मुंगेर में 26वां अंतरराष्ट्रीय अंग नाट्य यज्ञ शुरू:देश-विदेश के कलाकार कर रहे परफॉर्म, सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार

मुंगेर में 26वां अंतरराष्ट्रीय अंग नाट्य यज्ञ शुरू:देश-विदेश के कलाकार कर रहे परफॉर्म, सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार

मुंगेर जिले के बरियारपुर में अंग नाट्य मंच द्वारा 26वें अंतरराष्ट्रीय अंग नाट्य यज्ञ का रंगारंग शुभारंभ हुआ। गांधीपुर स्थित कार्यालय परिसर में आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम लघुनाटक, नुक्कड़ नाटक, रंगजुलूस और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों का संगम होगा। संयोजक अभय कुमार, कार्यक्रम निदेशक संजय कुमार और अंतर्राष्ट्रीय संयोजक अर्पित आचार्य इस आयोजन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस सांस्कृतिक संगम में देश के विभिन्न प्रांतों और विदेशों से लगभग 300 महिला व पुरुष रंगकर्मी भाग लेंगे। गुजराती फोकस डांस और ओडिशा टीम ने ग्रुप फोकस डांस की प्रस्तुति दी सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथि पुनः मंडल, अशोक मंडल, नरेंद्र तांती और नाट्य निर्णायक मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद अंग नाट्य मंच की बाल कलाकार आर्णा ने मां भारती वंदना प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त, शालू सागर ने गुजराती फोकस डांस और ओडिशा टीम ने ग्रुप फोकस डांस की प्रस्तुति दी। इसके बाद लघु नाटकों का दौर शुरू हुआ। पहले दिन कुल चार नाटकों का मंचन किया गया। पहला नाटक गीता थिएटर जमशेदपुर द्वारा पहला नाटक गीता थिएटर जमशेदपुर द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रीति सुमन द्वारा लिखित और प्रेम दीक्षित द्वारा निर्देशित ‘अतिथि देवो भवः’ में खुशी दुबे, प्रेम दीक्षित, पूर्वी पांडे और अनंत सरदार जैसे कलाकारों ने अभिनय किया। यह नाटक दहेज लोभियों के षड्यंत्र का शिकार हुई एक युवती की कहानी को दर्शाता है। दूसरा नाटक हल्दीबाड़ी कोलाज, न्यू जलपाईगुड़ी की ओर से दीपांकर भट्टाचार्य द्वारा निर्देशित ‘क्रीतोदास’ था। इस नाटक में लियोन सरकार, साहित्य सरकार, अरण्य दास और तृष्णा देव सहित अन्य कलाकारों ने व्यावसायिक थिएटर के नाम पर नाटक में अश्लीलता लाने के प्रयासों को उजागर किया। ”प्यार उम्र, रिश्ते और रूप देखकर किया जाए यह जरूरी नहीं” तीसरा नाटक स्वांग ड्रामा क्लब, हावड़ा टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया। मोहम्मद आसिफ आलम द्वारा लिखित और निर्देशित इस नाटक का शीर्षक ‘लाल इश्क’ था। जिसमे जनाब रजा, सुभाश्री मल्लिक, सिरिस्ता बनर्जी आदि कलाकारो के द्वारा दिखाया गया कि प्यार उम्र, रिश्ते और रूप देखकर किया जाए यह जरूरी नहीं है। इसमें एक दूसरे के दिल तक र,ह बनने की, प्रेम की गाढे लाल रंग में रंग जाने की कहानी दिखाई गई। लड़कियों की बेमेल शादी और इससे उपजी समस्याओं को दिखाया नाटक के दौर मे चौथी प्रस्तुति रंगओला फाउण्डेशन पटना द्वारा भिखारी ठाकुर लिखित एवं रजनी कान्त द्वारा निर्देशित नाटक बेटी वियोग का मंचन किया गया। जिसमे रोहन राज, प्रियांशु कुमारी, रिंकू राणा, गौरव कुमार, दीनानाथ गोस्वामी, दीपमाला आदि कलाकार द्वारा समाज में लड़कियों की बेमेल शादी और इससे उपजी समस्याओं को दिखाया गया। ऐसे पिता की कहानी दिखाई जो गरीबी से तंग नाटक में ऐसे पिता की कहानी दिखाई जो गरीबी से तंग है और अपनी बेटी की शादी गरीबी के कारण नहीं करा पाता है। ऐसे में पैसे के लालच में अपनी बेटी की शादी दुगुनी उम्र के बीमार व्यक्ति से करा देता है। जो दर्शको को झकझोर दिया। लघु नाटक निर्णायक में नाट्य निर्णायक मंडल मे उडीसा से प्रसन्न कुमार दास के साथ कपिलदेव रंग थे। इस क्रम में शानु, प्रीति सागर, भानु प्रिया आदि बड़ी संख्या में विभिन्न प्रांतो से आए रंगकर्मी कलाकार के साथ ग्रामीण मौजूद थे। मुंगेर जिले के बरियारपुर में अंग नाट्य मंच द्वारा 26वें अंतरराष्ट्रीय अंग नाट्य यज्ञ का रंगारंग शुभारंभ हुआ। गांधीपुर स्थित कार्यालय परिसर में आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम लघुनाटक, नुक्कड़ नाटक, रंगजुलूस और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों का संगम होगा। संयोजक अभय कुमार, कार्यक्रम निदेशक संजय कुमार और अंतर्राष्ट्रीय संयोजक अर्पित आचार्य इस आयोजन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस सांस्कृतिक संगम में देश के विभिन्न प्रांतों और विदेशों से लगभग 300 महिला व पुरुष रंगकर्मी भाग लेंगे। गुजराती फोकस डांस और ओडिशा टीम ने ग्रुप फोकस डांस की प्रस्तुति दी सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथि पुनः मंडल, अशोक मंडल, नरेंद्र तांती और नाट्य निर्णायक मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद अंग नाट्य मंच की बाल कलाकार आर्णा ने मां भारती वंदना प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त, शालू सागर ने गुजराती फोकस डांस और ओडिशा टीम ने ग्रुप फोकस डांस की प्रस्तुति दी। इसके बाद लघु नाटकों का दौर शुरू हुआ। पहले दिन कुल चार नाटकों का मंचन किया गया। पहला नाटक गीता थिएटर जमशेदपुर द्वारा पहला नाटक गीता थिएटर जमशेदपुर द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रीति सुमन द्वारा लिखित और प्रेम दीक्षित द्वारा निर्देशित ‘अतिथि देवो भवः’ में खुशी दुबे, प्रेम दीक्षित, पूर्वी पांडे और अनंत सरदार जैसे कलाकारों ने अभिनय किया। यह नाटक दहेज लोभियों के षड्यंत्र का शिकार हुई एक युवती की कहानी को दर्शाता है। दूसरा नाटक हल्दीबाड़ी कोलाज, न्यू जलपाईगुड़ी की ओर से दीपांकर भट्टाचार्य द्वारा निर्देशित ‘क्रीतोदास’ था। इस नाटक में लियोन सरकार, साहित्य सरकार, अरण्य दास और तृष्णा देव सहित अन्य कलाकारों ने व्यावसायिक थिएटर के नाम पर नाटक में अश्लीलता लाने के प्रयासों को उजागर किया। ”प्यार उम्र, रिश्ते और रूप देखकर किया जाए यह जरूरी नहीं” तीसरा नाटक स्वांग ड्रामा क्लब, हावड़ा टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया। मोहम्मद आसिफ आलम द्वारा लिखित और निर्देशित इस नाटक का शीर्षक ‘लाल इश्क’ था। जिसमे जनाब रजा, सुभाश्री मल्लिक, सिरिस्ता बनर्जी आदि कलाकारो के द्वारा दिखाया गया कि प्यार उम्र, रिश्ते और रूप देखकर किया जाए यह जरूरी नहीं है। इसमें एक दूसरे के दिल तक र,ह बनने की, प्रेम की गाढे लाल रंग में रंग जाने की कहानी दिखाई गई। लड़कियों की बेमेल शादी और इससे उपजी समस्याओं को दिखाया नाटक के दौर मे चौथी प्रस्तुति रंगओला फाउण्डेशन पटना द्वारा भिखारी ठाकुर लिखित एवं रजनी कान्त द्वारा निर्देशित नाटक बेटी वियोग का मंचन किया गया। जिसमे रोहन राज, प्रियांशु कुमारी, रिंकू राणा, गौरव कुमार, दीनानाथ गोस्वामी, दीपमाला आदि कलाकार द्वारा समाज में लड़कियों की बेमेल शादी और इससे उपजी समस्याओं को दिखाया गया। ऐसे पिता की कहानी दिखाई जो गरीबी से तंग नाटक में ऐसे पिता की कहानी दिखाई जो गरीबी से तंग है और अपनी बेटी की शादी गरीबी के कारण नहीं करा पाता है। ऐसे में पैसे के लालच में अपनी बेटी की शादी दुगुनी उम्र के बीमार व्यक्ति से करा देता है। जो दर्शको को झकझोर दिया। लघु नाटक निर्णायक में नाट्य निर्णायक मंडल मे उडीसा से प्रसन्न कुमार दास के साथ कपिलदेव रंग थे। इस क्रम में शानु, प्रीति सागर, भानु प्रिया आदि बड़ी संख्या में विभिन्न प्रांतो से आए रंगकर्मी कलाकार के साथ ग्रामीण मौजूद थे।  

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