मोतिहारी के चकिया में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम और अनुमंडल अस्पताल प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में चकिया सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि अस्पताल में बिना आवश्यक योग्यता और नियमों के खिलाफ मरीजों का इलाज किया जा रहा था। डॉक्टर सादिक हुसैन, जिनके पास बीयूएमएस (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी) की डिग्री है, सर्जरी जैसे जटिल उपचार कर रहे थे। इसके अलावा, नवजात शिशुओं का इलाज भी किया जा रहा था, जो निर्धारित चिकित्सा मानकों का उल्लंघन है। मरीजों को लाकर इस अस्पताल में जांच करवा रही थी निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि अस्पताल परिसर में बिना पंजीकरण के एक अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित की जा रही थी, जो पूरी तरह अवैध है। जांच टीम को यह भी जानकारी मिली कि दो आशा कार्यकर्ता बाहरी क्षेत्रों से मरीजों को लाकर इस अस्पताल में जांच करवा रही थीं और उनसे मनमानी राशि वसूली जा रही थी। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चकिया सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया। मौके से डॉक्टर सादिक हुसैन, दो आशा कार्यकर्ताओं और अस्पताल की एक महिला सहायक को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे इलाज के लिए केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त संस्थानों का ही चयन करें। इस कार्रवाई के बाद अन्य निजी अस्पतालों में भी जांच की संभावना जताई जा रही है। मोतिहारी के चकिया में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम और अनुमंडल अस्पताल प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में चकिया सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि अस्पताल में बिना आवश्यक योग्यता और नियमों के खिलाफ मरीजों का इलाज किया जा रहा था। डॉक्टर सादिक हुसैन, जिनके पास बीयूएमएस (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी) की डिग्री है, सर्जरी जैसे जटिल उपचार कर रहे थे। इसके अलावा, नवजात शिशुओं का इलाज भी किया जा रहा था, जो निर्धारित चिकित्सा मानकों का उल्लंघन है। मरीजों को लाकर इस अस्पताल में जांच करवा रही थी निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि अस्पताल परिसर में बिना पंजीकरण के एक अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित की जा रही थी, जो पूरी तरह अवैध है। जांच टीम को यह भी जानकारी मिली कि दो आशा कार्यकर्ता बाहरी क्षेत्रों से मरीजों को लाकर इस अस्पताल में जांच करवा रही थीं और उनसे मनमानी राशि वसूली जा रही थी। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चकिया सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया। मौके से डॉक्टर सादिक हुसैन, दो आशा कार्यकर्ताओं और अस्पताल की एक महिला सहायक को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे इलाज के लिए केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त संस्थानों का ही चयन करें। इस कार्रवाई के बाद अन्य निजी अस्पतालों में भी जांच की संभावना जताई जा रही है।


