बैंक डकैत अमन शुक्ला हत्याकांड में पटना पुलिस ने दो शूटर्स, मास्टरमाइंड समेत 3 को अरेस्ट किया है। इसमें एक का नाम धर्मेंद्र सिंह है। धर्मेंद्र बिहटा का रहने वाला है। 6 महीने पहले जिम ट्रेनर था।फिलहाल कुछ नहीं कर रहा था। पत्रकार नगर थाने पर धर्मेंद्र सिंह के परिजन भी पहुंचें हैं। आज इस मामले में पटना पुलिस खुलासा कर सकती है। शूटर्स के पास से हथियार भी बरामद हो गए हैं। भास्कर के इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि जिस दिन अमन शुक्ला की हत्या हुई थी। उसी दिन 5 जनवरी की सुबह पोस्टल पार्क के रहने वाले अमन के करीबी सोनू राय ने भी पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसी दिन शाम को अमन शुक्ला की गोली मारकर अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी। अब यह महज संयोग था या पूरी साजिश, इसका खुलासा पटना पुलिस कर सकती है। जक्कनपुर, शाहपुर और एसके पुरी में दर्ज हैं मामले सोनू राय का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास रहा है। जक्कनपुर, शाहपुर और एसकेपुरी (श्री कृष्णापुरी) थाने में हत्या, आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। जेल भी जा चुका है। सोनू राय को पुलिस ने 16 मार्च 2020 को श्रीकृष्णा पुरी थाना अंतर्गत राजापुल के पास वाहन चेकिंग के दौरान रोका था। उसके भाई सूरज को भी हथियार और चोरी की बाइक के साथ पकड़ा था। इसी मामले में 17 मार्च 2020 को दोनों को जेल भेजा गया था। कुछ महीने के बाद दोनों भाई जमानत पर बाहर आए थे। इसी बीच सोनू राय ने कोर्ट की तारीख पर जाना छोड़ दिया, जिसके चलते उसकी बेल टूट गई और उसकी गिरफ्तारी के लिए समन जारी हो गया। अमन शुक्ला के जेल जाने के बाद परिवार के करीब आया अमन शुक्ला के जेल जाने के बाद भाई सूरज के जरिए सोनू अमन शुक्ला के परिवार के करीब आया। दोनों पड़ोस में ही रहते हैं। सूरज के कहने पर सोनू अमन शुक्ला के सारे घरेलू कामकाज को भी संभालने लगा। यहां तक कि उसके बच्चे को थेरेपी कराने के लिए भी रेगुलर लाता था। अमन की काफी मदद की। परिवार के काफी क्लोज चला गया था। पुलिस ने इसी एंगल पर अमन की पत्नी नेहा और उसके करीबी दोस्त को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी की। सूत्र बताते हैं कि, अमन की पत्नी शूटर्स को लोकेशन बता रही थी। एक सप्ताह पहले अमन को हत्या की मिली थी धमकी अमन शुक्ला काे बेऊर जेल से एक सप्ताह पहले हत्या की धमकी मिली थी। कॉल कर उससे कहा गया था कि तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी। रिटायर्ड दरोगा का बेटा अमन नालंदा जिले के सरमेरा थाने के बड़ी मलामा गांव का रहने वाला था। उसने गिरोह के साथ जून 2020 में बेऊर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में दिनदहाड़े 52.38 लाख की डकैती की थी। इस मामले में वह जेल गया था। पिछले साल मई में जेल से छूटा था। उसके बाद मीठापुर में रहकर सिक्योरिटी एजेंसी चलाता था। अपराधियों ने ओवर टेक कर की थी फायरिंग वारदात को बाइक सवार बदमाशों ने अंजाम दिया था। घटना पत्रकार नगर थाना अंतर्गत पी.सेक्टर विद्यापुरी में हुई। चश्मदीदों के अनुसार, अमन शुक्ला अपनी पत्नी और बच्चे के साथ बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 6 बजे बदमाशों ने ओवर टेक कर उनकी बाइक रोकी और सामने से उनपर फायरिंग कर दी। फायरिंग में पत्नी और बच्चे की जान बच गई। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने 10 राउंड से अधिक फायरिंग की है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। बैंक डकैत अमन शुक्ला हत्याकांड में पटना पुलिस ने दो शूटर्स, मास्टरमाइंड समेत 3 को अरेस्ट किया है। इसमें एक का नाम धर्मेंद्र सिंह है। धर्मेंद्र बिहटा का रहने वाला है। 6 महीने पहले जिम ट्रेनर था।फिलहाल कुछ नहीं कर रहा था। पत्रकार नगर थाने पर धर्मेंद्र सिंह के परिजन भी पहुंचें हैं। आज इस मामले में पटना पुलिस खुलासा कर सकती है। शूटर्स के पास से हथियार भी बरामद हो गए हैं। भास्कर के इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि जिस दिन अमन शुक्ला की हत्या हुई थी। उसी दिन 5 जनवरी की सुबह पोस्टल पार्क के रहने वाले अमन के करीबी सोनू राय ने भी पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसी दिन शाम को अमन शुक्ला की गोली मारकर अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी। अब यह महज संयोग था या पूरी साजिश, इसका खुलासा पटना पुलिस कर सकती है। जक्कनपुर, शाहपुर और एसके पुरी में दर्ज हैं मामले सोनू राय का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास रहा है। जक्कनपुर, शाहपुर और एसकेपुरी (श्री कृष्णापुरी) थाने में हत्या, आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। जेल भी जा चुका है। सोनू राय को पुलिस ने 16 मार्च 2020 को श्रीकृष्णा पुरी थाना अंतर्गत राजापुल के पास वाहन चेकिंग के दौरान रोका था। उसके भाई सूरज को भी हथियार और चोरी की बाइक के साथ पकड़ा था। इसी मामले में 17 मार्च 2020 को दोनों को जेल भेजा गया था। कुछ महीने के बाद दोनों भाई जमानत पर बाहर आए थे। इसी बीच सोनू राय ने कोर्ट की तारीख पर जाना छोड़ दिया, जिसके चलते उसकी बेल टूट गई और उसकी गिरफ्तारी के लिए समन जारी हो गया। अमन शुक्ला के जेल जाने के बाद परिवार के करीब आया अमन शुक्ला के जेल जाने के बाद भाई सूरज के जरिए सोनू अमन शुक्ला के परिवार के करीब आया। दोनों पड़ोस में ही रहते हैं। सूरज के कहने पर सोनू अमन शुक्ला के सारे घरेलू कामकाज को भी संभालने लगा। यहां तक कि उसके बच्चे को थेरेपी कराने के लिए भी रेगुलर लाता था। अमन की काफी मदद की। परिवार के काफी क्लोज चला गया था। पुलिस ने इसी एंगल पर अमन की पत्नी नेहा और उसके करीबी दोस्त को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी की। सूत्र बताते हैं कि, अमन की पत्नी शूटर्स को लोकेशन बता रही थी। एक सप्ताह पहले अमन को हत्या की मिली थी धमकी अमन शुक्ला काे बेऊर जेल से एक सप्ताह पहले हत्या की धमकी मिली थी। कॉल कर उससे कहा गया था कि तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी। रिटायर्ड दरोगा का बेटा अमन नालंदा जिले के सरमेरा थाने के बड़ी मलामा गांव का रहने वाला था। उसने गिरोह के साथ जून 2020 में बेऊर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में दिनदहाड़े 52.38 लाख की डकैती की थी। इस मामले में वह जेल गया था। पिछले साल मई में जेल से छूटा था। उसके बाद मीठापुर में रहकर सिक्योरिटी एजेंसी चलाता था। अपराधियों ने ओवर टेक कर की थी फायरिंग वारदात को बाइक सवार बदमाशों ने अंजाम दिया था। घटना पत्रकार नगर थाना अंतर्गत पी.सेक्टर विद्यापुरी में हुई। चश्मदीदों के अनुसार, अमन शुक्ला अपनी पत्नी और बच्चे के साथ बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 6 बजे बदमाशों ने ओवर टेक कर उनकी बाइक रोकी और सामने से उनपर फायरिंग कर दी। फायरिंग में पत्नी और बच्चे की जान बच गई। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने 10 राउंड से अधिक फायरिंग की है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।


