मिर्जापुर। गैर-इरादतन हत्या के एक मामले में न्यायालय ने पिता-पुत्र सहित चार आरोपियों को 10-10 वर्ष के कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला गुरुवार को सुनाया गया। मामला मड़िहान थाना में 24 मई 2024 को दर्ज किया गया था। प्रकरण के अनुसार, 24 मई 2024 को मड़िहान थाना क्षेत्र के दांती ग्राम निवासी विजय कुमार मौर्या ने पुलिस में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि रास्ते के विवाद को लेकर नामजद आरोपियों ने उनके भाई के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की, जिसके कारण इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस संबंध में मड़िहान थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए थाना पुलिस और पैरवी सेल को सशक्त पैरवी के निर्देश दिए थे। अभियोजन अधिकारी एडीजीसी राजेश यादव और उदय प्रताप सिंह, विवेचक उप निरीक्षक राजेश सिंह, कोर्ट मुहर्रिर आरक्षी विनोद कुमार गोस्वामी तथा पैरोकार आरक्षी मनोज कुमार ने इस मामले में प्रभावी पैरवी की। प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट ऋचा जोशी की अदालत ने चारों आरोपियों कमलेश कुमार मौर्या, राम सजन मौर्या, अमित कुमार मौर्या और नीरज कुमार मौर्या को दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें 10-10 वर्ष के कारावास और 20-20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


