भास्कर न्यूज | बेगूसराय बरौनी प्रखंड के मल्हीपुर बिंद टोली में गुरुवार दोपहर भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। चिलचिलाती धूप और तेज पछुआ हवा के बीच लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और एक के बाद एक 28 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पूरा टोला धुएं और आग की लपटों में घिर गया। इस हादसे में करीब 40 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत दिपाली निषाद के घर से हुई, जहां अचानक धुएं का गुबार उठने लगा। घरवाले कुछ समझ पाते, उससे पहले आग ने भीषण रूप ले लिया। तेज पछुआ हवा ने आग को और भड़का दिया, जिससे वह तेजी से आसपास के घरों में फैलती चली गई। देखते ही देखते मंगल निषाद, हरिहर निषाद, उमेश निषाद, अर्जुन निषाद, राजेश निषाद, ललन निषाद, चंदन निषाद, दीपक निषाद, राजाराम निषाद, प्रभु निषाद और राजगीर निषाद समेत कई परिवारों के घर जलकर राख हो गए। आग लगते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए चापाकलों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की और साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता के आगे वह नाकाफी साबित हुई। एनटीपीसी की दमकल मंगाये गए तो पाया जा सका काबू इसके बाद बरौनी एनटीपीसी से अतिरिक्त दमकल वाहन मंगाए गए। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक पूरा टोला उजड़ चुका था। इस अग्निकांड में अनाज, कपड़े, नकद राशि, बर्तन और जरूरी कागजात सहित घर का सारा सामान जल गया। कई परिवारों ने बेटियों की शादी के लिए जो सामान और पैसे जमा किए थे, वह भी राख हो गए। हरिहर निषाद के घर निर्माण के लिए रखे एक लाख रुपए भी आग की भेंट चढ़ गए। वहीं रामविलास निषाद और अशोक निषाद के चार मवेशी झुलसकर घायल हो गए। घटना के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। रोती-बिलखती महिलाओं ने बताया कि आग ने संभलने का मौका तक नहीं दिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, हालांकि प्रारंभिक आशंका खाना बनाने के दौरान निकली चिंगारी या शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है। सूचना मिलते ही अंचल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आपदा प्रबंधन के तहत सभी पीड़ितों को जल्द राहत सामग्री, तिरपाल और सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। भास्कर न्यूज | बेगूसराय बरौनी प्रखंड के मल्हीपुर बिंद टोली में गुरुवार दोपहर भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। चिलचिलाती धूप और तेज पछुआ हवा के बीच लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और एक के बाद एक 28 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पूरा टोला धुएं और आग की लपटों में घिर गया। इस हादसे में करीब 40 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत दिपाली निषाद के घर से हुई, जहां अचानक धुएं का गुबार उठने लगा। घरवाले कुछ समझ पाते, उससे पहले आग ने भीषण रूप ले लिया। तेज पछुआ हवा ने आग को और भड़का दिया, जिससे वह तेजी से आसपास के घरों में फैलती चली गई। देखते ही देखते मंगल निषाद, हरिहर निषाद, उमेश निषाद, अर्जुन निषाद, राजेश निषाद, ललन निषाद, चंदन निषाद, दीपक निषाद, राजाराम निषाद, प्रभु निषाद और राजगीर निषाद समेत कई परिवारों के घर जलकर राख हो गए। आग लगते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए चापाकलों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की और साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता के आगे वह नाकाफी साबित हुई। एनटीपीसी की दमकल मंगाये गए तो पाया जा सका काबू इसके बाद बरौनी एनटीपीसी से अतिरिक्त दमकल वाहन मंगाए गए। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक पूरा टोला उजड़ चुका था। इस अग्निकांड में अनाज, कपड़े, नकद राशि, बर्तन और जरूरी कागजात सहित घर का सारा सामान जल गया। कई परिवारों ने बेटियों की शादी के लिए जो सामान और पैसे जमा किए थे, वह भी राख हो गए। हरिहर निषाद के घर निर्माण के लिए रखे एक लाख रुपए भी आग की भेंट चढ़ गए। वहीं रामविलास निषाद और अशोक निषाद के चार मवेशी झुलसकर घायल हो गए। घटना के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। रोती-बिलखती महिलाओं ने बताया कि आग ने संभलने का मौका तक नहीं दिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, हालांकि प्रारंभिक आशंका खाना बनाने के दौरान निकली चिंगारी या शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है। सूचना मिलते ही अंचल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आपदा प्रबंधन के तहत सभी पीड़ितों को जल्द राहत सामग्री, तिरपाल और सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।


