भास्कर न्यूज |सीतामढ़ी जिले में एमडीएम में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। बथनाहा प्रखंड के मध्य विद्यालय भवानीपुर उर्दू में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी राशि की अवैध निकासी किए जाने के आरोप में विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर 2 लाख 61 हजार 992 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। यह कार्रवाई डीपीओ स्थापना-सह-मध्याह्न भोजन योजना मनीष कुमार सिंह द्वारा की गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, योजना लेखा की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ कि विद्यालय में वास्तविक नामांकित छात्रों से अधिक उपस्थिति दिखाकर मध्याह्न भोजन की राशि निकाली जा रही थी। जांच रिपोर्ट में इसे सरकारी धन का दुरुपयोग और बच्चों के अधिकारों के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया गया है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि लंबे समय से उपस्थिति रजिस्टर में जानबूझकर हेराफेरी की जा रही थी और उसी आधार पर एमडीएम की राशि प्राप्त की जाती रही। मामले को गंभीर मानते हुए डीपीओ ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। डीपीओ मनीष कुमार सिंह ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें किसी भी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आदेश के अनुसार प्रधानाध्यापक को सात दिनों के भीतर 2,61,992 रुपये की राशि बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति, सीतामढ़ी के खाते में जता करना है। भास्कर न्यूज |सीतामढ़ी जिले में एमडीएम में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। बथनाहा प्रखंड के मध्य विद्यालय भवानीपुर उर्दू में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी राशि की अवैध निकासी किए जाने के आरोप में विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर 2 लाख 61 हजार 992 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। यह कार्रवाई डीपीओ स्थापना-सह-मध्याह्न भोजन योजना मनीष कुमार सिंह द्वारा की गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, योजना लेखा की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ कि विद्यालय में वास्तविक नामांकित छात्रों से अधिक उपस्थिति दिखाकर मध्याह्न भोजन की राशि निकाली जा रही थी। जांच रिपोर्ट में इसे सरकारी धन का दुरुपयोग और बच्चों के अधिकारों के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया गया है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि लंबे समय से उपस्थिति रजिस्टर में जानबूझकर हेराफेरी की जा रही थी और उसी आधार पर एमडीएम की राशि प्राप्त की जाती रही। मामले को गंभीर मानते हुए डीपीओ ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। डीपीओ मनीष कुमार सिंह ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें किसी भी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आदेश के अनुसार प्रधानाध्यापक को सात दिनों के भीतर 2,61,992 रुपये की राशि बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति, सीतामढ़ी के खाते में जता करना है।


