मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। यह घटना रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव से शुरू हुई और अब आसपास के इलाकों में फैल गई है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह तुरकौलिया थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर पंचायत के पुलवा घाट निवासी चूमन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने बिना किसी को सूचना दिए जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। मामले का खुलासा तब हुआ जब रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा निवासी लोहा ठाकुर की तबीयत बिगड़ी और उनकी आंखों की रोशनी कम होने लगी। परिजन उन्हें इलाज के लिए मदन राज नर्सिंग होम ले गए, जहां जांच में जहरीली शराब पीने की पुष्टि हुई। शराब पीने वालों को हॉस्पिटल में कराया एडमिट घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आए। शराब पीने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा जाने लगा। इसी दौरान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया पंचायत के परसौना गांव निवासी प्रमोद यादव, जो पहले से बीमार थे, की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस घटना में मरने वालों की संख्या दो हो गई। जहरीली शराब से प्रभावित अन्य लोगों में लोहा ठाकुर, लड्डू साह, राहुल कुमार, लक्ष्मीपुर गदरिया वार्ड-30 निवासी अमेरिका राय के बेटे रावण यादव उर्फ रविंद्र यादव (35), देवलाल राय के बेटे दिनेश यादव (28), परसौना निवासी उमेश राम और बालगंगा निवासी नरेश साह के बेटे संपत साह (30) शामिल हैं। इनमें से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर अलग-अलग टीमों का गठन कर शराब तस्करों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान छह संदिग्ध तस्करों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। 2023 में 42 लोगों की हुई थी मौत
बता दें कि वर्ष 2023 में भी इसी तरह के जहरीली शराब कांड में करीब 42 लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना की यादें अभी ताजा ही हैं कि एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है। स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई और इस पर स्थायी रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। यह घटना रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव से शुरू हुई और अब आसपास के इलाकों में फैल गई है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह तुरकौलिया थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर पंचायत के पुलवा घाट निवासी चूमन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने बिना किसी को सूचना दिए जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। मामले का खुलासा तब हुआ जब रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा निवासी लोहा ठाकुर की तबीयत बिगड़ी और उनकी आंखों की रोशनी कम होने लगी। परिजन उन्हें इलाज के लिए मदन राज नर्सिंग होम ले गए, जहां जांच में जहरीली शराब पीने की पुष्टि हुई। शराब पीने वालों को हॉस्पिटल में कराया एडमिट घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आए। शराब पीने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा जाने लगा। इसी दौरान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया पंचायत के परसौना गांव निवासी प्रमोद यादव, जो पहले से बीमार थे, की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस घटना में मरने वालों की संख्या दो हो गई। जहरीली शराब से प्रभावित अन्य लोगों में लोहा ठाकुर, लड्डू साह, राहुल कुमार, लक्ष्मीपुर गदरिया वार्ड-30 निवासी अमेरिका राय के बेटे रावण यादव उर्फ रविंद्र यादव (35), देवलाल राय के बेटे दिनेश यादव (28), परसौना निवासी उमेश राम और बालगंगा निवासी नरेश साह के बेटे संपत साह (30) शामिल हैं। इनमें से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर अलग-अलग टीमों का गठन कर शराब तस्करों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान छह संदिग्ध तस्करों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। 2023 में 42 लोगों की हुई थी मौत
बता दें कि वर्ष 2023 में भी इसी तरह के जहरीली शराब कांड में करीब 42 लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना की यादें अभी ताजा ही हैं कि एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है। स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई और इस पर स्थायी रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


