गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आज दोपहर थाईलैंड के डॉन मुआंग एयरपोर्ट से आई थाई एयर एशिया की फ्लाइट से 4 यात्रियों को 25 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (विदेशी गांजा) के साथ पकड़ा गया है। कीमत 25 करोड़ रुपए से अधिक की आंकी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि कस्टम की टीम ने 5 अलग-अलग बैग की जांच में यह मादक पदार्थ बरामद किया है। अचरज की बात है कि इस मामले में कार्रवाई हुई और गिरफ्तारी भी हुई। ऐसा कतई नही है कि यह पहली बार हुआ है। यह इस साल का तीसरा मामला है। जनवरी में 4 यात्री पकड़े गए थे। उनके पास भी हाइड्रोपोनिक गांजा था। 14 मार्च को 10 करोड़ का गांजा लावारिस बैग से मिला। आज तक यह स्पष्ट नहीं कि वह बैग किसका था। अब 25 किलो फिर पकड़ा गया है। एयरपोर्ट की सुरक्षा तीन परतों में होती है। ये कस्टम, CISF और एयरपोर्ट अथॉरिटी है। लेकिन हर बार खुलासा होने के बाद तीनों विभाग एक ही लाइन बोलते हैं कि जानकारी नहीं है। अधिकारी कैमरे के सामने आने से बच रहे पकड़े गए यात्रियों से पूछताछ जारी है। लेकिन उनके नाम तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। अधिकारी कैमरे के सामने आने से बच रहे हैं। आधिकारिक बयान देने से भी पल्ला झाड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों में भी चर्चा है कि गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अब तस्करों का सुरक्षित रास्ता बनता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि हर बड़े खुलासे के बाद सख्ती के दावे होते हैं। गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आज दोपहर थाईलैंड के डॉन मुआंग एयरपोर्ट से आई थाई एयर एशिया की फ्लाइट से 4 यात्रियों को 25 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (विदेशी गांजा) के साथ पकड़ा गया है। कीमत 25 करोड़ रुपए से अधिक की आंकी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि कस्टम की टीम ने 5 अलग-अलग बैग की जांच में यह मादक पदार्थ बरामद किया है। अचरज की बात है कि इस मामले में कार्रवाई हुई और गिरफ्तारी भी हुई। ऐसा कतई नही है कि यह पहली बार हुआ है। यह इस साल का तीसरा मामला है। जनवरी में 4 यात्री पकड़े गए थे। उनके पास भी हाइड्रोपोनिक गांजा था। 14 मार्च को 10 करोड़ का गांजा लावारिस बैग से मिला। आज तक यह स्पष्ट नहीं कि वह बैग किसका था। अब 25 किलो फिर पकड़ा गया है। एयरपोर्ट की सुरक्षा तीन परतों में होती है। ये कस्टम, CISF और एयरपोर्ट अथॉरिटी है। लेकिन हर बार खुलासा होने के बाद तीनों विभाग एक ही लाइन बोलते हैं कि जानकारी नहीं है। अधिकारी कैमरे के सामने आने से बच रहे पकड़े गए यात्रियों से पूछताछ जारी है। लेकिन उनके नाम तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। अधिकारी कैमरे के सामने आने से बच रहे हैं। आधिकारिक बयान देने से भी पल्ला झाड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों में भी चर्चा है कि गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अब तस्करों का सुरक्षित रास्ता बनता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि हर बड़े खुलासे के बाद सख्ती के दावे होते हैं।


