बुलंदशहर में चैत्र नवरात्र के पहले दिन व्रत के दौरान कूटू के आटे से बनी कचौरी खाने के बाद 38 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सभी को देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं ने स्थानीय दुकानों से कूटू का आटा खरीदा था। व्रत खोलने के बाद शाम को पकौड़ी, पूरी और अन्य व्यंजन बनाकर खाए। इसके कुछ ही समय बाद लोगों को सिरदर्द, चक्कर, जी मिचलाना और उल्टी जैसी शिकायतें होने लगीं। तबीयत बिगड़ने पर एक ही परिवार समेत कई लोग देर रात अस्पताल पहुंचने लगे। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। वहां बीमार होने वालों में मोहन नगर भूड़, स्याना रोड, हीरापुर, राधा नगर, ततारपुर, धमेड़ा अड्डा, मीरपुर ख्वाजपुर और सुशीला विहार क्षेत्रों के महिला, पुरुष, किशोर और बच्चे शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कूटू का आटा एक्सपायरी या खराब गुणवत्ता का हो सकता है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा ने बताया- नवरात्र के पहले दिन व्रत के दौरान कूटू के आटे से बने व्यंजन खाने के 38 लोगों की तबियत बिगड़ी थी। सभी मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया है। जिनमें से कुछ की हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी भी दे दी गई है। ————————— यह खबर भी पढ़ें – शंकराचार्य बोले- क्रूज में लोग न जाने क्या-क्या कर रहे, भीड़ ने काशी की पवित्रता खत्म की, नाव पर इफ्तार इसी वजह से हुई ‘गंगा जी की अवमानना 2014 से ही शुरू हो गई। जब यहां के सांसद आए और उन्होंने कहा कि मुझे तो मां गंगा ने बुलाया है। लोगों ने सोचा कि यह तो बहुत बड़े गंगा भक्त हैं। गंगा जी ने तो उनको साक्षात बुला लिया। लेकिन उसके बाद से देखिए, काशी 16 नाले गिर रहे थे, अभी तक हमारी जानकारी में नहीं है कि कोई नाला बंद हो गया है।’ ये बातें शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कहीं। पढ़िए पूरी खबर…


