डीग जिले के बंधा खालसा गांव में पशु चिकित्सा सहायता में कथित देरी के कारण तीन भैंसों की मौत हो गई। यह पशुधन बंधा खालसा निवासी सुरजी पुत्र हरकिशन गुर्जर का बताया जा रहा है। पीड़ित सुरजी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके बेटे चतर सिंह ने सुबह करीब 7 बजे से ही पशु चिकित्सा सहायता के लिए 1962 हेल्पलाइन नंबर पर कई बार कॉल किया। चार बार फोन नहीं उठाया गया। नहीं पहुंची कोई सहायता
काफी प्रयासों के बाद शाम करीब 4 बजे कॉल रिसीव किया गया। वहां से बताया गया कि शाम 4 बजे के बाद कोई सुनवाई नहीं होगी।
इसके बाद परिवार ने वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. भावना यादव से भी संपर्क किया। उन्होंने वाहन भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन देर शाम तक मौके पर कोई सहायता नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जिले में कार्यरत कई कर्मचारी जिला मुख्यालय छोड़कर रोजाना अप-डाउन करते हैं। इस कारण समय पर सेवाएं नहीं मिल पातीं और ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय पर उपचार मिल जाता, तो शायद पशुओं की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद गांव में रोष व्याप्त है और प्रशासन से लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।


