भिवानी में 4-5 धुंध की संभावना:कृषि मौसम वैज्ञानिक की सलाह-पाला गिरे तो फसल में सिंचाई करें, डॉ. देवीलाल बोले- तापांतर कम हुआ, फायदेमंद

भिवानी में 4-5 धुंध की संभावना:कृषि मौसम वैज्ञानिक की सलाह-पाला गिरे तो फसल में सिंचाई करें, डॉ. देवीलाल बोले- तापांतर कम हुआ, फायदेमंद

भिवानी में आगामी 4-5 दिनों तक धुंध की संभावना है। वहीं किसानों को सलाह दी कि अगर पाला गिरे तो फसलों में हल्की सिंचाई करें, ताकि पाले से सुरक्षित रखा जा सके। वहीं बरसात को फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। भिवानी के कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. देवी लाल ने कहा कि दिसंबर के माह में देखा गया कि दिन में धूप निकल रही थी और तापमान भी औसत से ज्यादा था। जो तापमान फसलों के लिए उपयुक्त नहीं था और पानी की डिमांड बढ़ रही थी। बारिश होने से फसलों की सिंचाई की हल्की पूर्ति हुई है। वहीं बरानी क्षेत्र (बिना पानी वाले एरिया) की फसलों के लिए यह बारिश वरदान के समान है। इसके साथ-साथ फसलों की एक तरीके से वाशिंग भी हुई है। बारिश से फसलों की पत्तियां साफ हो गई (धुल गई)। इससे फसलों की बढ़वार (ग्रोथ) में तेजी आएगी। वहीं न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी व अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी। जिससे दैनिक तापांतर कम हुआ है। फसलों के लिए उपयुक्त मौसम भी है। एकाध दिन रह सकती है बादलवाई
डॉ. देवी लाल ने कहा कि अब बरसात के बाद मौसम में नमी की मात्रा पर्याप्त है धुंध की स्थिति बनने के लिए। एकाध दिन बादलवाई (बादल छाए) रह सकते हैं। उसके बाद 4-5 दिनों के दौरान धुंध रहने की संभावना है। हालांकि बारिश की अभी कोई संभावना नहीं हैं। एकाध दिन बादलवाई जरूर रह सकती है। वहीं धुंध खासकर गेहूं के लिए बहुत ही उपयुक्त व सकारात्मक है। गेहूं की वृद्धि के लिए बहुत ही अच्छी है और उत्पादन पर इसका सकारात्मक असर देखने को मिला है। पाला गिरे तो हल्की सिंचाई करें किसान
डॉ. देवी लाल ने कहा कि बरानी एरिया में फसल एकमात्र बारिश पर ही निर्भर करती है। हालांकि हल्की बरसात हुई है, जो वरदान के समान है। क्योंकि इस समय बारिश की जरूर थी। जिससे हल्की सिंचाई हुई है। एकाध बार बरसात और हो गई तो बरानी क्षेत्र की फसलों की अच्छी पैदावार देखने को मिल सकती है। अभी बरसात हुई है तो पाला जमने जैसी स्थिति बनने की संभवना नहीं है। पाला उस समय जमता है, जबकि मौसम बिल्कुल साफ हो और शाम के समय अचानक हवा रुक जाए। बरसात हुई हो, मौसम में पर्याप्त मात्रा में नमी हो और फसल में सिंचाई की हुई हो तो पाला जमने की संभावना नहीं है। अभी 4-5 दिन तो संभावना नहीं है। लेकिन आगे ऐसी स्थिति होती है तो किसान फसल को हल्की सिंचाई कर दें, तो पाले से फसल प्रभावित नहीं होती। धुंध फसलों के लिए फायदेमंद
उन्होंने कहा कि धुंध फसलों के लिए फायदेमंद है, चाहे कोई भी फसल हो गेहूं या सरसों आदि। धुंध से हल्की जल की आपूर्ति भी फसल को होती है। दूसरी ओर फसल की बढ़वार के लिए भी धुंध महत्वपूर्ण है। धुंध तभी गिरती है, जब वातावरण में नमी की पर्याप्त मात्रा हो। या फिर बारिश के बाद धुंध देखने को मिलती है। धुंध काफी लंबे समय तक रहती है तो पैदावार बढ़ती है, खासकर गेहूं की फसल का उत्पादन काफी अच्छा देखने को मिलता है।

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