सऊदी अरब के अरार शहर में स्थित रेगिस्तान की एक प्राचीन गुफा से शोधकर्ताओं ने चीतों के ममीकृत अवशेष बरामद किए हैं। इन अवशेषों में एक चीते की तो धुंधली आंखें भी बेहद डरावने तरीके से दिख रही हैं। यह अवशेष 1800 वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार यह गुफा बड़ी बिल्लियों के इतिहास को समेटे हुए है।
नेशनल कल्चरल हेरिटेज सेंटर, सऊदी अरब के शोधकर्ताओं के मुताबिक अरार के पास से कुल सात ममी और 54 अन्य चीतों की हड्डियां खुदाई में निकाली गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह गुफा संभवत चीतों का स्थायी ठिकाना रहा होगा। जहां मादा चीते शावकों को जन्म देती थी। माना जा रहा है कि गुफा के भीतर एक खास वातावरण ने इस स्तनधारियों के शरीरों को प्राकृतिक रूप से ममी में बदल दिया।
पुरातत्वविदों ने जताई हैरानी
इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरेंस के विशेषज्ञ जोआन मैदुरेल-मैलापेरा ने इस खोज पर हैरानी जताई है। वैज्ञानिकों को पहली बार इन प्राकृतिक ममी से डीएनए प्राप्त करने में सफलता मिली है। इन चीतों के अवशेषों की अनुवांशिक जांच में पता चला हे कि इस प्रजाति के चीते एशियाई और उत्तर- पश्चिमी अफ्रीकी चीतों के बहुत करीब थे। इस जानकारी से अरब प्रायदीप में चीतों को फिर बसाने के प्रयासों में काफी सहायता मिलेगी। क्योंकि यहां से दशकों पहले चीते विलुप्त हो चुके हैं।
लंदन में भी अहम खोज
सऊदी अरब में गुफा में मिले चीतों के ममीकृत अवशेषों के साथ ही पुरातत्व विज्ञानियों ने इंग्लैंड में भी अहम खोज की हे। इंग्लैंड में रिवर वियर में किनारे एक प्राचीन रोमन औद्योगिक केंद्र के प्रमाण मिले हैं। वहां 800 से अधिक पत्थर मिले हैं जिनका उपयोग ब्लेड की धार तेज करने में किया जाता था।


