पटना जू में जल्द ही 24 नए जानवर देखने को मिलेंगे। पटना जू में एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत दिल्ली जू और रोहतक जू से नए जानवर आ रहे हैं। दिल्ली जू के साथ हुए समझौते के तहत, पटना जू को 1 सफेद बाघिन मिलने वाली है। वहीं, 6 संघाई हिरण, 4 सफेद ब्लैकबक, 4 गुलाबी पेलिकन, 4 पेंटेड स्टॉर्क और 1 सफेद बगुला शामिल हैं। इसके साथ ही रोहतक जू से 2 ग्रीन इगुआना और 2 सिल्वर फिजेंट मिलेंगे। अप्रैल अंत तक इन जानवरों के पटना जू पहुंचने की उम्मीद है। पटना जू की ओर से दिल्ली जाएगा एक मेल टाइगर दिल्ली जू से आने वाले संघाई हिरण में दो नर और चार मादा, सफेद ब्लैकबक में दो नर और दो मादा होंगे। इसके बदले दिल्ली जू को पटना जू की ओर से एक मेल टाइगर, 4 घड़ियाल, 4 इंडियन मृग, 4 इंडियन वुल्फ, 2 कॉमन रैट स्नेक और 2 बार्न आउल दिए जाएंगे। इसके साथ ही भेड़ियों की एक जोड़ी हरियाणा के रोहतक जू भेजी जाएगी। दोनों जू से एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम को मंजूरी मिल गई है। अब पटना जू की टीम दोनों चिड़ियाघरों का दौरा करेगी और उनकी टीमें भी इस प्रक्रिया को गति देने के लिए यहां आएंगी।
सफेद ब्लैकबक और हरे इगुआना होंगे एक नया आकर्षण जू प्रशासन के अनुसार सफेद ब्लैकबक और हरे इगुआना विजिटर्स के लिए एक नया आकर्षण होंगे। नए जानवरों के लिए ब्लैकबक के बगल में एक अलग बाड़ा बनाया गया है। इसके अलावा, रेप्टाईल घर में इगुआना के लिए एक कांच का बाड़ा (20×30 फीट) तैयार किया गया है। इगुआना फल, सब्जियां, पत्ते और कीड़े खाते हैं। उन्हें प्राकृतिक वातावरण की आवश्यकता होती है। इसके लिए उनके बाड़े में मजबूत टहनी, एक फाउंटेन और आसपास कुछ पत्थर और पत्ते भी लगाए गए हैं, जो नैचुरल लुक दे।
जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना जरूरी जू प्रशासन के मुताबिक एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के बीच जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना और इनब्रीडिंग को रोकना है। इससे अक्सर समस्या पैदा हो जाती है, जिससे उनकी अगली पीढ़ी कमजोर होने लगती है। वन्यजीव प्रजातियों के लॉन्ग टर्म कंजर्वेशन को बेहतर बनाने के लिए कैपटिव ब्रीडिंग पापुलेशन को मजबूत करना आवश्यक है। राष्ट्रीय वन्यजीव प्रबंधन मानकों का अनुपालन करने के लिए इस तरह का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है। पटना जू में जल्द ही 24 नए जानवर देखने को मिलेंगे। पटना जू में एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत दिल्ली जू और रोहतक जू से नए जानवर आ रहे हैं। दिल्ली जू के साथ हुए समझौते के तहत, पटना जू को 1 सफेद बाघिन मिलने वाली है। वहीं, 6 संघाई हिरण, 4 सफेद ब्लैकबक, 4 गुलाबी पेलिकन, 4 पेंटेड स्टॉर्क और 1 सफेद बगुला शामिल हैं। इसके साथ ही रोहतक जू से 2 ग्रीन इगुआना और 2 सिल्वर फिजेंट मिलेंगे। अप्रैल अंत तक इन जानवरों के पटना जू पहुंचने की उम्मीद है। पटना जू की ओर से दिल्ली जाएगा एक मेल टाइगर दिल्ली जू से आने वाले संघाई हिरण में दो नर और चार मादा, सफेद ब्लैकबक में दो नर और दो मादा होंगे। इसके बदले दिल्ली जू को पटना जू की ओर से एक मेल टाइगर, 4 घड़ियाल, 4 इंडियन मृग, 4 इंडियन वुल्फ, 2 कॉमन रैट स्नेक और 2 बार्न आउल दिए जाएंगे। इसके साथ ही भेड़ियों की एक जोड़ी हरियाणा के रोहतक जू भेजी जाएगी। दोनों जू से एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम को मंजूरी मिल गई है। अब पटना जू की टीम दोनों चिड़ियाघरों का दौरा करेगी और उनकी टीमें भी इस प्रक्रिया को गति देने के लिए यहां आएंगी।
सफेद ब्लैकबक और हरे इगुआना होंगे एक नया आकर्षण जू प्रशासन के अनुसार सफेद ब्लैकबक और हरे इगुआना विजिटर्स के लिए एक नया आकर्षण होंगे। नए जानवरों के लिए ब्लैकबक के बगल में एक अलग बाड़ा बनाया गया है। इसके अलावा, रेप्टाईल घर में इगुआना के लिए एक कांच का बाड़ा (20×30 फीट) तैयार किया गया है। इगुआना फल, सब्जियां, पत्ते और कीड़े खाते हैं। उन्हें प्राकृतिक वातावरण की आवश्यकता होती है। इसके लिए उनके बाड़े में मजबूत टहनी, एक फाउंटेन और आसपास कुछ पत्थर और पत्ते भी लगाए गए हैं, जो नैचुरल लुक दे।
जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना जरूरी जू प्रशासन के मुताबिक एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के बीच जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना और इनब्रीडिंग को रोकना है। इससे अक्सर समस्या पैदा हो जाती है, जिससे उनकी अगली पीढ़ी कमजोर होने लगती है। वन्यजीव प्रजातियों के लॉन्ग टर्म कंजर्वेशन को बेहतर बनाने के लिए कैपटिव ब्रीडिंग पापुलेशन को मजबूत करना आवश्यक है। राष्ट्रीय वन्यजीव प्रबंधन मानकों का अनुपालन करने के लिए इस तरह का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है।


