पूर्णिया में पुलिस के दो जवान तीन युवकों के लिए मसीहा बनकर सामने आए। सड़क पर दर्द से कराहते और बेसुध पड़े युवकों के लिए जब कोई आगे नहीं आया, तब फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी के दो पुलिसकर्मियों ने उनकी जान बचाई। समय पर पुलिस की मदद नहीं मिलती, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे। मामला शहर के पंचमुखी रोड के पास की है। जहां दो बाइकों की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क पर गिरकर करीब 10 मिनट तक बेसुध हालत में पड़े रहे। तीनों अररिया जिले के रानीगंज के रहने वाले हैं। स्थानीय लोग वीडियो बनाते रहे घायलों एक की पहचान रानीगंज थाना क्षेत्र के रवींद्र कुमार(21) के तौर पर हुई है। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। अपने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते नजर आए, लेकिन अफसोस की बात यह रही कि किसी ने भी घायलों को अस्पताल पहुंचाने की हिम्मत नहीं जुटाई। इसी दौरान गश्त पर निकले फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी के जवान मो. मुस्ताक आलम और दीपक कुमार भारती की नजर सड़क पर पड़े घायलों पर पड़ी। आगे बढ़कर घायलों को बारी-बारी से पुलिस वैन पर लिटाया और आनन-फानन में उन्हें GMCH पूर्णिया पहुंचाया। जहां डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी है। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण घायलों की जान बच सकी। पुलिस ने बचाई जान स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो हालात कुछ भी हो सकते थे। फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी के जवानों की इस तत्परता की हर ओर सराहना हो रही है। घायल रवींद्र कुमार ने कहा कि ये घटना साबित करती है कि पूर्णिया पुलिस न सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालने में तत्पर है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आम लोगों के लिए मसीहा बनकर आती है। पूर्णिया में पुलिस के दो जवान तीन युवकों के लिए मसीहा बनकर सामने आए। सड़क पर दर्द से कराहते और बेसुध पड़े युवकों के लिए जब कोई आगे नहीं आया, तब फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी के दो पुलिसकर्मियों ने उनकी जान बचाई। समय पर पुलिस की मदद नहीं मिलती, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे। मामला शहर के पंचमुखी रोड के पास की है। जहां दो बाइकों की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क पर गिरकर करीब 10 मिनट तक बेसुध हालत में पड़े रहे। तीनों अररिया जिले के रानीगंज के रहने वाले हैं। स्थानीय लोग वीडियो बनाते रहे घायलों एक की पहचान रानीगंज थाना क्षेत्र के रवींद्र कुमार(21) के तौर पर हुई है। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। अपने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते नजर आए, लेकिन अफसोस की बात यह रही कि किसी ने भी घायलों को अस्पताल पहुंचाने की हिम्मत नहीं जुटाई। इसी दौरान गश्त पर निकले फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी के जवान मो. मुस्ताक आलम और दीपक कुमार भारती की नजर सड़क पर पड़े घायलों पर पड़ी। आगे बढ़कर घायलों को बारी-बारी से पुलिस वैन पर लिटाया और आनन-फानन में उन्हें GMCH पूर्णिया पहुंचाया। जहां डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी है। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण घायलों की जान बच सकी। पुलिस ने बचाई जान स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो हालात कुछ भी हो सकते थे। फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी के जवानों की इस तत्परता की हर ओर सराहना हो रही है। घायल रवींद्र कुमार ने कहा कि ये घटना साबित करती है कि पूर्णिया पुलिस न सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालने में तत्पर है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आम लोगों के लिए मसीहा बनकर आती है।


