नालंदा जिले में सड़क हादसों में अपने परिजनों को खो चुके सैकड़ों परिवार लंबे समय से मुआवजे के इंतजार में है। अधूरे दस्तावेजों और प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण इन परिवारों को अब तक राहत राशि नहीं मिल पाई है। अब परिवहन विभाग ने समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष पहल की घोषणा की है। जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) राहुल सिन्हा ने बताया कि विभाग 15 जनवरी के आसपास एक विशेष शिविर का आयोजन करने जा रहा है, जिसमें मृतकों के परिजनों को दस्तावेज तैयार करने और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में सहायता प्रदान की जाएगी। जो सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, उनमें विशेष रूप से हिट एंड रन के मामले सबसे जटिल होते हैं। इन मामलों में दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो जाता है और वाहन की पहचान नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में मुआवजा प्राप्त करने के लिए जो दस्तावेज जरूरी होते हैं, उन्हें तैयार करने में मृतक के परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में लगभग 150 से 200 ऐसे मामले लंबित हैं, जिनमें दस्तावेजों की कमी के कारण परिजन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसी वजह से इन परिवारों को उनका वैध मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। विशेष शिविर में मिलेगी हर संभव सहायता परिवहन विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इस विशेष शिविर में मृतकों के परिजनों को व्यापक सहायता प्रदान की जाएगी। डीटीओ कार्यालय में आयोजित होने वाले इस शिविर में अधिकारी और कर्मचारी स्वयं उपस्थित रहकर परिजनों की मदद करेंगे। शिविर में मुआवजा आवेदन फॉर्म भरने में सहायता, आवश्यक दस्तावेजों की सूची और उन्हें तैयार करने का मार्गदर्शन,कानूनी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं का तत्काल समाधान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पीड़ित परिवारों के लिए राहत की उम्मीद यह पहल उन परिवारों के लिए राहत की किरण लेकर आई है, जो वर्षों से न्याय और मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सड़क दुर्घटना में परिजन को खोने के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे इन परिवारों के लिए मुआवजा राशि जीवनयापन का एक महत्वपूर्ण सहारा है। नालंदा जिले में सड़क हादसों में अपने परिजनों को खो चुके सैकड़ों परिवार लंबे समय से मुआवजे के इंतजार में है। अधूरे दस्तावेजों और प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण इन परिवारों को अब तक राहत राशि नहीं मिल पाई है। अब परिवहन विभाग ने समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष पहल की घोषणा की है। जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) राहुल सिन्हा ने बताया कि विभाग 15 जनवरी के आसपास एक विशेष शिविर का आयोजन करने जा रहा है, जिसमें मृतकों के परिजनों को दस्तावेज तैयार करने और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में सहायता प्रदान की जाएगी। जो सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, उनमें विशेष रूप से हिट एंड रन के मामले सबसे जटिल होते हैं। इन मामलों में दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो जाता है और वाहन की पहचान नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में मुआवजा प्राप्त करने के लिए जो दस्तावेज जरूरी होते हैं, उन्हें तैयार करने में मृतक के परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में लगभग 150 से 200 ऐसे मामले लंबित हैं, जिनमें दस्तावेजों की कमी के कारण परिजन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसी वजह से इन परिवारों को उनका वैध मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। विशेष शिविर में मिलेगी हर संभव सहायता परिवहन विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इस विशेष शिविर में मृतकों के परिजनों को व्यापक सहायता प्रदान की जाएगी। डीटीओ कार्यालय में आयोजित होने वाले इस शिविर में अधिकारी और कर्मचारी स्वयं उपस्थित रहकर परिजनों की मदद करेंगे। शिविर में मुआवजा आवेदन फॉर्म भरने में सहायता, आवश्यक दस्तावेजों की सूची और उन्हें तैयार करने का मार्गदर्शन,कानूनी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं का तत्काल समाधान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पीड़ित परिवारों के लिए राहत की उम्मीद यह पहल उन परिवारों के लिए राहत की किरण लेकर आई है, जो वर्षों से न्याय और मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सड़क दुर्घटना में परिजन को खोने के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे इन परिवारों के लिए मुआवजा राशि जीवनयापन का एक महत्वपूर्ण सहारा है।


