बियाडा की दो हजार 727 एकड़ औद्योगिक जमीन केस- मुकदमे में फंसने से राज्य में आैद्योगिकीकरण के रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। दो हजार 727 एकड़ पर करीब एक हजार फैक्ट्री खुल सकती है। इससे 25 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है। बियाडा जमीन वापस पाने के लिए अदालतों के फैसले का इंतजार कर रही है। फिलहाल 2727 एकड़ आैद्योगिक जमीन बेकार पड़ी है। उद्यमियों व बियाडा के अधिकारियों के बीच जारी कानूनी जंग से आैद्योगिक जमीन पर फैक्ट्रियां नहीं लग पा रही है। सरकार की ओर से बियाडा को कल- कारखानों के लिए एलॉट की गई कुल 9857 एकड़ जमीन में 2 हजार 727 एकड़ जमीन मुकदमों के जद में है। करीब कुल औद्योगिक जमीन की करीब 26 फीसदी जमीन को पुन: वापस पाने के लिए बियाडा व उद्योग विभाग के अधिकारी अदालतों का चक्कर लगा रहें है। बियाडा ने विभिन्न जिलों में आैद्योगिकीकरण के लिए 9857 एकड़ जमीन अधिसूचित किया है। इसमें से 1 हजार 800 एकड़ जमीन सड़कें, प्रशासनिक कार्यालय व अन्य इंफ्रास्ट्रेक्चर के लिए रिजर्व रखा गया। हाल ही में बियाडा की आेर से वित्त विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार 2727 एकड़ जमीन मुकदमा व 696 एकड़ जमीन रिक्त पड़ी है। उत्तर बिहार उद्योग व वाणिज्य परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर भीमसेरिया बताते है कि बियाडा एक निश्चित अवधि के लिए उद्यमियों को जमीन देती है। बीच में बियाडा आवंटन रद्द कर देती है। इसके कारण उद्यमी अदालत चले जाते है। इससे आैद्योगिक जमीन अधर में फंस जाता है। आवंटन रद्द होने से संचालन पर रोक लग जाती है। जिलावार आंकड़ा
क्षेत्र जमीन फंसी गयाजी 2475 1332 एकड़ बेगूसराय 896 192 एकड़ मुजफ्फरपुर 379 15 एकड़ पटना 417 46 एकड़ हाजीपुर 594 49 एकड़ मुकदमा खत्म होने पर फैक्ट्री खुलेगी, रोजगार संभव बियाडा की दो हजार 727 एकड़ औद्योगिक जमीन केस- मुकदमे में फंसने से राज्य में आैद्योगिकीकरण के रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। दो हजार 727 एकड़ पर करीब एक हजार फैक्ट्री खुल सकती है। इससे 25 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है। बियाडा जमीन वापस पाने के लिए अदालतों के फैसले का इंतजार कर रही है। फिलहाल 2727 एकड़ आैद्योगिक जमीन बेकार पड़ी है। उद्यमियों व बियाडा के अधिकारियों के बीच जारी कानूनी जंग से आैद्योगिक जमीन पर फैक्ट्रियां नहीं लग पा रही है। सरकार की ओर से बियाडा को कल- कारखानों के लिए एलॉट की गई कुल 9857 एकड़ जमीन में 2 हजार 727 एकड़ जमीन मुकदमों के जद में है। करीब कुल औद्योगिक जमीन की करीब 26 फीसदी जमीन को पुन: वापस पाने के लिए बियाडा व उद्योग विभाग के अधिकारी अदालतों का चक्कर लगा रहें है। बियाडा ने विभिन्न जिलों में आैद्योगिकीकरण के लिए 9857 एकड़ जमीन अधिसूचित किया है। इसमें से 1 हजार 800 एकड़ जमीन सड़कें, प्रशासनिक कार्यालय व अन्य इंफ्रास्ट्रेक्चर के लिए रिजर्व रखा गया। हाल ही में बियाडा की आेर से वित्त विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार 2727 एकड़ जमीन मुकदमा व 696 एकड़ जमीन रिक्त पड़ी है। उत्तर बिहार उद्योग व वाणिज्य परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर भीमसेरिया बताते है कि बियाडा एक निश्चित अवधि के लिए उद्यमियों को जमीन देती है। बीच में बियाडा आवंटन रद्द कर देती है। इसके कारण उद्यमी अदालत चले जाते है। इससे आैद्योगिक जमीन अधर में फंस जाता है। आवंटन रद्द होने से संचालन पर रोक लग जाती है। जिलावार आंकड़ा
क्षेत्र जमीन फंसी गयाजी 2475 1332 एकड़ बेगूसराय 896 192 एकड़ मुजफ्फरपुर 379 15 एकड़ पटना 417 46 एकड़ हाजीपुर 594 49 एकड़ मुकदमा खत्म होने पर फैक्ट्री खुलेगी, रोजगार संभव


