सारण में शुक्रवार को सरयू नदी में डूबने से एक ही परिवार के 3 बच्चों की मौत हो गई। गांव के लोगों ने बताया कि घर उन लोगों के घर गैस खत्म थी। 2 दिन से खाना नहीं बना था। परिवार लकड़ी काटने नदी के पार गया था। थोड़ी देर बाद वो घाट पर पानी पीने आए थे। इसी दौरान एक बच्चे का पैर फिसल गया। उसे बचाने के दौरान तीनों डूब गए। मृतकों की पहचान मटियार गांव के पप्पू महतो के 10 साल के बेटे गुंजन कुमार, उनकी बेटी रागिनी कुमारी और रिश्तेदार कृष्णा महतो की 13 साल की बेटी प्रियांशु कुमारी के रूप में हुई है। तीनों बच्चे आपस में मौसेरे भाई-बहन थे। घटना मांझी प्रखंड के मटियार गांव की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… सबसे पहले मौके से आई तस्वीरें देखिए… 7 बच्चे कुल्हाड़ी लेकर लकड़ी काटने गए थे मृतक गुंजन के बड़े भाई ने बताया कि घर में कई दिनों से गैस सिलेंडर खत्म हो गया था। खाना बनाने में परेशानी हो रही थी। आज सुबह करीब 8 बजे गांव के 7 बच्चे कुल्हाड़ी लेकर लकड़ी काटने दियारा इलाके में गए थे। लकड़ी काटने के दौरान गुंजन कुमार को प्यास लगी। वो पानी पीने के लिए सरयू नदी में उतरा, लेकिन अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। अपने भाई को डूबता देख, उसकी बहन रागिनी कुमारी उसे बचाने के लिए नदी में कूद गई, लेकिन वह भी संतुलन खोकर डूबने लगी। दोनों को डूबता देख, उनकी मौसेरी बहन प्रियांशु कुमारी भी बचाने के प्रयास में नदी में उतर गई, लेकिन वह भी गहरे पानी में चली गई और तीनों डूब गए। बताया जाता है कि गुंजन का बड़ा भाई और एक अन्य युवक भी उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरे थे, लेकिन वे किसी तरह खुद को बचाकर बाहर निकल आए। 45 मिनट की मशक्कत के बाद मिला शव बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत खोजबीन शुरू की। लगभग 45 मिनट की मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर के दायरे में बरामद किए गए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। एक साथ तीन मासूम बच्चों की मौत से गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर तरफ चीख-पुकार गूंज रही है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए छपरा भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सारण में शुक्रवार को सरयू नदी में डूबने से एक ही परिवार के 3 बच्चों की मौत हो गई। गांव के लोगों ने बताया कि घर उन लोगों के घर गैस खत्म थी। 2 दिन से खाना नहीं बना था। परिवार लकड़ी काटने नदी के पार गया था। थोड़ी देर बाद वो घाट पर पानी पीने आए थे। इसी दौरान एक बच्चे का पैर फिसल गया। उसे बचाने के दौरान तीनों डूब गए। मृतकों की पहचान मटियार गांव के पप्पू महतो के 10 साल के बेटे गुंजन कुमार, उनकी बेटी रागिनी कुमारी और रिश्तेदार कृष्णा महतो की 13 साल की बेटी प्रियांशु कुमारी के रूप में हुई है। तीनों बच्चे आपस में मौसेरे भाई-बहन थे। घटना मांझी प्रखंड के मटियार गांव की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… सबसे पहले मौके से आई तस्वीरें देखिए… 7 बच्चे कुल्हाड़ी लेकर लकड़ी काटने गए थे मृतक गुंजन के बड़े भाई ने बताया कि घर में कई दिनों से गैस सिलेंडर खत्म हो गया था। खाना बनाने में परेशानी हो रही थी। आज सुबह करीब 8 बजे गांव के 7 बच्चे कुल्हाड़ी लेकर लकड़ी काटने दियारा इलाके में गए थे। लकड़ी काटने के दौरान गुंजन कुमार को प्यास लगी। वो पानी पीने के लिए सरयू नदी में उतरा, लेकिन अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। अपने भाई को डूबता देख, उसकी बहन रागिनी कुमारी उसे बचाने के लिए नदी में कूद गई, लेकिन वह भी संतुलन खोकर डूबने लगी। दोनों को डूबता देख, उनकी मौसेरी बहन प्रियांशु कुमारी भी बचाने के प्रयास में नदी में उतर गई, लेकिन वह भी गहरे पानी में चली गई और तीनों डूब गए। बताया जाता है कि गुंजन का बड़ा भाई और एक अन्य युवक भी उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरे थे, लेकिन वे किसी तरह खुद को बचाकर बाहर निकल आए। 45 मिनट की मशक्कत के बाद मिला शव बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत खोजबीन शुरू की। लगभग 45 मिनट की मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर के दायरे में बरामद किए गए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। एक साथ तीन मासूम बच्चों की मौत से गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर तरफ चीख-पुकार गूंज रही है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए छपरा भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


