ग्वालियर पुलिस ने 48 घंटे में 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगालकर आखिरकार बरैठा टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले दोनों बदमाशों अश्वनी भदौरिया, निखिल चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी भिंड एमपी और दूसरा गाजीपुर यूपी का है। असल में दोनों ही स्टूडेंट हैं और बड़ागांव पर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों से बुलेट बाइक, पिस्टल, कारतूस, गमछा बरामद हो गए हैं।
इनको सात नंबर चौराहा मुरार के एक होटल से पकड़ा गया है। एक आरोपी का एक साल पहले अपने पिता के साथ बरैठा टोल से निकलने के दौरान टोल प्लाजा के ऑपरेटर से विवाद हो गया था। जिसको लेकर उसमें आक्रोश था। बदला लेने उसने यह वारदात की, लेकिन पुलिस उन तक नहीं पहुंचे और पुलिस को गुमराह करने यह ग्वालियर-भिंड हाइवे को सिक्स लेन करने की चिट्ठी फेंक गए थे।
ऐसे समझिए पूरा मामला
ग्वालियर-भिंड हाइवे के बॉर्डर पर बरैठा टोल प्लाजा है। सोमवार शाम को टोल प्लाजा के बूथ नंबर-07 पर टोल कलेक्टर नहीं था। जिस पर आगरा निवासी कर्मचारी रोहित कुमार वहां बैठा था। इसी समय एक बुलेट बाइक पर 02 अनजान युवक मुंह से गमछा बांधे हुए एवं हेलमेट पहने भिण्ड से ग्वालियर की ओर निकले जो कुछ दूरी पर जाकर बाइक रोककर खड़े हो गए और पीछे बैठा व्यक्ति पैदल चलकर रोहित कुमार पास बूथ पर आया जिसके हाथ में पिस्टल थी। उसने रोहित को एक हस्त लिखित पेज दिया और बोला कि अपने मैनेजर को बता देना कि हाईवे नहीं बनेगा तो टोल नहीं चलने दूंगा। मैं तुम्हे जान से खत्म कर दूँगा और उस व्यक्ति ने हाथ में लिए पिस्टल से कई राउण्ड फायर किए। जिससे रोहित कुमार कुर्सी से नीचे गिर गया गोलियां कम्प्यूटर में जाकर लगी। उसके बाद वह अपने साथी के साथ मौके पर गोलियां चलाता हुआ भाग गया।
300 से ज्यादा CCTV कैमरे देखे तो मिला सुराग
घटना के बाद मौके पर मिली चिट्ठी में लिखा था कि ग्वालियर-भिंड हाइवे नहीं बनेगा तो ऐसे ही वारदात करेंगे। सरकार अंधी हो गई है। नेताओं के फ्लैट बेचने पड़ें, लेकिन अब हाइवे निर्माण का कार्य शुरू होना चाहिए। अब कोई आकाश नहीं मरेगा। इस चिट्ठी से यह फायरिंग की घटना और भी संवेदनशील हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने घटना स्थल के आसपास से लेकर ग्वालियर शहर की ओर जहां बदमाश भागे थे 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले। इसके बाद पुलिस को बदमाश भिंड रोड से डीडी नगर, पिंटो पार्क टंकी तिराहा से होते हुए सात नंबर चौराहा की तरफ आते हुए दिखे थे। पर पूरे रास्ते पर कहीं भी उन्होंने फेस से नकाब नहीं हटाया था। आखिर में पुलिस ने बुलेट बाइक की पहचान कर दो आरोपियों को पकड़ा है।
एक साल पुराने झगड़े का बदला लिया
टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले बदमाश छात्र निकले हैं। दोनों की पहचान 22 वर्षीय अश्वनी पुत्र योगेन्द्र सिंह भदौरिया निवासी वीरेन्द्र नगर सिटी कोतवाली भिण्ड हाल निवास बैंक कॉलोनी बड़ागॉंव मुरार, जबकि दूसरे बदमाश की पहचान 19 वर्षीय निखिल पुत्र देवेन्द्र सिंह निवासी ग्राम टिल्डा जिला गाजीपुर (उ.प्र.) के रूप में हुई है। एक साल पहले अश्वनी अपने पिता के साथ टोल प्लाजा से निकल रहा था। तब उसकी टोल प्लाजा पर बहस हो गई थी। उस घटना के बाद से वह आक्रोशित था। वह बदला लेने का बहाना तलाश रहा था। उसने हाइवे पर गोलियां चलाकर पुलिस को गुमराह करने के लिए हाइवे निर्माण का मुद्दा उससे जोड़ दिया। घटना में गोलियां भी अश्वनी भदौरिया ने चलाई थीं।
इनकी रही खुलासे में भूमिका
सिर्फ 48 घंटे में थाना प्रभारी महाराजपुरा यशवंत गोयल, बरेठा चौकी प्रभारी एसआई सौरभ श्रीवास्तव, रजनी रघुवंशी, मनोज परमार, विश्वीर जाट, देवेन्द्र लोधी, सउनि विनोद छारी, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र राजावत, अशोक माबई, रामबरन लोधी, नरवीर राणा, जितेन्द्र तोमर, आरक्षक रूस्तम सिंह, भानु सिकरवार, अनिल गुर्जर, राघवेन्द्र भदौरिया, दिनेश शर्मा, आनंद यादव, धर्मेन्द्र, शिवराज, प्रदीप, नागेश शर्मा, बृजेन्द्र चौहान, गौरव परमार, ध्रुव गुर्जर, योगेन्द्र गुर्जर, विकास माहौर, सोनू प्रजापति, शिवकुमार यादव, आकाश पांडेय, सुमित भदौरिया, अरूण कुमार, लोकेन्द्र दादौरिया, आरक्षक चालक हरे मुरारी, हरीओम सिकरवार की सराहनीय भूमिका रही।
एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। दोनों छात्र है। एक साल पहले टोल पर झगड़े का बदला लेने यह हमला किया गया है, जबकि पुलिस को गुमराह करने के लिए यह हाइवे का मुद्दा उसमें डाल दिया।


