प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने शनिवार देर रात मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कर्तव्य में लापरवाही और सरकारी प्रोटोकॉल के प्रतिकूल आचरण के आरोप में 3 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने का निर्देश एसएसपी को दिया। आयुक्त को अहियापुर थाने में शिकायतकर्ताओं के साथ अमर्यादित और अशिष्ट व्यवहार की शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों के सत्यापन के बाद मामला सही पाए जाने पर आयुक्त ने खुद निरीक्षण करने का निर्णय लिया। निरीक्षण के दौरान, अवर निरीक्षक जय प्रकाश और सिपाही (थाना मैनेजर) चंदन कुमार ड्यूटी पर बिना वर्दी के पाए गए। उनके पहने हुए वस्त्र भी अव्यवस्थित थे। आयुक्त ने इसे सरकारी प्रोटोकॉल के प्रतिकूल आचरण मानते हुए दोनों कर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने का निर्देश दिया। थानाध्यक्ष की अनुपस्थिति के बारे में पूछताछ की इसके अलावा निरीक्षण के समय थानाध्यक्ष की अनुपस्थिति के बारे में ड्यूटी पर तैनात अवर निरीक्षक प्रमोद प्रसाद से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि थानाध्यक्ष क्षेत्र भ्रमण पर हैं। हालांकि, आयुक्त की ओर से दूरभाष पर हुई वार्ता में यह तथ्य सामने आया कि थानाध्यक्ष विधिवत रूप से अवकाश पर थे। उच्चाधिकारी को गुमराह करने वाली सूचना देने को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित अवर निरीक्षक को भी लाइन हाजिर करने का निर्देश दिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मियों को अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने, आमजनों के साथ शिष्ट व्यवहार करने और प्रोटोकॉल के अनुरूप आचरण प्रदर्शित करने की नसीहत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सरकारी कार्यों का निष्पादन समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेही के साथ सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए। इस क्रम में आयुक्त ने भूमि विवाद के मामलों के नियमानुसार निष्पादन के लिए हर शनिवार को सीओ के साथ नियमित सुनवाई की भी जानकारी ली।
प्रमंडलीय आयुक्त ने थाना परिसर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई की स्थिति को संतोषजनक बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि थाना परिसर आमजन के लिए एक अनुकरणीय स्थान होना चाहिए, जहां आने वाले लोगों को स्वच्छ-सुरक्षित वातावरण का अनुभव हो। साथ ही उन्होंने महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए महिला संबंधित मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई करने पर बल दिया। शिकायतकर्ता से अच्छा व्यवहार करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने, अपराध नियंत्रण के लिए नियमित गश्ती बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए।
उन्होंने थाना स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के निष्पादन और शिकायतकर्ताओं के साथ शिष्ट और संवेदनशील व्यवहार करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने शनिवार देर रात मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कर्तव्य में लापरवाही और सरकारी प्रोटोकॉल के प्रतिकूल आचरण के आरोप में 3 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने का निर्देश एसएसपी को दिया। आयुक्त को अहियापुर थाने में शिकायतकर्ताओं के साथ अमर्यादित और अशिष्ट व्यवहार की शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों के सत्यापन के बाद मामला सही पाए जाने पर आयुक्त ने खुद निरीक्षण करने का निर्णय लिया। निरीक्षण के दौरान, अवर निरीक्षक जय प्रकाश और सिपाही (थाना मैनेजर) चंदन कुमार ड्यूटी पर बिना वर्दी के पाए गए। उनके पहने हुए वस्त्र भी अव्यवस्थित थे। आयुक्त ने इसे सरकारी प्रोटोकॉल के प्रतिकूल आचरण मानते हुए दोनों कर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने का निर्देश दिया। थानाध्यक्ष की अनुपस्थिति के बारे में पूछताछ की इसके अलावा निरीक्षण के समय थानाध्यक्ष की अनुपस्थिति के बारे में ड्यूटी पर तैनात अवर निरीक्षक प्रमोद प्रसाद से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि थानाध्यक्ष क्षेत्र भ्रमण पर हैं। हालांकि, आयुक्त की ओर से दूरभाष पर हुई वार्ता में यह तथ्य सामने आया कि थानाध्यक्ष विधिवत रूप से अवकाश पर थे। उच्चाधिकारी को गुमराह करने वाली सूचना देने को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित अवर निरीक्षक को भी लाइन हाजिर करने का निर्देश दिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मियों को अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने, आमजनों के साथ शिष्ट व्यवहार करने और प्रोटोकॉल के अनुरूप आचरण प्रदर्शित करने की नसीहत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सरकारी कार्यों का निष्पादन समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेही के साथ सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए। इस क्रम में आयुक्त ने भूमि विवाद के मामलों के नियमानुसार निष्पादन के लिए हर शनिवार को सीओ के साथ नियमित सुनवाई की भी जानकारी ली।
प्रमंडलीय आयुक्त ने थाना परिसर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई की स्थिति को संतोषजनक बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि थाना परिसर आमजन के लिए एक अनुकरणीय स्थान होना चाहिए, जहां आने वाले लोगों को स्वच्छ-सुरक्षित वातावरण का अनुभव हो। साथ ही उन्होंने महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए महिला संबंधित मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई करने पर बल दिया। शिकायतकर्ता से अच्छा व्यवहार करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने, अपराध नियंत्रण के लिए नियमित गश्ती बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए।
उन्होंने थाना स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के निष्पादन और शिकायतकर्ताओं के साथ शिष्ट और संवेदनशील व्यवहार करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए।


