दरभंगा के 2 युवाओं को UPSC में परचम:फर्स्ट अटेम्प्ट में अभिषेक को मिली सफलता; सिविल सर्विस की परीक्षा में सौरभ को 689वीं रैंक

दरभंगा के 2 युवाओं को UPSC में परचम:फर्स्ट अटेम्प्ट में अभिषेक को मिली सफलता; सिविल सर्विस की परीक्षा में सौरभ को 689वीं रैंक

दरभंगा जिले के 2 युवाओं ने यूपीएससी की परीक्षा में अपना परचम लहराया है। बेनीपुर प्रखंड के नवादा रमौली गांव निवासी अभिषेक कुमार झा ने ऑल ‎‎इंडिया 231 रैंक हासिल किया है। वहीं, बिरौल के भवानीपुर ‎‎पंचायत के नवहटोल निवासी सौरभ कुमार ने 689वीं रैंक ‎हासिल कर अपने गांव, जिले और‎परिवार का नाम रोशन किया है। आईआईटी रुड़की से बीटेक ‎की पढ़ाई खास बात यह है कि अभिषेक ने यह सफलता ‎‎अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है। उनकी इस ‎‎उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और पूरे गांव में खुशी का ‎‎माहौल है। पिता प्रवीण चंद्र झा रेलवे सुरक्षा बल में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। अभिषेक की प्रारंभिक शिक्षा‎ जीसस एंड मेरी अकादमी दरभंगा से हुई। इसके बाद ‎उन्होंने आईआईटी रुड़की से बीटेक ‎की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल ‎सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था। कड़ी मेहनत के बल पर पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ कर लिया। पूरे इलाके में खुशी की लहर अभिषेक की सफलता से युवाओं‎ में भी नई प्रेरणा जगी है। ग्रामीण पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं। स्थानीय ‎लोगों का कहना है कि अभिषेक की मेहनत और लगन से यह ‎साबित हो गया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और निरंतर‎ परिश्रम किया जाए तो बड़ी से बड़ी सफलता हासिल‎ की जा सकती है।‎ भुवनेश्वर से ‎इंजीनियरिंग की पढ़ाई वहीं, संघ लोक सेवा ‎‎आयोग की परीक्षा में 689वीं रैंक ‎हासिल करने वाले सौरभ के पिता ‎मदन कुमार झा रिटायर्ड शिक्षक हैं, ‎‎जबकि मां सोना देवी गृहिणी हैं। ‎परिवार में शिक्षा का माहौल होने के ‎कारण उन्हें बचपन से ही पढ़ाई के‎ लिए प्रेरणा मिलती रही। शुरुआती पढ़ाई दरभंगा के एक निजी‎ स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने उच्च ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎शिक्षा के लिए भुवनेश्वर के एक निजी ‎इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की डिग्री‎हासिल की। तीन बार इंटरव्यू तक पहुंचे पढ़ाई में वे शुरू से ही ‎सामान्य छात्र रहे, लेकिन मेहनत और ‎लगन के दम पर उन्होंने अपनी अलग‎ पहचान बनाई। यूपीएससी की तैयारी‎के दौरान सौरभ ने कई बार चुनौतियों‎का सामना किया। खास बात यह है कि‎ वे लगातार तीन बार यूपीएससी के‎ इंटरव्यू तक पहुंचे। सौरभ ‎की इस उपलब्धि से गांव और‎आसपास के इलाके में गर्व का माहौल‎है। परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय‎लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके‎उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। दरभंगा जिले के 2 युवाओं ने यूपीएससी की परीक्षा में अपना परचम लहराया है। बेनीपुर प्रखंड के नवादा रमौली गांव निवासी अभिषेक कुमार झा ने ऑल ‎‎इंडिया 231 रैंक हासिल किया है। वहीं, बिरौल के भवानीपुर ‎‎पंचायत के नवहटोल निवासी सौरभ कुमार ने 689वीं रैंक ‎हासिल कर अपने गांव, जिले और‎परिवार का नाम रोशन किया है। आईआईटी रुड़की से बीटेक ‎की पढ़ाई खास बात यह है कि अभिषेक ने यह सफलता ‎‎अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है। उनकी इस ‎‎उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और पूरे गांव में खुशी का ‎‎माहौल है। पिता प्रवीण चंद्र झा रेलवे सुरक्षा बल में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। अभिषेक की प्रारंभिक शिक्षा‎ जीसस एंड मेरी अकादमी दरभंगा से हुई। इसके बाद ‎उन्होंने आईआईटी रुड़की से बीटेक ‎की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल ‎सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था। कड़ी मेहनत के बल पर पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ कर लिया। पूरे इलाके में खुशी की लहर अभिषेक की सफलता से युवाओं‎ में भी नई प्रेरणा जगी है। ग्रामीण पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं। स्थानीय ‎लोगों का कहना है कि अभिषेक की मेहनत और लगन से यह ‎साबित हो गया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और निरंतर‎ परिश्रम किया जाए तो बड़ी से बड़ी सफलता हासिल‎ की जा सकती है।‎ भुवनेश्वर से ‎इंजीनियरिंग की पढ़ाई वहीं, संघ लोक सेवा ‎‎आयोग की परीक्षा में 689वीं रैंक ‎हासिल करने वाले सौरभ के पिता ‎मदन कुमार झा रिटायर्ड शिक्षक हैं, ‎‎जबकि मां सोना देवी गृहिणी हैं। ‎परिवार में शिक्षा का माहौल होने के ‎कारण उन्हें बचपन से ही पढ़ाई के‎ लिए प्रेरणा मिलती रही। शुरुआती पढ़ाई दरभंगा के एक निजी‎ स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने उच्च ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎शिक्षा के लिए भुवनेश्वर के एक निजी ‎इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की डिग्री‎हासिल की। तीन बार इंटरव्यू तक पहुंचे पढ़ाई में वे शुरू से ही ‎सामान्य छात्र रहे, लेकिन मेहनत और ‎लगन के दम पर उन्होंने अपनी अलग‎ पहचान बनाई। यूपीएससी की तैयारी‎के दौरान सौरभ ने कई बार चुनौतियों‎का सामना किया। खास बात यह है कि‎ वे लगातार तीन बार यूपीएससी के‎ इंटरव्यू तक पहुंचे। सौरभ ‎की इस उपलब्धि से गांव और‎आसपास के इलाके में गर्व का माहौल‎है। परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय‎लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके‎उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।  

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