चेक रिपब्लिक के 20 साल के खिलाड़ी याकूब मेन्सिक ने पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनाई। मंगलवार रात पेरिस में खेले गए मेन्स सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में मेन्सिक ने 19 साल के ब्राजील के खिलाड़ी जोआओ फोंसेका को 6-4, 6-3, 7-6(3) से हराया। यह मुकाबला इस साल फ्रेंच ओपन का सबसे युवा क्वार्टर फाइनल था। 2006 के बाद पहली बार दो इतने युवा खिलाड़ियों के बीच अंतिम-8 का मैच खेला गया। तब 20 साल के राफेल नडाल और 19 साल के नोवाक जोकोविच आमने-सामने थे। अब सेमीफाइनल में मेन्सिक का मुकाबला सेकंड सीड जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव ने क्वार्टर फाइनल में राफेल जोदार को हराया। दो घंटे 33 मिनट चला मुकाबला, तीसरे सेट में पिछड़ने के बाद मेन्सिक ने शानदार वापसी की याकूब मेन्सिक और ब्राजील के जोआओ फोंसेका अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल खेल रहे थे। दोनों युवा खिलाड़ियों के बीच मुकाबला दो घंटे 33 मिनट तक चला। मेन्सिक ने शुरुआती दो सेट आसानी से जीते। तीसरे सेट में वे कुछ ब्रेक पॉइंट गंवाकर पीछे हो गए थे, लेकिन फोकस बनाए रखते हुए सेट को टाई-ब्रेकर में ले गए और मैच जीत लिया। इस जीत के साथ मेन्सिक 2004 या उसके बाद पैदा होने वाले दुनिया के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए, जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनाई। वे ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में पहुंचने वाले चेक रिपब्लिक के सबसे युवा खिलाड़ी भी बने। मैच के बाद मेन्सिक बोले- शुरुआत में नर्वस था, लेकिन आखिरी तक लड़ता रहा इस जीत के बाद एटीपी (ATP) से बातचीत में मेन्सिक ने कहा,’मैच की शुरुआत में हम दोनों ही थोड़े नर्वस थे, लेकिन अंत में दोनों ओर से कुछ अविश्वसनीय शॉट्स देखने को मिले। मैं अपनी इस वापसी से बेहद खुश हूं। तीसरे सेट में मैं कुछ ब्रेक डाउन था, इसलिए खुश हूं कि मैं खेल पर ध्यान बनाए रखने और आखिरी समय तक लड़ने में कामयाब रहा।’ अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने राफेल जोदार को हराया
दूसरी तरफ, 2024 फ्रेंच ओपन फाइनलिस्ट अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने युवा खिलाड़ी राफेल जोदार को 7-6(3), 6-1, 6-3 से हराया। ज्वेरेव ने टूर्नामेंट के 5 मैचों में अब तक केवल एक सेट गंवाया है। हालांकि, पहले सेट में ज्वेरेव एक समय 2-5 से पीछे थे, लेकिन अनुभव के दम पर उन्होंने दो घंटे 17 मिनट में मैच जीत लिया। कोर्ट की छत बंद होने से परिस्थितियां बदल गई थीं, जिससे उन्हें शुरुआत में तालमेल बैठाने में परेशानी हुई। ज्वेरेव बोले- परिस्थितियां अलग थीं, टॉपस्पिन काम नहीं आ रही थी तो फ्लैट शॉट्स खेले
मैच के बाद ज्वेरेव ने कोर्ट पर इंटरव्यू में कहा,’यह शुरुआत में काफी मुश्किल था। पहले सेट में जोदार बेहतरीन रिदम में थे और मैं बहुत डिफेंसिव खेल रहा था। क्लोज्ड रूफ की वजह से परिस्थितियां पूरी तरह अलग थीं। रैकेट के स्ट्रिंग का तनाव अलग महसूस हो रहा था और गेंद टप्पा खाने के बाद अलग बर्ताव कर रही थी। गेंद ज्यादा ऊपर बाउंस नहीं हो रही थी, इसलिए मेरा भारी ‘टॉपस्पिन’ काम नहीं आ रहा था। मुझे अपने शॉट्स को थोड़ा फ्लैट (सीधा) करना पड़ा। जोदार ने पहले सेट में जब मैच के लिए सर्व किया, तो वे थोड़े नर्वस हो गए और मैंने उस मौके का पूरा फायदा उठाया।’
—————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नं-1 कार्लसन को हराया:7 दिन में दूसरी बार मात दी; आनंद से लिनारेस टूर्नामेंट में दो बार हारे थे मैग्नस भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है।पूरी खबर चेक रिपब्लिक के 20 साल के खिलाड़ी याकूब मेन्सिक ने पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनाई। मंगलवार रात पेरिस में खेले गए मेन्स सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में मेन्सिक ने 19 साल के ब्राजील के खिलाड़ी जोआओ फोंसेका को 6-4, 6-3, 7-6(3) से हराया। यह मुकाबला इस साल फ्रेंच ओपन का सबसे युवा क्वार्टर फाइनल था। 2006 के बाद पहली बार दो इतने युवा खिलाड़ियों के बीच अंतिम-8 का मैच खेला गया। तब 20 साल के राफेल नडाल और 19 साल के नोवाक जोकोविच आमने-सामने थे। अब सेमीफाइनल में मेन्सिक का मुकाबला सेकंड सीड जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव ने क्वार्टर फाइनल में राफेल जोदार को हराया। दो घंटे 33 मिनट चला मुकाबला, तीसरे सेट में पिछड़ने के बाद मेन्सिक ने शानदार वापसी की याकूब मेन्सिक और ब्राजील के जोआओ फोंसेका अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल खेल रहे थे। दोनों युवा खिलाड़ियों के बीच मुकाबला दो घंटे 33 मिनट तक चला। मेन्सिक ने शुरुआती दो सेट आसानी से जीते। तीसरे सेट में वे कुछ ब्रेक पॉइंट गंवाकर पीछे हो गए थे, लेकिन फोकस बनाए रखते हुए सेट को टाई-ब्रेकर में ले गए और मैच जीत लिया। इस जीत के साथ मेन्सिक 2004 या उसके बाद पैदा होने वाले दुनिया के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए, जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनाई। वे ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में पहुंचने वाले चेक रिपब्लिक के सबसे युवा खिलाड़ी भी बने। मैच के बाद मेन्सिक बोले- शुरुआत में नर्वस था, लेकिन आखिरी तक लड़ता रहा इस जीत के बाद एटीपी (ATP) से बातचीत में मेन्सिक ने कहा,’मैच की शुरुआत में हम दोनों ही थोड़े नर्वस थे, लेकिन अंत में दोनों ओर से कुछ अविश्वसनीय शॉट्स देखने को मिले। मैं अपनी इस वापसी से बेहद खुश हूं। तीसरे सेट में मैं कुछ ब्रेक डाउन था, इसलिए खुश हूं कि मैं खेल पर ध्यान बनाए रखने और आखिरी समय तक लड़ने में कामयाब रहा।’ अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने राफेल जोदार को हराया
दूसरी तरफ, 2024 फ्रेंच ओपन फाइनलिस्ट अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने युवा खिलाड़ी राफेल जोदार को 7-6(3), 6-1, 6-3 से हराया। ज्वेरेव ने टूर्नामेंट के 5 मैचों में अब तक केवल एक सेट गंवाया है। हालांकि, पहले सेट में ज्वेरेव एक समय 2-5 से पीछे थे, लेकिन अनुभव के दम पर उन्होंने दो घंटे 17 मिनट में मैच जीत लिया। कोर्ट की छत बंद होने से परिस्थितियां बदल गई थीं, जिससे उन्हें शुरुआत में तालमेल बैठाने में परेशानी हुई। ज्वेरेव बोले- परिस्थितियां अलग थीं, टॉपस्पिन काम नहीं आ रही थी तो फ्लैट शॉट्स खेले
मैच के बाद ज्वेरेव ने कोर्ट पर इंटरव्यू में कहा,’यह शुरुआत में काफी मुश्किल था। पहले सेट में जोदार बेहतरीन रिदम में थे और मैं बहुत डिफेंसिव खेल रहा था। क्लोज्ड रूफ की वजह से परिस्थितियां पूरी तरह अलग थीं। रैकेट के स्ट्रिंग का तनाव अलग महसूस हो रहा था और गेंद टप्पा खाने के बाद अलग बर्ताव कर रही थी। गेंद ज्यादा ऊपर बाउंस नहीं हो रही थी, इसलिए मेरा भारी ‘टॉपस्पिन’ काम नहीं आ रहा था। मुझे अपने शॉट्स को थोड़ा फ्लैट (सीधा) करना पड़ा। जोदार ने पहले सेट में जब मैच के लिए सर्व किया, तो वे थोड़े नर्वस हो गए और मैंने उस मौके का पूरा फायदा उठाया।’
—————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नं-1 कार्लसन को हराया:7 दिन में दूसरी बार मात दी; आनंद से लिनारेस टूर्नामेंट में दो बार हारे थे मैग्नस भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है।पूरी खबर
स्पोर्ट्स | दैनिक भास्कर


