जिले के 3.2% बच्चे कुपोषित

जिले के 3.2% बच्चे कुपोषित

बेगूसराय जिले में बच्चों के पोषण स्तर को लेकर हुई समीक्षा में संतोषजनक तस्वीर सामने आई है। कुल 2,41,098 बच्चों की माप के आधार पर तैयार रिपोर्ट में 95.23 प्रतिशत माप दक्षता दर्ज की गई है। इनमें 91.6 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ पाए गए, जबकि 3.2 प्रतिशत गंभीर कुपोषण और 4.5 प्रतिशत मध्यम कुपोषण की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर डीएम श्रीकांत शास्त्री ने सभी कुपोषित बच्चों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय स्थित पोषण एवं पुनर्वास केंद्र में भेजने का निर्देश दिया, ताकि चिकित्सकीय निगरानी में उनका पोषण स्तर सुधारा जा सके। समाहरणालय के कारगिल विजय सभा भवन में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आईसीडीएस योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए का लक्ष्य 10,080 निर्धारित है, जिसमें अब तक 8,876 आवेदन अपलोड कर 88.06 प्रतिशत प्रगति हासिल की गई है। बछवाड़ा परियोजना 118 प्रतिशत उपलब्धि के साथ शीर्ष पर रही। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 14,550 लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया, जो लक्ष्य का 61.6 प्रतिशत है। इसके अलावा मनरेगा और नाबार्ड के माध्यम से आंगनबाड़ी भवन निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 3,066 केंद्रों पर पेयजल सुविधा उपलब्ध है। डीएम ने शेष केंद्रों पर जल्द बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिले में कुल 18 बाल विकास परियोजनाएं और 3,360 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। मानव संसाधन की समीक्षा में 12 सीडीपीओ और 80 महिला पर्यवेक्षिकाएं कार्यरत पाई गईं, जबकि 133 सेविका और 376 सहायिका के पद रिक्त हैं। डीएम ने इन पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना के तहत वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्वीकृत 193 केंद्रों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने का कार्य शुरू हो चुका है। बेगूसराय जिले में बच्चों के पोषण स्तर को लेकर हुई समीक्षा में संतोषजनक तस्वीर सामने आई है। कुल 2,41,098 बच्चों की माप के आधार पर तैयार रिपोर्ट में 95.23 प्रतिशत माप दक्षता दर्ज की गई है। इनमें 91.6 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ पाए गए, जबकि 3.2 प्रतिशत गंभीर कुपोषण और 4.5 प्रतिशत मध्यम कुपोषण की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर डीएम श्रीकांत शास्त्री ने सभी कुपोषित बच्चों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय स्थित पोषण एवं पुनर्वास केंद्र में भेजने का निर्देश दिया, ताकि चिकित्सकीय निगरानी में उनका पोषण स्तर सुधारा जा सके। समाहरणालय के कारगिल विजय सभा भवन में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आईसीडीएस योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए का लक्ष्य 10,080 निर्धारित है, जिसमें अब तक 8,876 आवेदन अपलोड कर 88.06 प्रतिशत प्रगति हासिल की गई है। बछवाड़ा परियोजना 118 प्रतिशत उपलब्धि के साथ शीर्ष पर रही। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 14,550 लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया, जो लक्ष्य का 61.6 प्रतिशत है। इसके अलावा मनरेगा और नाबार्ड के माध्यम से आंगनबाड़ी भवन निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 3,066 केंद्रों पर पेयजल सुविधा उपलब्ध है। डीएम ने शेष केंद्रों पर जल्द बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिले में कुल 18 बाल विकास परियोजनाएं और 3,360 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। मानव संसाधन की समीक्षा में 12 सीडीपीओ और 80 महिला पर्यवेक्षिकाएं कार्यरत पाई गईं, जबकि 133 सेविका और 376 सहायिका के पद रिक्त हैं। डीएम ने इन पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना के तहत वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्वीकृत 193 केंद्रों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने का कार्य शुरू हो चुका है।  

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