‘गर्ल्स हॉस्टल से 17 साल की लड़की का रेट 25000’:कैमरे पर एजेंट्स से डील, बोले- लड़की आएगी फिर पैसा दीजिएगा, जैसा फिगर-उम्र वैसा चार्ज

‘गर्ल्स हॉस्टल से 17 साल की लड़की का रेट 25000’:कैमरे पर एजेंट्स से डील, बोले- लड़की आएगी फिर पैसा दीजिएगा, जैसा फिगर-उम्र वैसा चार्ज

”हॉस्टल में रहने वाली बड़े घरों की लड़कियां मिल जाएंगी। जैसी आपकी डिमांड होगी वैसी लड़की मिलेगी। उम्र के हिसाब से रेट लगता है। 17 साल की लड़की का 25 हजार रुपए लगेगा। अगर 40 हजार दीजिएगा तो इससे भी कम उम्र की मिल जाएगी। आईडी फर्जी होगी और उस पर दर्ज उम्र भी फर्जी होगी। लड़की जाएगी तो आपको ओरिजिनल उम्र की आईडी दिखा देगी। बस दिन में ले जाइए और समय से वापस भेज दीजिए। वार्डन तो 1500 में सेट हो जाती है, लेकिन सेफ्टी के लिए लड़कियों को समय से हॉस्टल में वापस भेजना होता है। हमारी सर्विस कैश ऑन डिलिवरी वाली है, लड़की जाएगी तब पैसा दीजिएगा..।” यह दावा बिहार के गर्ल्स हॉस्टल से लड़कियों की सप्लाई करने वाले एजेंट्स कर रहे हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन की टीम ने ऐसे एजेंट्स को बेनकाब किया है जो हॉस्टल के नाम पर सेक्स रैकेट चला रहे हैं। भास्कर के खुफिया कैमरे पर एजेंट्स, वार्डन और लड़कियों ने हॉस्टल के नाम पर चल रहे धंधे की बात कबूल की है। ऑपरेशन डर्टी हॉस्टल्स पार्ट-1 में पढ़िए और देखिए कैसे गर्ल्स हॉस्टल्स से हो रही लड़कियों की डील..। शंभू गर्ल्स हॉस्टल से शुरू हुई भास्कर की इन्वेस्टिगेशन पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की स्टूडेंट के साथ हुई घटना ने पूरे बिहार में हॉस्टल्स में रह रही लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की थ्योरी तक सवालों में है। इस घटना के बाद के बाद बिहार के गर्ल्स हॉस्टल्स को लेकर चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को भी कई ऐसे इनपुट मिले हैं, जिसमें पता चला कि गर्ल्स हॉस्टल के नाम पर सेक्स रैकेट का बड़ा नेटवर्क का काम कर रहा है। ऐसे हॉस्टल्स में लड़कियां पढ़ाई और तैयारी के लिए नहीं बल्कि देह व्यापार के लिए रखी जाती हैं। ऐसे ही हॉस्टल्स में तैयारी करने वाली लड़की पहुंच गई तो उसे भी एजेंट्स धंधे में उतारने की कोशिश करते हैं। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी हॉस्टल्स से लड़की की सप्लाई का आरोप लगाया था जो हमारी इन्वेस्टिगेशन में सही पाया गया। पहले पप्पू यादव का आरोप बच्चियों को किसी कीमत पर हॉस्टल में मत डालिए। पटना के हॉस्टल्स में सेक्स रैकेट का धंधा चलता है। कई बार ऐसी चर्चा कर चुका हूं। पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, इसे दबा दिया गया है। हॉस्टल संचालक सेक्स रैकेट चलता है। जिस हॉस्टल्स में घटना हुई वहां संचालक पटना में लड़कियों की सप्लाई करता है। वह पहले से ही पटना में सेक्स रैकेट चलाता रहा है। कई रसूखदार नेता और पदाधिकारियों को लड़कियां सप्लाई करता था। शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड और पप्पू यादव के आरोपों के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने अपनी पड़ताल शुरू की। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल की घटना इतनी हाई प्रोफाइल हो गई कि एजेंट्स अलर्ट हो गए हैं। वह अब लड़कियों की डील करने को तैयार ही नहीं। काफी पड़ताल के बाद पटना के कई लोकेशन पर लड़कियां सप्लाई करने वाले एजेंट रवि का नंबर मिला। रवि ने भास्कर रिपोर्टर से हॉस्टल्स की लड़कियों की पूरी डील की। रिपोर्टर – हॉस्टल्स की कुछ नई लड़कियां चाहिए थी? रवि – कितनी चाहिए? रिपोर्टर – 3 से 4 गेस्ट हैं तो 4 मिल जाएं। रवि – हो जाएगा, आपको फोटो भेज देता हूं सिलेक्ट कर लीजिए। रिपोर्टर – फोटो में पसंद नहीं आ रही, कुछ और भी हैं क्या? रवि – ठीक है, मेरे पास यूनिवर्सिटी और कॉलेज वाली भी हैं, होटल वाली भी दे दूंगा। रिपोर्टर – हॉस्टल वाली लड़कियां मिल जाएंगी ना? रवि – हां-हां, वही दूंगा, आपको जो चाहिए, वही मिलेगी। रिपोर्टर – मतलब हॉस्टल तो होटल? रवि – हां, हॉस्टल वाली ही मिलेंगी, मेरा नंबर पटना में नंबर-एक पर है। पटना के अलग-अलग हॉस्टल्स से रवि की सेटिंग डील के दौरान रवि ने खुलासा किया कि हर एरिया में उसकी सेटिंग है। किस एरिया में लड़की चाहिए वह वहां की हॉस्टल से सेटिंग कर लेगा। रवि ने तो यह भी दावा किया कि लड़कियां ऐसी मेंटेंन होकर जाएंगी किसी को पता भी नहीं चलेगा। रवि – आप बताइए पटना के किस एरिया में चाहिए, एक घंटे के अंदर मैं लड़की भेज दूंगा। रिपोर्टर – आप की तरह और एजेंट सभी ऐसे ही दावे करते हैं। रवि – कोई दूसरा देता है तो वह मेरी ही लड़की होगी, आप स्टांप पर लिखकर रख लो। रिपोर्टर – लड़की अच्छी होनी चाहिए। रवि – समझ गया, आपको अच्छी लड़की चाहिए, मिल जाएगी। रिपोर्टर – कौन लड़कियां होती हैं जो आप देते हो? रवि – अच्छे घर की लड़कियां होंगी, जो बाहर से पढ़ने आती हैं। रिपोर्टर – कितना लगेगा? रवि – कम उम्र की लड़की देंगे तो 25 हजार लगेगा, उससे भी कम उम्र की 40 हजार से ऊपर। रिपोर्टर – कितनी उम्र की लड़कियां होंगी? रवि – यहां बहुत कुछ रिकॉर्ड होता है, सब कुछ बताना ठीक नहीं होगा। रिपोर्टर – तब तो बहुत खतरा है आपसे बात करने में? रवि – अलर्ट रहना है, बस इतना जान लीजिए, 17 साल की लड़कियां मिल जाएंगी। लड़कियों को फर्जी आईडी पर भेजा जाता है हॉस्टल्स से लड़कियों की तस्करी करने वाले एजेंट रवि ने डील में खुलासा किया कि वह लड़कियों को फर्जी आईडी पर भेजता है। लड़कियां 18 साल से कम उम्र की होती हैं, इसलिए फर्जी आईडी बनाकर उन्हें 18 साल से ज्यादा उम्र का दिखाया जाता है। ऐसा इसलिए करता है कि कहीं कोई पुलिस केस नहीं हो। मामला फंसे भी तो लड़कियां आसानी से बाहर आ जाएं। रिपोर्टर – आईडी में तो लड़कियों की उम्र ओरिजिनल होगी ना? रवि – फर्जी आधार कार्ड होता है जिसमें लड़कियों की उम्र 18 से ऊपर होती है। रिपोर्टर – ऐसा क्यों करते हैं? रवि – कम उम्र की लड़कियों को होटल में ले जाने में परेशानी होती है। रिपोर्टर – अच्छा इसलिए? रवि – हां, इसीलिए फर्जी पहचान पत्र बनाना होता है, 18 साल से कम उम्र में होटल में अनुमति नहीं होती। रिपोर्टर – दिन या रात, कब दीजिएगा? रवि – जब बोलिए, दे दूंगा, दिन-रात दोनों में मौजूद हैं। रवि ने बताया हॉस्टल से निकालने का ट्रिक डील के दौरान रवि ने लड़कियों को हॉस्टल्स से निकालने का ट्रिक बताया। जब रिपोर्टर ने सवाल किया कि लड़कियां रात में हॉस्टल्स से कैसे निकलेंगी तो रवि ने दावे के साथ कहा कि भैया, रात में मैं निकाल लूंगा, वह सिस्टम मेरे ऊपर है। हॉस्टल के गार्ड और वार्डन सब मैनेज रहते हैं, उन्हें 15 सौ रुपए देना होता है। आप टेंशन मेरे ऊपर छोड़ दीजिए। कैसे लाएंगे, कैसे नहीं, यह मेरा टेंशन है। आपको लड़की चाहिए, मिल जाएगी। आपके सामने लाकर खड़ा कर दूंगा। रवि ने लड़कियों के लिए अलग-अलग लोकेशन शेयर की भास्कर रिपोर्टर की डील में रवि पूरी तरह से एक्टिव हो गया। डील पूरी तरह से फाइनल होते ही एजेंट रवि एक के बाद एक लोकेशन भेजने लगा। रवि ने आधा दर्जन से अधिक अलग अलग लोकेशन भेजी जहां हॉस्टल्स की लड़कियों को भेजने का दावा कर रहा था। एजेंट बोला- लड़कियां कैश ऑन डिलिवरी वाली हैं सिर्फ वॉट्सऐप मैसेज ही नहीं, बल्कि अपनी बात को पुख्ता करने के लिए उसने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी भेजी। रवि ने एक वाइस मैसेज भी भेजा जिसमें बोल रहा था..आप मीठापुर बस स्टैंड के गेट नंबर-1 के पास आ जाइए। अगर वहां दिक्कत हो तो रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-10, करबिगहिया रोड की तरफ स्थित हरे कृष्णा गेस्टहाउस में मिल सकते हैं। तीसरा ऑप्शन रामकृष्णा नगर, पिलर नंबर-78 के सामने मौजूद स्नो व्हाइट होटल है। जहां भी आओगे, कैश ऑन डिलीवरी में काम हो जाएगा। हॉस्टल्स की लड़कियों की डील करने वाले एजेंट रवि से बातचीत के दौरान ही राजू के बारे में पता चला। क्लू मिला कि राजू फुलवारी एरिया का रहने वाला है, लेकिन वह बड़ा गोपनीय तरीके से लड़कियों की सप्लाई करता है। उसकी कस्टमर और लड़कियां सब पहले से ही सेट हैं। इसलिए वह बाहरी लोगों से इस संबंध में कोई डील नहीं करता है। काफी पड़ताल के बाद राजू का मोबाइल नंबर मिला और उससे हॉस्टल्स की लड़कियों की पूरी डील की। रिपोर्टर – मैं पटना से हूं, आप कहां से? राजू – मैं भी पटना में ही हूं, क्या चाहिए बताएं? रिपोर्टर – कुछ सर्विस मिल जाए तो अच्छा रहता। राजू – ओह, कितने देर के लिए चाहिए? रिपोर्टर – आप कब दे सकते हो? राजू – फुल नाइट के लिए मिलेगा, आपको जब चाहिए मिल जाएगा। रिपोर्टर – किस एरिया में दोगे आप? राजू – आपको किस एरिया में चाहिए, कई एरिया में अपनी सेटिंग है। रिपोर्टर – कहां, कहां सेटिंग है? राजू – मीठापुर बस स्टैंड, गांधी मैदान, चिरैया टाड, बोरिंग रोड, राजा बाज़ार, कंकड़बाग, जंक्शन हर जगह। रिपोर्टर – और कहीं चाहिए हो तो क्या होगा? राजू – आप लोकेशन बताइएगा, हर जगह अवेलेबल होगा। कॉलेज और हॉस्टल वाली लड़कियों की ज्यादा डिमांड है बातचीत के दौरान एजेंट राजू ने बताया कि सबसे अधिक डिमांड कॉलेज और हॉस्टल्स वाली लड़कियों की होती है। वह सेफ होती हैं, बाजारु लड़कियों से तो बहुत रिस्क होता है। इसलिए वीआईपी लोग भी वही कॉलेज और हॉस्टल्स वाली लड़कियां ही चाहते हैं। राजू – मेरी सब लड़कियां हॉस्टल्स वाली ही होती हैं। रिपोर्टर – दिन या रात में कब मिल जाएगी, हम 4 दोस्त हैं। राजू – हो जाएगा, आप आइए, कुछ एडवांस दे दीजिए। रिपोर्टर – ऐसे कैसे होगा, पेमेंट उसी वक्त दे दूंगा। राजू – लड़की आपको पसंद आएंगी, अगर नहीं आईं तो पैसा वापस हो जाएगा। रिपोर्टर – लड़की ठीक होगी ना? राजू – हॉस्टल वाली मजबूरी में काम करती हैं, आई फोन से लेकर खर्चा पूरा करना होता है। रिपोर्टर – लड़कियों को आप सेट करके रखते हैं पहले से? राजू – जो कॉलेज की रहती हैं, वो लड़कियां कॉन्टैक्ट में हैं, वही आपको मिलेंगी। रिपोर्टर – मतलब मजबूरी वाली? राजू – हां, कॉलेज गर्ल और हॉस्टल वाली मिलेंगी। रिपोर्टर – अच्छा, ठीक है। राजू – एक बार काम कीजिए, काम पसंद आएगा तो आपके माध्यम से और ग्राहक मिल जाएंगे। रिपोर्टर – हॉस्टल वाली कैसे बाहर आएंगी? राजू – कैसे लाना है वह आप मुझ पर छोड़िए, कहां लाना है आप फाइनल कीजिए। गर्ल्स हॉस्टल्स से लड़कियों का पॉलिटिकल कनेक्शन भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पहले भी यह एक्सपोज हो चुका है कि गर्ल्स हॉस्टल्स की लड़कियों का सीधा कनेक्शन पॉलिटिकल है। हमारी इन्वेस्टिगेशन टीम एजेंट और हॉस्टल की वार्डन से होकर नेता तक पहुंची थी जहां से लड़कियों की सप्लाई होती थी। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को राहुल का इनपुट मिला। राहुल पटना में लड़कियों की सप्लाई करता है। अधिकतर लड़कियां हॉस्टल्स की होती हैं जिन्हें वह नेता और वीआईपी लोगों के पास भेजता है। अब सैकड़ों लड़कियों की सप्लाई करने का दावा करते हुए राहुल ने हॉस्टल्स की लड़कियों का पॉलिटिकल कनेक्शन उजागर किया। रिपोर्टर – लड़कियां चाहिए? राहुल – कैसी लड़कियां चाहिए? रिपोर्टर – हाई प्रोफाइल लड़की चाहिए। राहुल – कुछ लड़कियां मेरे पास हैं, लेकिन बहुत हाई प्रोफाइल नहीं। रिपोर्टर – फिर कैसे होगा? राहुल – हाई प्रोफाइल लड़की देने वाली एक एजेंट से मिलवा दूंगा, मेरे लिए क्या कीजिएगा। रिपोर्टर – आपका जो कमीशन होगा दे दिया जाएगा। राहुल – हां, तब ठीक है, पूरी तरह से हाई प्रोफाइल लड़की मिलेगी। रिपोर्टर – वह लड़की कहां मिलेगी? राहुल – बोरिंग रोड के पास एक हॉस्टल की वार्डन है, मैं मीटिंग अरेंज करा दे रहा हूं। रिपोर्टर – ठीक है। लड़कियां सप्लाई करने वाले एजेंट राहुल ने भास्कर रिपोर्टर की मीटिंग मिस्टी से कराई। मिस्टी पटना के ही बोरिंग रोड स्थित एक गल्स हॉस्टल की वार्डन है। जहां मिस्टी वार्डन है, वहां लगभग 100 लड़कियां रहती हैं। राहुल से डील कराने के बाद मिस्टी खुलकर हॉस्टल की लड़कियों की डील को तैयार हो गई। रिपोर्टर – अकेले रहती हैं क्या? मिस्टी — हां, हॉस्टल की वार्डन हूं। रिपोर्टर – लड़कियों का इंतजाम कैसे होगा? मिस्टी – बात करना पड़ेगा, एक एजेंट है, पूरे बिहार में काम करता है। रिपोर्टर – उसके पास मिल जाएगी लड़कियां? मिस्टी – बिहार में जितने अड्डे चलते हैं, उनमें से 99 प्रतिशत वही देता है। रिपोर्टर – कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगा ना? मिस्टी – नहीं नहीं कोई दिक्कत नहीं, हॉस्टल वाली ही होंगी। रिपोर्टर – आप धनबाद से यहां कैसे आ गईं? मिस्टी – मजबूरी है, वहां से आना पड़ा, जगह पसंद नहीं है। रिपोर्टर – अच्छा। मिस्टी – आपको कैसी चाहिए? फेयर और लंबी? रिपोर्टर – हां, ऐसी ही चाहिए। मिस्टी – ठीक है, इंतजाम हो जाएगा। रिपोर्टर – यहां हॉस्टल में कैसे…? मिस्टी – मेरी शादी नहीं हुई है, शादीशुदा की तरह रहना पड़ता है। रिपोर्टर – ऐसा क्यों? मिस्टी – वार्डन की नौकरी है, तो वैसे ही रहना पड़ता है। मिस्टी ने खोले हॉस्टल के कई राज डील के दौरान मिस्टी ने कई राज खोले। मिस्टी ने बताया कि हॉस्टल में कैसे धंधा चलता है। कैसे लड़कियों को फंसाने के लिए वार्डन को वेश बदलकर रहना पड़ता है। रिपोर्टर – आप लोगों का काम बहुत टफ है। मिस्टी – हां, भैया को पता है। रिपोर्टर – कौन से भैया? मिस्टी – जो हॉस्टल चला रहे हैं, वही। रिपोर्टर – शादीशुदा को ही क्यों रखते हैं? मिस्टी – उनकी शर्त ही थी कि शादीशुदा को ही रखना है। रिपोर्टर – अच्छा। मिस्टी – क्योंकि शादीशुदा महिलाओं पर जल्दी विश्वास हो जाता है। रिपोर्टर – हां, यह बात तो है, फिर वह झांसे में आ जाती होगी। मिस्टी – लड़कियां जल्दी घुल-मिल जाती हैं, बिहार है, बहुत कुछ देख-समझकर चलना होता है। हॉस्टल से स्पा सेंटर और फिर सेक्स रैकेट मिस्टी ने बातचीत में खुलासा किया कि वह हॉस्टल से पहले स्पा सेंटर में काम करती थी। वहां से हॉस्टल का संपर्क हुआ। मिस्टी की बातचीत से यह पता चल गया कि सेक्स रैकेट से पहले लड़कियों को स्पा सेंटर तक ले जाया जाता है। रिपोर्टर ने जब मिस्टी से सवाल किया कि वह हॉस्टल में कैसे पहुंची तो उसने चौंकाने वाला जवाब दिया। मिस्टी ने बताया मैं पटना में काम करने आई थी, स्पा सेंटर में भी काम किया। वहीं स्पा वाले भैया ने हॉस्टल वाले भइया से संपर्क करा दिया। इसके बाद मैं शादीशुदा महिला बनकर हॉस्टल में रहने लगी। अब इसके साथ-साथ कुछ एक्स्ट्रा काम भी कर लेती हूं, जिससे अच्छी आमदनी हो जाती है। मिस्टी ने ही खोल था हॉस्टल से नेताओं का कनेक्शन पटना के गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन मिस्टी ने ही नेताओं से लड़कियों के कनेक्शन का पूरा राज खोला था। मिस्टी पटना में बैठकर कैसे नेताओं के लिए लड़कियों की व्यवस्था करती है, इसका भी खुलासा किया। हॉस्टल की वार्डन मिस्टी ही भास्कर रिपोर्टर को लेकर झारखंड गई जहां कई नेताओं के पास लड़कियों की सप्लाई का खुलासा किया। झारखंड की महिला नेता से भी मिस्टी ने ही डील कराई थी। मिस्टी ने दावा किया था कि लड़कियों को हॉस्टल में रखती है और फिर उनकी सप्लाई नेताओं के पास होती है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को लड़कियों की सप्लाई करने वाले एजेंट्स से डील के दौरान ही पटना में कॉलेज और हॉस्टल की लड़कियों की सप्लाई करने वाले एजेंट विशाल का इनपुट मिला। विशाल पहले तो मिलने को तैयार नहीं था, काफी कोशिश के बाद वह मिला और लड़कियों की सप्लाई चेन का पूरा राज भी खोला। रिपोर्टर – लड़कियां चाहिए? विशाल – सब हो जाएगा, दिन में या रात में? रिपोर्टर – दिन और रात में क्या अंतर है? विशाल – दिन में मेरे पास एक से बढ़कर एक लड़कियां हैं। रिपोर्टर – कैसी लड़कियां हैं? विशाल – सब कम उम्र की पढ़ने वाली लड़कियां हैं। रिपोर्टर – पढ़ने वाली मतलब नहीं समझा? विशाल – हॉस्टल और महिला कॉलेज की लड़कियां मिल जाएंगी। रिपोर्टर – कई महिला कॉलेज की हाई-प्रोफाइल लड़कियां, समझ रहे हैं ना। रिपोर्टर – इन लड़कियों का चार्ज क्या रहेगा? विशाल – जैसी लड़की रहेगी, वैसा चार्ज रहेगा। हॉस्टल और कॉलेज की लड़कियों की डिमांड डील के दौरान एजेंट विशाल ने खुलासा किया कि कॉलेज और हॉस्टल्स की लड़कियों की सबसे अधिक डिमांड है। ऐसी लड़कियों के लिए लोग परेशान रहते हैं। इन लड़कियों की डिमांड काफी अधिक होती है। एक बार का कम से कम 10 हजार रुपए लेती हैं। विशाल – मेरे पास पटना की सबसे बेस्ट लड़कियां मिल जाएंगी। रिपोर्टर – रेट तो पसंद के बाद बताइएगा ना? विशाल – वॉट्सऐप पर फोटो भेज दूंगा, पसंद के बाद चार्ज बताएंगे। रिपोर्टर – लड़कियों का रेट कैसे तय होता है? विशाल – उम्र, फिगर यानी जैसी प्रोफाइल, वैसा चार्ज रहेगा। रिपोर्टर – अच्छा विशाल – जितनी सुंदर, उतना चार्ज, कम उम्र की बहुत डिमांड है। रिपोर्टर – लड़कियां तो फ्रेश मिलेंगी ना? विशाल – हां, मेरे पास फ्रेश मिलेंगी, पूरे पटना में ऐसी सप्लाई कोई नहीं कर पाएगा। रिपोर्टर – तब ठीक है, डन कीजिए। विशाल – मैं अपडेट देता रहूंगा, सबकी फोटो और चार्ज आपको भेज दिया जाएगा। ”हॉस्टल में रहने वाली बड़े घरों की लड़कियां मिल जाएंगी। जैसी आपकी डिमांड होगी वैसी लड़की मिलेगी। उम्र के हिसाब से रेट लगता है। 17 साल की लड़की का 25 हजार रुपए लगेगा। अगर 40 हजार दीजिएगा तो इससे भी कम उम्र की मिल जाएगी। आईडी फर्जी होगी और उस पर दर्ज उम्र भी फर्जी होगी। लड़की जाएगी तो आपको ओरिजिनल उम्र की आईडी दिखा देगी। बस दिन में ले जाइए और समय से वापस भेज दीजिए। वार्डन तो 1500 में सेट हो जाती है, लेकिन सेफ्टी के लिए लड़कियों को समय से हॉस्टल में वापस भेजना होता है। हमारी सर्विस कैश ऑन डिलिवरी वाली है, लड़की जाएगी तब पैसा दीजिएगा..।” यह दावा बिहार के गर्ल्स हॉस्टल से लड़कियों की सप्लाई करने वाले एजेंट्स कर रहे हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन की टीम ने ऐसे एजेंट्स को बेनकाब किया है जो हॉस्टल के नाम पर सेक्स रैकेट चला रहे हैं। भास्कर के खुफिया कैमरे पर एजेंट्स, वार्डन और लड़कियों ने हॉस्टल के नाम पर चल रहे धंधे की बात कबूल की है। ऑपरेशन डर्टी हॉस्टल्स पार्ट-1 में पढ़िए और देखिए कैसे गर्ल्स हॉस्टल्स से हो रही लड़कियों की डील..। शंभू गर्ल्स हॉस्टल से शुरू हुई भास्कर की इन्वेस्टिगेशन पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की स्टूडेंट के साथ हुई घटना ने पूरे बिहार में हॉस्टल्स में रह रही लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की थ्योरी तक सवालों में है। इस घटना के बाद के बाद बिहार के गर्ल्स हॉस्टल्स को लेकर चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को भी कई ऐसे इनपुट मिले हैं, जिसमें पता चला कि गर्ल्स हॉस्टल के नाम पर सेक्स रैकेट का बड़ा नेटवर्क का काम कर रहा है। ऐसे हॉस्टल्स में लड़कियां पढ़ाई और तैयारी के लिए नहीं बल्कि देह व्यापार के लिए रखी जाती हैं। ऐसे ही हॉस्टल्स में तैयारी करने वाली लड़की पहुंच गई तो उसे भी एजेंट्स धंधे में उतारने की कोशिश करते हैं। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी हॉस्टल्स से लड़की की सप्लाई का आरोप लगाया था जो हमारी इन्वेस्टिगेशन में सही पाया गया। पहले पप्पू यादव का आरोप बच्चियों को किसी कीमत पर हॉस्टल में मत डालिए। पटना के हॉस्टल्स में सेक्स रैकेट का धंधा चलता है। कई बार ऐसी चर्चा कर चुका हूं। पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, इसे दबा दिया गया है। हॉस्टल संचालक सेक्स रैकेट चलता है। जिस हॉस्टल्स में घटना हुई वहां संचालक पटना में लड़कियों की सप्लाई करता है। वह पहले से ही पटना में सेक्स रैकेट चलाता रहा है। कई रसूखदार नेता और पदाधिकारियों को लड़कियां सप्लाई करता था। शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड और पप्पू यादव के आरोपों के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने अपनी पड़ताल शुरू की। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल की घटना इतनी हाई प्रोफाइल हो गई कि एजेंट्स अलर्ट हो गए हैं। वह अब लड़कियों की डील करने को तैयार ही नहीं। काफी पड़ताल के बाद पटना के कई लोकेशन पर लड़कियां सप्लाई करने वाले एजेंट रवि का नंबर मिला। रवि ने भास्कर रिपोर्टर से हॉस्टल्स की लड़कियों की पूरी डील की। रिपोर्टर – हॉस्टल्स की कुछ नई लड़कियां चाहिए थी? रवि – कितनी चाहिए? रिपोर्टर – 3 से 4 गेस्ट हैं तो 4 मिल जाएं। रवि – हो जाएगा, आपको फोटो भेज देता हूं सिलेक्ट कर लीजिए। रिपोर्टर – फोटो में पसंद नहीं आ रही, कुछ और भी हैं क्या? रवि – ठीक है, मेरे पास यूनिवर्सिटी और कॉलेज वाली भी हैं, होटल वाली भी दे दूंगा। रिपोर्टर – हॉस्टल वाली लड़कियां मिल जाएंगी ना? रवि – हां-हां, वही दूंगा, आपको जो चाहिए, वही मिलेगी। रिपोर्टर – मतलब हॉस्टल तो होटल? रवि – हां, हॉस्टल वाली ही मिलेंगी, मेरा नंबर पटना में नंबर-एक पर है। पटना के अलग-अलग हॉस्टल्स से रवि की सेटिंग डील के दौरान रवि ने खुलासा किया कि हर एरिया में उसकी सेटिंग है। किस एरिया में लड़की चाहिए वह वहां की हॉस्टल से सेटिंग कर लेगा। रवि ने तो यह भी दावा किया कि लड़कियां ऐसी मेंटेंन होकर जाएंगी किसी को पता भी नहीं चलेगा। रवि – आप बताइए पटना के किस एरिया में चाहिए, एक घंटे के अंदर मैं लड़की भेज दूंगा। रिपोर्टर – आप की तरह और एजेंट सभी ऐसे ही दावे करते हैं। रवि – कोई दूसरा देता है तो वह मेरी ही लड़की होगी, आप स्टांप पर लिखकर रख लो। रिपोर्टर – लड़की अच्छी होनी चाहिए। रवि – समझ गया, आपको अच्छी लड़की चाहिए, मिल जाएगी। रिपोर्टर – कौन लड़कियां होती हैं जो आप देते हो? रवि – अच्छे घर की लड़कियां होंगी, जो बाहर से पढ़ने आती हैं। रिपोर्टर – कितना लगेगा? रवि – कम उम्र की लड़की देंगे तो 25 हजार लगेगा, उससे भी कम उम्र की 40 हजार से ऊपर। रिपोर्टर – कितनी उम्र की लड़कियां होंगी? रवि – यहां बहुत कुछ रिकॉर्ड होता है, सब कुछ बताना ठीक नहीं होगा। रिपोर्टर – तब तो बहुत खतरा है आपसे बात करने में? रवि – अलर्ट रहना है, बस इतना जान लीजिए, 17 साल की लड़कियां मिल जाएंगी। लड़कियों को फर्जी आईडी पर भेजा जाता है हॉस्टल्स से लड़कियों की तस्करी करने वाले एजेंट रवि ने डील में खुलासा किया कि वह लड़कियों को फर्जी आईडी पर भेजता है। लड़कियां 18 साल से कम उम्र की होती हैं, इसलिए फर्जी आईडी बनाकर उन्हें 18 साल से ज्यादा उम्र का दिखाया जाता है। ऐसा इसलिए करता है कि कहीं कोई पुलिस केस नहीं हो। मामला फंसे भी तो लड़कियां आसानी से बाहर आ जाएं। रिपोर्टर – आईडी में तो लड़कियों की उम्र ओरिजिनल होगी ना? रवि – फर्जी आधार कार्ड होता है जिसमें लड़कियों की उम्र 18 से ऊपर होती है। रिपोर्टर – ऐसा क्यों करते हैं? रवि – कम उम्र की लड़कियों को होटल में ले जाने में परेशानी होती है। रिपोर्टर – अच्छा इसलिए? रवि – हां, इसीलिए फर्जी पहचान पत्र बनाना होता है, 18 साल से कम उम्र में होटल में अनुमति नहीं होती। रिपोर्टर – दिन या रात, कब दीजिएगा? रवि – जब बोलिए, दे दूंगा, दिन-रात दोनों में मौजूद हैं। रवि ने बताया हॉस्टल से निकालने का ट्रिक डील के दौरान रवि ने लड़कियों को हॉस्टल्स से निकालने का ट्रिक बताया। जब रिपोर्टर ने सवाल किया कि लड़कियां रात में हॉस्टल्स से कैसे निकलेंगी तो रवि ने दावे के साथ कहा कि भैया, रात में मैं निकाल लूंगा, वह सिस्टम मेरे ऊपर है। हॉस्टल के गार्ड और वार्डन सब मैनेज रहते हैं, उन्हें 15 सौ रुपए देना होता है। आप टेंशन मेरे ऊपर छोड़ दीजिए। कैसे लाएंगे, कैसे नहीं, यह मेरा टेंशन है। आपको लड़की चाहिए, मिल जाएगी। आपके सामने लाकर खड़ा कर दूंगा। रवि ने लड़कियों के लिए अलग-अलग लोकेशन शेयर की भास्कर रिपोर्टर की डील में रवि पूरी तरह से एक्टिव हो गया। डील पूरी तरह से फाइनल होते ही एजेंट रवि एक के बाद एक लोकेशन भेजने लगा। रवि ने आधा दर्जन से अधिक अलग अलग लोकेशन भेजी जहां हॉस्टल्स की लड़कियों को भेजने का दावा कर रहा था। एजेंट बोला- लड़कियां कैश ऑन डिलिवरी वाली हैं सिर्फ वॉट्सऐप मैसेज ही नहीं, बल्कि अपनी बात को पुख्ता करने के लिए उसने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी भेजी। रवि ने एक वाइस मैसेज भी भेजा जिसमें बोल रहा था..आप मीठापुर बस स्टैंड के गेट नंबर-1 के पास आ जाइए। अगर वहां दिक्कत हो तो रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-10, करबिगहिया रोड की तरफ स्थित हरे कृष्णा गेस्टहाउस में मिल सकते हैं। तीसरा ऑप्शन रामकृष्णा नगर, पिलर नंबर-78 के सामने मौजूद स्नो व्हाइट होटल है। जहां भी आओगे, कैश ऑन डिलीवरी में काम हो जाएगा। हॉस्टल्स की लड़कियों की डील करने वाले एजेंट रवि से बातचीत के दौरान ही राजू के बारे में पता चला। क्लू मिला कि राजू फुलवारी एरिया का रहने वाला है, लेकिन वह बड़ा गोपनीय तरीके से लड़कियों की सप्लाई करता है। उसकी कस्टमर और लड़कियां सब पहले से ही सेट हैं। इसलिए वह बाहरी लोगों से इस संबंध में कोई डील नहीं करता है। काफी पड़ताल के बाद राजू का मोबाइल नंबर मिला और उससे हॉस्टल्स की लड़कियों की पूरी डील की। रिपोर्टर – मैं पटना से हूं, आप कहां से? राजू – मैं भी पटना में ही हूं, क्या चाहिए बताएं? रिपोर्टर – कुछ सर्विस मिल जाए तो अच्छा रहता। राजू – ओह, कितने देर के लिए चाहिए? रिपोर्टर – आप कब दे सकते हो? राजू – फुल नाइट के लिए मिलेगा, आपको जब चाहिए मिल जाएगा। रिपोर्टर – किस एरिया में दोगे आप? राजू – आपको किस एरिया में चाहिए, कई एरिया में अपनी सेटिंग है। रिपोर्टर – कहां, कहां सेटिंग है? राजू – मीठापुर बस स्टैंड, गांधी मैदान, चिरैया टाड, बोरिंग रोड, राजा बाज़ार, कंकड़बाग, जंक्शन हर जगह। रिपोर्टर – और कहीं चाहिए हो तो क्या होगा? राजू – आप लोकेशन बताइएगा, हर जगह अवेलेबल होगा। कॉलेज और हॉस्टल वाली लड़कियों की ज्यादा डिमांड है बातचीत के दौरान एजेंट राजू ने बताया कि सबसे अधिक डिमांड कॉलेज और हॉस्टल्स वाली लड़कियों की होती है। वह सेफ होती हैं, बाजारु लड़कियों से तो बहुत रिस्क होता है। इसलिए वीआईपी लोग भी वही कॉलेज और हॉस्टल्स वाली लड़कियां ही चाहते हैं। राजू – मेरी सब लड़कियां हॉस्टल्स वाली ही होती हैं। रिपोर्टर – दिन या रात में कब मिल जाएगी, हम 4 दोस्त हैं। राजू – हो जाएगा, आप आइए, कुछ एडवांस दे दीजिए। रिपोर्टर – ऐसे कैसे होगा, पेमेंट उसी वक्त दे दूंगा। राजू – लड़की आपको पसंद आएंगी, अगर नहीं आईं तो पैसा वापस हो जाएगा। रिपोर्टर – लड़की ठीक होगी ना? राजू – हॉस्टल वाली मजबूरी में काम करती हैं, आई फोन से लेकर खर्चा पूरा करना होता है। रिपोर्टर – लड़कियों को आप सेट करके रखते हैं पहले से? राजू – जो कॉलेज की रहती हैं, वो लड़कियां कॉन्टैक्ट में हैं, वही आपको मिलेंगी। रिपोर्टर – मतलब मजबूरी वाली? राजू – हां, कॉलेज गर्ल और हॉस्टल वाली मिलेंगी। रिपोर्टर – अच्छा, ठीक है। राजू – एक बार काम कीजिए, काम पसंद आएगा तो आपके माध्यम से और ग्राहक मिल जाएंगे। रिपोर्टर – हॉस्टल वाली कैसे बाहर आएंगी? राजू – कैसे लाना है वह आप मुझ पर छोड़िए, कहां लाना है आप फाइनल कीजिए। गर्ल्स हॉस्टल्स से लड़कियों का पॉलिटिकल कनेक्शन भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पहले भी यह एक्सपोज हो चुका है कि गर्ल्स हॉस्टल्स की लड़कियों का सीधा कनेक्शन पॉलिटिकल है। हमारी इन्वेस्टिगेशन टीम एजेंट और हॉस्टल की वार्डन से होकर नेता तक पहुंची थी जहां से लड़कियों की सप्लाई होती थी। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को राहुल का इनपुट मिला। राहुल पटना में लड़कियों की सप्लाई करता है। अधिकतर लड़कियां हॉस्टल्स की होती हैं जिन्हें वह नेता और वीआईपी लोगों के पास भेजता है। अब सैकड़ों लड़कियों की सप्लाई करने का दावा करते हुए राहुल ने हॉस्टल्स की लड़कियों का पॉलिटिकल कनेक्शन उजागर किया। रिपोर्टर – लड़कियां चाहिए? राहुल – कैसी लड़कियां चाहिए? रिपोर्टर – हाई प्रोफाइल लड़की चाहिए। राहुल – कुछ लड़कियां मेरे पास हैं, लेकिन बहुत हाई प्रोफाइल नहीं। रिपोर्टर – फिर कैसे होगा? राहुल – हाई प्रोफाइल लड़की देने वाली एक एजेंट से मिलवा दूंगा, मेरे लिए क्या कीजिएगा। रिपोर्टर – आपका जो कमीशन होगा दे दिया जाएगा। राहुल – हां, तब ठीक है, पूरी तरह से हाई प्रोफाइल लड़की मिलेगी। रिपोर्टर – वह लड़की कहां मिलेगी? राहुल – बोरिंग रोड के पास एक हॉस्टल की वार्डन है, मैं मीटिंग अरेंज करा दे रहा हूं। रिपोर्टर – ठीक है। लड़कियां सप्लाई करने वाले एजेंट राहुल ने भास्कर रिपोर्टर की मीटिंग मिस्टी से कराई। मिस्टी पटना के ही बोरिंग रोड स्थित एक गल्स हॉस्टल की वार्डन है। जहां मिस्टी वार्डन है, वहां लगभग 100 लड़कियां रहती हैं। राहुल से डील कराने के बाद मिस्टी खुलकर हॉस्टल की लड़कियों की डील को तैयार हो गई। रिपोर्टर – अकेले रहती हैं क्या? मिस्टी — हां, हॉस्टल की वार्डन हूं। रिपोर्टर – लड़कियों का इंतजाम कैसे होगा? मिस्टी – बात करना पड़ेगा, एक एजेंट है, पूरे बिहार में काम करता है। रिपोर्टर – उसके पास मिल जाएगी लड़कियां? मिस्टी – बिहार में जितने अड्डे चलते हैं, उनमें से 99 प्रतिशत वही देता है। रिपोर्टर – कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगा ना? मिस्टी – नहीं नहीं कोई दिक्कत नहीं, हॉस्टल वाली ही होंगी। रिपोर्टर – आप धनबाद से यहां कैसे आ गईं? मिस्टी – मजबूरी है, वहां से आना पड़ा, जगह पसंद नहीं है। रिपोर्टर – अच्छा। मिस्टी – आपको कैसी चाहिए? फेयर और लंबी? रिपोर्टर – हां, ऐसी ही चाहिए। मिस्टी – ठीक है, इंतजाम हो जाएगा। रिपोर्टर – यहां हॉस्टल में कैसे…? मिस्टी – मेरी शादी नहीं हुई है, शादीशुदा की तरह रहना पड़ता है। रिपोर्टर – ऐसा क्यों? मिस्टी – वार्डन की नौकरी है, तो वैसे ही रहना पड़ता है। मिस्टी ने खोले हॉस्टल के कई राज डील के दौरान मिस्टी ने कई राज खोले। मिस्टी ने बताया कि हॉस्टल में कैसे धंधा चलता है। कैसे लड़कियों को फंसाने के लिए वार्डन को वेश बदलकर रहना पड़ता है। रिपोर्टर – आप लोगों का काम बहुत टफ है। मिस्टी – हां, भैया को पता है। रिपोर्टर – कौन से भैया? मिस्टी – जो हॉस्टल चला रहे हैं, वही। रिपोर्टर – शादीशुदा को ही क्यों रखते हैं? मिस्टी – उनकी शर्त ही थी कि शादीशुदा को ही रखना है। रिपोर्टर – अच्छा। मिस्टी – क्योंकि शादीशुदा महिलाओं पर जल्दी विश्वास हो जाता है। रिपोर्टर – हां, यह बात तो है, फिर वह झांसे में आ जाती होगी। मिस्टी – लड़कियां जल्दी घुल-मिल जाती हैं, बिहार है, बहुत कुछ देख-समझकर चलना होता है। हॉस्टल से स्पा सेंटर और फिर सेक्स रैकेट मिस्टी ने बातचीत में खुलासा किया कि वह हॉस्टल से पहले स्पा सेंटर में काम करती थी। वहां से हॉस्टल का संपर्क हुआ। मिस्टी की बातचीत से यह पता चल गया कि सेक्स रैकेट से पहले लड़कियों को स्पा सेंटर तक ले जाया जाता है। रिपोर्टर ने जब मिस्टी से सवाल किया कि वह हॉस्टल में कैसे पहुंची तो उसने चौंकाने वाला जवाब दिया। मिस्टी ने बताया मैं पटना में काम करने आई थी, स्पा सेंटर में भी काम किया। वहीं स्पा वाले भैया ने हॉस्टल वाले भइया से संपर्क करा दिया। इसके बाद मैं शादीशुदा महिला बनकर हॉस्टल में रहने लगी। अब इसके साथ-साथ कुछ एक्स्ट्रा काम भी कर लेती हूं, जिससे अच्छी आमदनी हो जाती है। मिस्टी ने ही खोल था हॉस्टल से नेताओं का कनेक्शन पटना के गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन मिस्टी ने ही नेताओं से लड़कियों के कनेक्शन का पूरा राज खोला था। मिस्टी पटना में बैठकर कैसे नेताओं के लिए लड़कियों की व्यवस्था करती है, इसका भी खुलासा किया। हॉस्टल की वार्डन मिस्टी ही भास्कर रिपोर्टर को लेकर झारखंड गई जहां कई नेताओं के पास लड़कियों की सप्लाई का खुलासा किया। झारखंड की महिला नेता से भी मिस्टी ने ही डील कराई थी। मिस्टी ने दावा किया था कि लड़कियों को हॉस्टल में रखती है और फिर उनकी सप्लाई नेताओं के पास होती है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को लड़कियों की सप्लाई करने वाले एजेंट्स से डील के दौरान ही पटना में कॉलेज और हॉस्टल की लड़कियों की सप्लाई करने वाले एजेंट विशाल का इनपुट मिला। विशाल पहले तो मिलने को तैयार नहीं था, काफी कोशिश के बाद वह मिला और लड़कियों की सप्लाई चेन का पूरा राज भी खोला। रिपोर्टर – लड़कियां चाहिए? विशाल – सब हो जाएगा, दिन में या रात में? रिपोर्टर – दिन और रात में क्या अंतर है? विशाल – दिन में मेरे पास एक से बढ़कर एक लड़कियां हैं। रिपोर्टर – कैसी लड़कियां हैं? विशाल – सब कम उम्र की पढ़ने वाली लड़कियां हैं। रिपोर्टर – पढ़ने वाली मतलब नहीं समझा? विशाल – हॉस्टल और महिला कॉलेज की लड़कियां मिल जाएंगी। रिपोर्टर – कई महिला कॉलेज की हाई-प्रोफाइल लड़कियां, समझ रहे हैं ना। रिपोर्टर – इन लड़कियों का चार्ज क्या रहेगा? विशाल – जैसी लड़की रहेगी, वैसा चार्ज रहेगा। हॉस्टल और कॉलेज की लड़कियों की डिमांड डील के दौरान एजेंट विशाल ने खुलासा किया कि कॉलेज और हॉस्टल्स की लड़कियों की सबसे अधिक डिमांड है। ऐसी लड़कियों के लिए लोग परेशान रहते हैं। इन लड़कियों की डिमांड काफी अधिक होती है। एक बार का कम से कम 10 हजार रुपए लेती हैं। विशाल – मेरे पास पटना की सबसे बेस्ट लड़कियां मिल जाएंगी। रिपोर्टर – रेट तो पसंद के बाद बताइएगा ना? विशाल – वॉट्सऐप पर फोटो भेज दूंगा, पसंद के बाद चार्ज बताएंगे। रिपोर्टर – लड़कियों का रेट कैसे तय होता है? विशाल – उम्र, फिगर यानी जैसी प्रोफाइल, वैसा चार्ज रहेगा। रिपोर्टर – अच्छा विशाल – जितनी सुंदर, उतना चार्ज, कम उम्र की बहुत डिमांड है। रिपोर्टर – लड़कियां तो फ्रेश मिलेंगी ना? विशाल – हां, मेरे पास फ्रेश मिलेंगी, पूरे पटना में ऐसी सप्लाई कोई नहीं कर पाएगा। रिपोर्टर – तब ठीक है, डन कीजिए। विशाल – मैं अपडेट देता रहूंगा, सबकी फोटो और चार्ज आपको भेज दिया जाएगा।  

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