महिला IRS समेत सेंट्रल जीएसटी के 3 अफसर सस्पेंड:झांसी में 70 लाख की घूस ली थी, बदले में 23 करोड़ की टैक्स चोरी 50 लाख करते

महिला IRS समेत सेंट्रल जीएसटी के 3 अफसर सस्पेंड:झांसी में 70 लाख की घूस ली थी, बदले में 23 करोड़ की टैक्स चोरी 50 लाख करते

झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेने वाली सेंट्रल जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर (IRS अफसर) प्रभा भंडारी समेत 3 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया। डिप्टी कमिश्नर पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कार्रवाई की, जबकि कानपुर कमिश्नर रोशन लाल ने सुपरिडेंटेंड अनिल तिवारी और अजय शर्मा को सस्पेंड कर दिया। तीनों अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई। तीनों अफसरों ने जय दुर्गा हार्डवेयर एवं जय अंबे प्लाईवुड पर छापा मारा था। दोनों फर्मों के मालिकों को टैक्स चोरी के एवज में 23 करोड़ रुपए सरकारी खजाने में जमा करने थे। मगर तीनों आरोपी डेढ़ करोड की रिश्वत लेकर 23 करोड़ की रकम को घटाकर 50 लाख रुपए करने वाले थे। सीबीआई ने 30 दिसंबर को 70 लाख की घूस लेते सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उनके साथ दुर्गा हार्डवेयर फर्म के मालिक राजू मंगनानी और वकील नरेश को भी अरेस्ट किया गया था। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को गिरफ्तार किया था। 23 करोड़ रुपए टैक्स बन रहा था 18 दिसंबर को डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के नेतृत्व में सेंट्रल जीएसटी टीम ने झोकनबाग स्थित जय दुर्गा हार्डवेयर एवं जय अंबे प्लाईवुड पर छापा मारा था। इस दौरान भारी मात्रा में अघोषित माल और करोड़ों रुपए के कच्चे बिल पकड़े गए थे। सेंट्रल जीएसटी टीम की गणना में 13 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी पाई गई। नियम के अनुसार 50 प्रतिशत पेनाल्टी और 5 साल के ब्याज के साथ टैक्स वसूला जाना था। इस हिसाब से कारोबारी को 23 करोड़ रुपए जमा करने थे। बचने के लिए कारोबारियों ने वकील नरेश से संपर्क किया। नरेश ने अनिल और अजय से बात की। दाेनों ने 23 करोड़ की भारी भरकम राशि कम कराने की एवज में दो करोड़ की रिश्वत मांगी। फिर घटाकर डेढ़ करोड़ कर दी। राजू मंगतानी और लोकेश तोलानी की भी डिप्टी कमिश्नर से बात कराई। राजू मंगतानी ने डिप्टी कमिश्नर से पैसा कम करने को कहा तो वह तैयार नहीं हुई। इनकार करने पर दोनों कारोबारी 1.50 करोड़ देने पर सहमत हो गए थे। मगर सीबीआई ने पूरे मामले का भंडाफोड़ कर दिया। अनिल के साथ निवारक दस्ते में शामिल निरीक्षक को भी हटाया घूसकांड के बाद सेंट्रल जीएसटी विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। झांसी डिवीजन निवारक दस्ते में अनिल तिवारी एवं अजय शर्मा के साथ तैनात निरीक्षक प्रशांत विश्वकर्मा को हटा दिया गया। उनको झांसी से कानपुर शाखा की रिव्यू ब्रांच में भेज दिया गया। यह साइड पोस्टिंग मानी जाती है। निरीक्षक नरेंद्र कुमार को हटाकर कानपुर मंडल भेजा गया है। दोनों के हटाए जाने के बाद से विभाग में खलबली मची है। 4 पॉइंट में समझिए पूरा मामला सीबीआई के ट्रैप की पूरी कहानी CBI की FIR में दो और कारोबारियों के नाम खुलासा होने के बाद सीबीआई ने लखनऊ में 7 नामजद और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, जीएसटी सुपरिटेंडेंट सिविल लाइन निवासी अनिल तिवारी और शिवाजी नगर निवासी अजय शर्मा, सिविल लाइंस निवासी वकील नरेश कुमार गुप्ता और मयूर विहार कॉलानी निवासी जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगनानी अरेस्ट हो चुके हैं। इसके अलावा राजू का भाई तेजपाल मंगनानी और आवास विकास कॉलोनी-1 निवासी जय अंबे प्लाईवुड के मालिक लोकेश तोलानी को भी आरोपी बनाया गया है। पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह कर रहे हैं। सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर समेत दोनों सुपरिटेंडेंट की अकूत संपत्तियां खंगालना शुरू कर दिया है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *