सुपौल जिले के कुनौली थाना में वर्ष 2014 में हुई आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षक राशिद अहमद समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कुनौली थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश के नेतृत्व में की गई, जिससे लंबे समय से लंबित इस मामले में नई प्रगति हुई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 21 जुलाई 2014 की है, जब एसएसबी जवानों पर कथित पिटाई से एक रिक्शा चालक की मौत का आरोप लगाते हुए इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। घटना के विरोध में उग्र भीड़ ने कुनौली थाना पर हमला कर दिया था। देखते ही देखते सैकड़ों लोग थाना परिसर में पहुंच गए और आगजनी व तोड़फोड़ शुरू कर दी। आधा दर्जन से अधिक मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया आक्रोशितों ने थाना परिसर में खड़े तीन चारपहिया वाहनों और आधा दर्जन से अधिक मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया। साथ ही महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज भी जलकर राख हो गए। थाना परिसर में बने शेड और अन्य संरचनाओं को भी ईंट-गिट्टी से तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी, हवलदार समेत कई पुलिसकर्मियों की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी, जिसमें चार से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। 60 लाख रुपये से अधिक की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था इस हिंसक घटना में लगभग 60 लाख रुपये से अधिक की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन कई आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। फिलहाल पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। सुपौल जिले के कुनौली थाना में वर्ष 2014 में हुई आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षक राशिद अहमद समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कुनौली थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश के नेतृत्व में की गई, जिससे लंबे समय से लंबित इस मामले में नई प्रगति हुई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 21 जुलाई 2014 की है, जब एसएसबी जवानों पर कथित पिटाई से एक रिक्शा चालक की मौत का आरोप लगाते हुए इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। घटना के विरोध में उग्र भीड़ ने कुनौली थाना पर हमला कर दिया था। देखते ही देखते सैकड़ों लोग थाना परिसर में पहुंच गए और आगजनी व तोड़फोड़ शुरू कर दी। आधा दर्जन से अधिक मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया आक्रोशितों ने थाना परिसर में खड़े तीन चारपहिया वाहनों और आधा दर्जन से अधिक मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया। साथ ही महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज भी जलकर राख हो गए। थाना परिसर में बने शेड और अन्य संरचनाओं को भी ईंट-गिट्टी से तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी, हवलदार समेत कई पुलिसकर्मियों की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी, जिसमें चार से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। 60 लाख रुपये से अधिक की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था इस हिंसक घटना में लगभग 60 लाख रुपये से अधिक की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन कई आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। फिलहाल पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।


