सहरसा सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा चौक के पास 18 फरवरी को हुई गोलीबारी में 13 वर्षीय अंकित आनंद की मौत के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मासूम की हत्या जमीनी विवाद में सुपारी देकर कराई गई थी। इसको लेकर शुक्रवार की शाम प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया। सहरसा पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की मदद से आरोपियों की पहचान की। एक लाख कैश-बाइक पर डील फाइनल 26 फरवरी को पुलिस ने सुपौल जिले के रतनपुरा थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में छापेमारी कर दोनों शूटरों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हत्या का सौदा दो लाख रुपए में तय हुआ था, लेकिन पूरी रकम न मिलने पर एक लाख रुपए नगद और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल देने पर डील फाइनल हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बसनही थाना क्षेत्र के ललटू कुमार और काशनगर थाना क्षेत्र के सूरज के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है और बसनही थाने में लूट के एक मामले में भी वे नामजद हैं। बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा गया हथियार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र के सुगमा पुल के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया एक देसी कट्टा और एक खोखा बरामद किया है। हथियार को जब्त कर बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। अवैध हथियार बरामदगी को लेकर बनमा ईटहरी थाने में एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि इस त्वरित कार्रवाई से मामले का पर्दाफाश हुआ है और इलाके में अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश गया है। वहीं, मासूम की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। सहरसा सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा चौक के पास 18 फरवरी को हुई गोलीबारी में 13 वर्षीय अंकित आनंद की मौत के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मासूम की हत्या जमीनी विवाद में सुपारी देकर कराई गई थी। इसको लेकर शुक्रवार की शाम प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया। सहरसा पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की मदद से आरोपियों की पहचान की। एक लाख कैश-बाइक पर डील फाइनल 26 फरवरी को पुलिस ने सुपौल जिले के रतनपुरा थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में छापेमारी कर दोनों शूटरों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हत्या का सौदा दो लाख रुपए में तय हुआ था, लेकिन पूरी रकम न मिलने पर एक लाख रुपए नगद और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल देने पर डील फाइनल हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बसनही थाना क्षेत्र के ललटू कुमार और काशनगर थाना क्षेत्र के सूरज के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है और बसनही थाने में लूट के एक मामले में भी वे नामजद हैं। बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा गया हथियार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र के सुगमा पुल के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया एक देसी कट्टा और एक खोखा बरामद किया है। हथियार को जब्त कर बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। अवैध हथियार बरामदगी को लेकर बनमा ईटहरी थाने में एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि इस त्वरित कार्रवाई से मामले का पर्दाफाश हुआ है और इलाके में अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश गया है। वहीं, मासूम की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।


