महागठबंधन के सभी दलों ने अपने विधायकों को दो दिन पहले ही पटना बुला लिया है। रविवार को दोनों गठबंधन के विधायकों के बैठक का दौर जारी रहा। NDA में कई राउंड की बैठक हुई। पहले मंत्री लेसी सिंह के आवास पर रणनीति बनी, इसके बाद स्टेट गेस्ट हाउस और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के घर पर विधायक जुटे। शनिवार देर शाम मंत्री विजय चौधरी के आवास पर विधायकों की बैठक हुई। यहां विधायकों को वोटिंग की प्रक्रिया के साथ एकजुट रहने का भी संदेश दिया। वहीं, महागठबंधन के विधायकों की बैठक होटल पनाश में हुई। इसके बाद एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान के घर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इसमें तेजस्वी समेत अन्य नेता भी शामिल हुए। अब समझिए, चुनाव की प्रक्रिया क्या होगी बिहार विधानसभा के एक सीनियर अधिकारी ने भास्कर को बताया, ’चुनाव के लिहाज से यहां नंबर-1 या नंबर-2 कुछ नहीं होता है। यहां की प्रक्रिया को ऐसे समझिए कि राज्यसभा के लिए 5 सीटें खाली हो रही हैं। इस पर 6 कैंडिडेट ने अपना नॉमिनेशन कराया है। इसके कारण वोटिंग होगी।’ वोटिंग केवल एक सीट के लिए नहीं होगी, बल्कि सभी 6 कैंडिडेट के लिए होगी। सभी 243 विधायक बैलेट पेपर पर फर्स्ट प्रायोरिटी और सेकंड प्रायोरिटी लिखेंगे। एक सांसद के लिए 41 विधायक के वोट (फर्स्ट प्रायोरिटी वाले) की जरूरत होगी। 41 वोट पूरा होने के बाद बाकी बचे विधायक सेकेंड प्रायोरिटी में शिफ्ट हो जाएंगे। इस लिहाज से समझिए तो 4 कैंडिडेट को जीतने में कहीं कोई परेशानी नहीं होगी। 5वें कैंडिडेट को जीतने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। NDA को 3 तो महागठबंधन को 6 वोट चाहिए

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत है, ये पहले से ही तय है। वोटों की संख्या के कैलकुलेशन के लिए चुनाव आयोग ड्रॉप कोटा फॉर्मूले को लागू करता है। ड्रॉप कोटा फॉर्मूला: कोटा (Q) = ⌊ कुल वैध वोट / (सीटें + 1)। अब बिहार के संदर्भ में इस फॉर्मूले को समझिए… Q= 243/ (5=1)= 40.5 मतलब 41 5 सीटें जीतने के लिए कुल वोट चाहिए: 5×41=205 NDA के विधायक: 202 वोट घाटा: 205-202=3 वोट मतलब NDA को 4 सीटें आसानी से मिल जाएंगी। उसके पास 202 विधायक हैं। 41 वोट के लिहाज से 4 सीटें जीत के लिए 164 विधायक लगेंगे। इसके बाद NDA के पास 38 विधायक बचेंगे और 5वीं सीट जीतने के लिए उसे 3 और विधायकों का समर्थन चाहिए। वहीं, राजद उम्मीदवार एडी सिंह (अमरेंद्र धारी सिंह) को जीत के लिए 41 वोट चाहिए। राजद के पास अपने 25, कांग्रेस के 6, माले के 2 के साथ सीपीएम और आईआईपी के 1-1 वोट यानी कुल 35 वोट हैं। इस स्थिति में एडी अगर एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायक को अपने साथ जोड़ लेंगे तो राज्यसभा पहुंच जाएंगे। अनंत सिंह डालेंगे वोट दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप में जेल में बंद मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह वोट डालेंगे। कोर्ट ने उन्हें इसकी अनुमति दी है। इसके लिए उन्होंने कोर्ट में याचिका लगाई थी।
लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 62(5) में स्पष्ट कहा गया है कि सजा पा चुके या न्यायिक हिरासत में जेल में बंद कोई भी व्‍यक्ति वोटिंग में हिस्सा नहीं ले सकता। इसका मतलब हुआ कि नहीं डाल सकते। हालांकि, वह कोर्ट में वोट देने के लिए याचिका दायर कर सकते हैं। कोर्ट का आदेश उनके पक्ष में आता है तो वह वोट कर सकते हैं। ऐसा जम्मू और कश्मीर राज्यसभा चुनाव में हो चुका है। राज्यसभा चुनाव के लिए आज सुबह 9 बजे से वोटिंग होगी। सभी 243 विधायक शाम 4 बजे तक वोट डाल पाएंगे। इसके बाद शाम 5 बजे से गिनती होगी। आज ही नतीजे आ जाएंगे। राज्यसभा की 5 सीटें खाली हुई हैं। मैदान में 6 कैंडिडेट हैं। इसके चलते वोटिंग की नौबत आई है। एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत है। NDA के पास 202 विधायक हैं। इसके 4 प्रत्याशी की जीत तय है। वहीं, 5वें प्रत्याशी के लिए 3 वोट कम पड़ रहे हैं। 5वीं सीट के लिए NDA और महागठबंधन के बीच मुकाबला है। शिवेश राम और एडी सिंह के बीच होना है मुकाबला NDA की तरफ से बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, RLM के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और बीजेपी के प्रदेश महामंत्री शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया गया है। इसमें चार कैंडिडेट नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा की जीत तय है। जबकि शिवेश राम और एडी सिंह के बीच पांचवीं सीट के लिए मुकाबला होना है। जीत के लिए पूरे दिन बैठकों का दौर चलता रहा

NDA और महागठबंधन के सभी दलों ने अपने विधायकों को दो दिन पहले ही पटना बुला लिया है। रविवार को दोनों गठबंधन के विधायकों के बैठक का दौर जारी रहा। NDA में कई राउंड की बैठक हुई। पहले मंत्री लेसी सिंह के आवास पर रणनीति बनी, इसके बाद स्टेट गेस्ट हाउस और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के घर पर विधायक जुटे। शनिवार देर शाम मंत्री विजय चौधरी के आवास पर विधायकों की बैठक हुई। यहां विधायकों को वोटिंग की प्रक्रिया के साथ एकजुट रहने का भी संदेश दिया। वहीं, महागठबंधन के विधायकों की बैठक होटल पनाश में हुई। इसके बाद एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान के घर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इसमें तेजस्वी समेत अन्य नेता भी शामिल हुए। अब समझिए, चुनाव की प्रक्रिया क्या होगी बिहार विधानसभा के एक सीनियर अधिकारी ने भास्कर को बताया, ’चुनाव के लिहाज से यहां नंबर-1 या नंबर-2 कुछ नहीं होता है। यहां की प्रक्रिया को ऐसे समझिए कि राज्यसभा के लिए 5 सीटें खाली हो रही हैं। इस पर 6 कैंडिडेट ने अपना नॉमिनेशन कराया है। इसके कारण वोटिंग होगी।’ वोटिंग केवल एक सीट के लिए नहीं होगी, बल्कि सभी 6 कैंडिडेट के लिए होगी। सभी 243 विधायक बैलेट पेपर पर फर्स्ट प्रायोरिटी और सेकंड प्रायोरिटी लिखेंगे। एक सांसद के लिए 41 विधायक के वोट (फर्स्ट प्रायोरिटी वाले) की जरूरत होगी। 41 वोट पूरा होने के बाद बाकी बचे विधायक सेकेंड प्रायोरिटी में शिफ्ट हो जाएंगे। इस लिहाज से समझिए तो 4 कैंडिडेट को जीतने में कहीं कोई परेशानी नहीं होगी। 5वें कैंडिडेट को जीतने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। NDA को 3 तो महागठबंधन को 6 वोट चाहिए

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत है, ये पहले से ही तय है। वोटों की संख्या के कैलकुलेशन के लिए चुनाव आयोग ड्रॉप कोटा फॉर्मूले को लागू करता है। ड्रॉप कोटा फॉर्मूला: कोटा (Q) = ⌊ कुल वैध वोट / (सीटें + 1)। अब बिहार के संदर्भ में इस फॉर्मूले को समझिए… Q= 243/ (5=1)= 40.5 मतलब 41 5 सीटें जीतने के लिए कुल वोट चाहिए: 5×41=205 NDA के विधायक: 202 वोट घाटा: 205-202=3 वोट मतलब NDA को 4 सीटें आसानी से मिल जाएंगी। उसके पास 202 विधायक हैं। 41 वोट के लिहाज से 4 सीटें जीत के लिए 164 विधायक लगेंगे। इसके बाद NDA के पास 38 विधायक बचेंगे और 5वीं सीट जीतने के लिए उसे 3 और विधायकों का समर्थन चाहिए। वहीं, राजद उम्मीदवार एडी सिंह (अमरेंद्र धारी सिंह) को जीत के लिए 41 वोट चाहिए। राजद के पास अपने 25, कांग्रेस के 6, माले के 2 के साथ सीपीएम और आईआईपी के 1-1 वोट यानी कुल 35 वोट हैं। इस स्थिति में एडी अगर एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायक को अपने साथ जोड़ लेंगे तो राज्यसभा पहुंच जाएंगे। अनंत सिंह डालेंगे वोट दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप में जेल में बंद मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह वोट डालेंगे। कोर्ट ने उन्हें इसकी अनुमति दी है। इसके लिए उन्होंने कोर्ट में याचिका लगाई थी।
लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 की धारा 62(5) में स्पष्ट कहा गया है कि सजा पा चुके या न्यायिक हिरासत में जेल में बंद कोई भी व्‍यक्ति वोटिंग में हिस्सा नहीं ले सकता। इसका मतलब हुआ कि नहीं डाल सकते। हालांकि, वह कोर्ट में वोट देने के लिए याचिका दायर कर सकते हैं। कोर्ट का आदेश उनके पक्ष में आता है तो वह वोट कर सकते हैं। ऐसा जम्मू और कश्मीर राज्यसभा चुनाव में हो चुका है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *