सासाराम स्टेशन पर कालका मेल से 311 कछुए बरामद:आरपीएफ और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, जनरल कोच से मिले 11 संदिग्ध बोरे

सासाराम स्टेशन पर कालका मेल से 311 कछुए बरामद:आरपीएफ और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, जनरल कोच से मिले 11 संदिग्ध बोरे

सासाराम रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कालका मेल ट्रेन से 311 जिंदा कछुए बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई आरपीएफ और वन विभाग ने संयुक्त रूप से की। आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि कालका से हावड़ा जाने वाली कालका मेल ट्रेन के जनरल कोच में बड़ी संख्या में कछुओं की तस्करी की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम को अलर्ट किया गया। सासाराम स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही सघन जांच अभियान चलाया गया। कालका मेल के प्लेटफॉर्म पर आते ही आरपीएफ टीम ने जनरल बोगी की तलाशी ली। 11 बोरों में मिले 311 कछुआ तलाशी के दौरान सीट के नीचे 11 बोरे संदिग्ध पाए गए। इन बोरों को प्लेटफॉर्म पर उतारकर खोला गया तो सभी में जिंदा कछुए मिले। कुल 311 जिंदा कछुओं की बरामदगी हुई। आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि कछुओं को अमानवीय तरीके से बोरों में ठूंसकर रखा गया था। तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने सभी कछुओं को अपने कब्जे में ले लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। तस्करों की पहचान के लिए जांच जारी वन विभाग की टीम ने कछुओं की गिनती और प्राथमिक जांच के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। आगे उनके संरक्षण की प्रक्रिया की जाएगी। फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कछुए कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। आरपीएफ और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क का एक बार फिर खुलासा हुआ है। रेलवे के माध्यम से हो रही अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्कता बरत रही हैं। आरपीएफ ने यात्रियों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या प्रशासन को दें। सासाराम रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कालका मेल ट्रेन से 311 जिंदा कछुए बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई आरपीएफ और वन विभाग ने संयुक्त रूप से की। आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि कालका से हावड़ा जाने वाली कालका मेल ट्रेन के जनरल कोच में बड़ी संख्या में कछुओं की तस्करी की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम को अलर्ट किया गया। सासाराम स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही सघन जांच अभियान चलाया गया। कालका मेल के प्लेटफॉर्म पर आते ही आरपीएफ टीम ने जनरल बोगी की तलाशी ली। 11 बोरों में मिले 311 कछुआ तलाशी के दौरान सीट के नीचे 11 बोरे संदिग्ध पाए गए। इन बोरों को प्लेटफॉर्म पर उतारकर खोला गया तो सभी में जिंदा कछुए मिले। कुल 311 जिंदा कछुओं की बरामदगी हुई। आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि कछुओं को अमानवीय तरीके से बोरों में ठूंसकर रखा गया था। तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने सभी कछुओं को अपने कब्जे में ले लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। तस्करों की पहचान के लिए जांच जारी वन विभाग की टीम ने कछुओं की गिनती और प्राथमिक जांच के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। आगे उनके संरक्षण की प्रक्रिया की जाएगी। फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कछुए कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। आरपीएफ और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क का एक बार फिर खुलासा हुआ है। रेलवे के माध्यम से हो रही अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्कता बरत रही हैं। आरपीएफ ने यात्रियों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या प्रशासन को दें।  

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