भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय स्थित अटल सभागार में ज्योतिबा फूले की 199वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पटना महानगर इकाई के तत्वावधान में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, मंत्री लखेन्द्र पासवान, विधायक संजीव चौरसिया समेत अन्य नेताओं की ओर से की गई। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि ज्योतिबा फूले ने उस मिथक को तोड़ दिया कि शिक्षा और ज्ञान केवल कुछ विशेष वर्गों तक सीमित है। उन्होंने समाज में नारी शिक्षा की जो अलख जगाई, उसका प्रभाव आज हर वर्ग में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। फूले ने समतामूलक समाज की स्थापना के लिए ‘सत्यशोधक समाज’ का गठन किया और उनके जीवन से समाज को निरंतर प्रेरणा मिलती है। ज्योतिबा फूले का जीवन सेवा और समर्पण का प्रतीक है उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि ज्योतिबा फूले का जीवन सेवा और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सुझाव दिया कि उनकी जयंती को ‘सेवा एवं कल्याण दिवस’ के रूप में मनाया जाना चाहिए। फूले ने शिक्षा, विधवा कल्याण और दलित-शोषित वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि आज की पीढ़ी को फूले दंपत्ति के संघर्षों से सीख लेनी चाहिए। जिस दौर में महिलाओं का घर से बाहर निकलना कठिन था, उस समय सावित्रीबाई फूले और ज्योतिबा फूले ने सैकड़ों स्कूलों और विधवा आश्रमों की स्थापना की।
दलित-शोषितों के लिए जीवनभर संघर्ष अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र पासवान ने कहा कि फूले ने अपना पूरा जीवन दलित, शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। भीमराव अंबेडकर भी उन्हें अपना गुरु मानते थे और उनके विचारों से प्रेरित थे। दीघा विधायक संजीव चौरसिया ने कहा कि समाज में समानता और महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए फूले दंपत्ति ने कठिन संघर्ष किया। उनका उद्देश्य था कि समाज का हर वर्ग शिक्षित और सशक्त बने। पूरे बिहार में मनाया जा रहा जयंती समारोह कार्यक्रम संयोजक प्रभात मालाकार ने बताया कि भाजपा के सभी 52 संगठनात्मक जिलों में ज्योतिबा फूले की जयंती समारोहपूर्वक मनाई जा रही है, ताकि उनके विचारों को समाज के अंतिम पंक्ति तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण मांगें भी उठाई गईं। इनमें ज्योतिबा फूले और सावित्रीबाई फूले की जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित करने, फूले दंपती को भारत रत्न देने और उनकी जीवनी को बिहार बोर्ड, सीबीएसई और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग प्रमुख रही। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय स्थित अटल सभागार में ज्योतिबा फूले की 199वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पटना महानगर इकाई के तत्वावधान में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, मंत्री लखेन्द्र पासवान, विधायक संजीव चौरसिया समेत अन्य नेताओं की ओर से की गई। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि ज्योतिबा फूले ने उस मिथक को तोड़ दिया कि शिक्षा और ज्ञान केवल कुछ विशेष वर्गों तक सीमित है। उन्होंने समाज में नारी शिक्षा की जो अलख जगाई, उसका प्रभाव आज हर वर्ग में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। फूले ने समतामूलक समाज की स्थापना के लिए ‘सत्यशोधक समाज’ का गठन किया और उनके जीवन से समाज को निरंतर प्रेरणा मिलती है। ज्योतिबा फूले का जीवन सेवा और समर्पण का प्रतीक है उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि ज्योतिबा फूले का जीवन सेवा और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सुझाव दिया कि उनकी जयंती को ‘सेवा एवं कल्याण दिवस’ के रूप में मनाया जाना चाहिए। फूले ने शिक्षा, विधवा कल्याण और दलित-शोषित वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि आज की पीढ़ी को फूले दंपत्ति के संघर्षों से सीख लेनी चाहिए। जिस दौर में महिलाओं का घर से बाहर निकलना कठिन था, उस समय सावित्रीबाई फूले और ज्योतिबा फूले ने सैकड़ों स्कूलों और विधवा आश्रमों की स्थापना की।
दलित-शोषितों के लिए जीवनभर संघर्ष अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र पासवान ने कहा कि फूले ने अपना पूरा जीवन दलित, शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। भीमराव अंबेडकर भी उन्हें अपना गुरु मानते थे और उनके विचारों से प्रेरित थे। दीघा विधायक संजीव चौरसिया ने कहा कि समाज में समानता और महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए फूले दंपत्ति ने कठिन संघर्ष किया। उनका उद्देश्य था कि समाज का हर वर्ग शिक्षित और सशक्त बने। पूरे बिहार में मनाया जा रहा जयंती समारोह कार्यक्रम संयोजक प्रभात मालाकार ने बताया कि भाजपा के सभी 52 संगठनात्मक जिलों में ज्योतिबा फूले की जयंती समारोहपूर्वक मनाई जा रही है, ताकि उनके विचारों को समाज के अंतिम पंक्ति तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण मांगें भी उठाई गईं। इनमें ज्योतिबा फूले और सावित्रीबाई फूले की जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित करने, फूले दंपती को भारत रत्न देने और उनकी जीवनी को बिहार बोर्ड, सीबीएसई और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग प्रमुख रही।


