बालाघाट में नल-जल योजना के काम में ढिलाई बरतने पर 4 ठेकेदार कंपनियां ब्लैकलिस्ट कर दी गई हैं। कलेक्टर मृणाल मीणा ने रायपुर, नागपुर, छिंदवाड़ा और मुरैना की इन कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाया। साथ ही 12 और कंपनियों को बैन करने की तैयारी है। काम लटकाने की वजह से मेसर्स टेक्नोडीलर्स (रायपुर), मेसर्स तिरुपति एसोसिएट (नागपुर), मेसर्स अकाल इंफ्रास्ट्रक्चर (छिंदवाड़ा) और मेसर्स एपी कंस्ट्रक्शन (मुरैना) पर कार्रवाई हुई। इन कंपनियों के पुराने एग्रीमेंट खत्म कर अब नए टेंडर निकलेंगे। 147 गांवों में काम पेंडिंग जिले के 147 गांवों में 1000 से ज्यादा घरों में नल लगना बाकी है। सामान की कमी बताकर काम रोकने वाले 12 अन्य ठेकेदारों को भी ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव जबलपुर भेजा गया। कलेक्टर ने साफ किया कि जहां काम पूरा हो चुका है, वहां की लाइनें तुरंत ग्राम पंचायतों को हैंडओवर की जाएं। इन पर भी लटकी तलवार लगातार नोटिस के बाद भी काम न करने वाली मेसर्स एव्ही कंस्ट्रक्शन रीवा, वीणा इंटरप्राइजेस बैहर और वैभव इंटरप्राइजेस नागपुर समेत 12 कंपनियों की लिस्ट कार्रवाई के लिए भेजी गई। प्रशासन की इस सख्ती से अब रुके हुए कामों में तेजी आएगी।


