बांका में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-2) अमित कुमार मनु की अदालत ने दोस्त की हत्या के मामले में दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी करार दिए गए आरोपियों की पहचान विजयनगर निवासी बादल कुमार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। यह घटना 29 दिसंबर 2023 को हुई थी। बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बादल और राहुल अपने दोस्त ऋषभ कुमार को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। बाद में उन्होंने ऋषभ की निर्मम हत्या कर दी। शव को एक पेड़ से लटका दिया था
हत्या के बाद, आरोपियों ने अपराध को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को एक पेड़ से लटका दिया था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की, साक्ष्य जुटाए और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने आरोपों को संदेह से परे साबित किया
मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन और बचाव पक्ष ने कई गवाह पेश किए। गवाहों के बयानों, प्रस्तुत साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष ने आरोपों को संदेह से परे साबित किया है। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है, जिसमें आरोपियों ने अपने ही मित्र की हत्या की। अधिवक्ता आनंद देव चौधरी ने दलीलें पेश कीं
इस मामले में सरकार की ओर से लोक अभियोजक जहीर अब्बास ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता आनंद देव चौधरी ने दलीलें पेश कीं। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है। यह फैसला समाज में एक संदेश भी देता है कि अपराध करने वालों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी। बांका में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-2) अमित कुमार मनु की अदालत ने दोस्त की हत्या के मामले में दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी करार दिए गए आरोपियों की पहचान विजयनगर निवासी बादल कुमार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। यह घटना 29 दिसंबर 2023 को हुई थी। बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बादल और राहुल अपने दोस्त ऋषभ कुमार को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। बाद में उन्होंने ऋषभ की निर्मम हत्या कर दी। शव को एक पेड़ से लटका दिया था
हत्या के बाद, आरोपियों ने अपराध को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को एक पेड़ से लटका दिया था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की, साक्ष्य जुटाए और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने आरोपों को संदेह से परे साबित किया
मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन और बचाव पक्ष ने कई गवाह पेश किए। गवाहों के बयानों, प्रस्तुत साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष ने आरोपों को संदेह से परे साबित किया है। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है, जिसमें आरोपियों ने अपने ही मित्र की हत्या की। अधिवक्ता आनंद देव चौधरी ने दलीलें पेश कीं
इस मामले में सरकार की ओर से लोक अभियोजक जहीर अब्बास ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता आनंद देव चौधरी ने दलीलें पेश कीं। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है। यह फैसला समाज में एक संदेश भी देता है कि अपराध करने वालों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।


