अररिया जिला रजिस्ट्री कार्यालय के नकलखाने में मूल अभिलेखों से छेड़छाड़ और फर्जी दस्तावेज चिपकाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर थाना पुलिस ने बुधवार को दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुरकैली निवासी सनाउल्लाह शेख उर्फ सोनू और ककुड़वा बस्ती निवासी निजाम के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से सघन पूछताछ कर रही है। एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। उम्मीद है कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे होंगे। इंटेरोगेशन पूरा होने के बाद मीडिया को विस्तृत जानकारी दी जाएगी। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। नकल चार महीनों में तीन बार निकाली गई
यह मामला अररिया रजिस्ट्री ऑफिस के नकलखाने में मूल अभिलेखों के पन्ने फाड़कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उन्हें चिपकाने से जुड़ा है। फर्जी अभिलेख की नकल चार महीनों में तीन बार निकाली गई थी, जिसके बाद इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। शाहनवाज को मुख्य किरदार माना गया
इस घोटाले में आउटसोर्सिंग एजेंसी के एमटीएस कर्मी रोहित रंजन और मो. शाहनवाज को मुख्य किरदार माना गया है। अवर निबंधन पदाधिकारी कौशल कुमार झा के निर्देश पर अभिलेख पाल मो. सफी अनवर ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर में कुल 10 लोग नामजद हैं। नामजद आरोपियों में रोहित रंजन, मो. शाहनवाज, उदाह जोकीहाट के मो. साजिद, ककोड़वा बस्ती के मो. नाजीम, चक्रदह अररिया आरएस के शाह फहद, तुरकैली जोकीहाट के मुजाहिद, मंजर, शाहबाज, सोनू उर्फ सनाउल्लाह शेख और खाजा शामिल हैं। उद्देश्य मूल दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन हड़पना
यह मामला भूमि माफिया और कर्मचारियों की मिलीभगत से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मूल दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन हड़पना था। पुलिस अब अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। इस घटना ने रजिस्ट्री कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अररिया जिला रजिस्ट्री कार्यालय के नकलखाने में मूल अभिलेखों से छेड़छाड़ और फर्जी दस्तावेज चिपकाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर थाना पुलिस ने बुधवार को दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुरकैली निवासी सनाउल्लाह शेख उर्फ सोनू और ककुड़वा बस्ती निवासी निजाम के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से सघन पूछताछ कर रही है। एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। उम्मीद है कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे होंगे। इंटेरोगेशन पूरा होने के बाद मीडिया को विस्तृत जानकारी दी जाएगी। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। नकल चार महीनों में तीन बार निकाली गई
यह मामला अररिया रजिस्ट्री ऑफिस के नकलखाने में मूल अभिलेखों के पन्ने फाड़कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उन्हें चिपकाने से जुड़ा है। फर्जी अभिलेख की नकल चार महीनों में तीन बार निकाली गई थी, जिसके बाद इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। शाहनवाज को मुख्य किरदार माना गया
इस घोटाले में आउटसोर्सिंग एजेंसी के एमटीएस कर्मी रोहित रंजन और मो. शाहनवाज को मुख्य किरदार माना गया है। अवर निबंधन पदाधिकारी कौशल कुमार झा के निर्देश पर अभिलेख पाल मो. सफी अनवर ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर में कुल 10 लोग नामजद हैं। नामजद आरोपियों में रोहित रंजन, मो. शाहनवाज, उदाह जोकीहाट के मो. साजिद, ककोड़वा बस्ती के मो. नाजीम, चक्रदह अररिया आरएस के शाह फहद, तुरकैली जोकीहाट के मुजाहिद, मंजर, शाहबाज, सोनू उर्फ सनाउल्लाह शेख और खाजा शामिल हैं। उद्देश्य मूल दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन हड़पना
यह मामला भूमि माफिया और कर्मचारियों की मिलीभगत से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मूल दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन हड़पना था। पुलिस अब अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। इस घटना ने रजिस्ट्री कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।


