चारबाग, आलमनगर, उतरेटिया और मल्हौर समेत प्रदेश के 640 रेलवे स्टेशनों पर 1680 आधुनिक महिला शौचालय बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 84 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे रेलवे बोर्ड ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। पहले चरण में निर्माण कार्य शुरू करने के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि जारी की जाएगी। महिला यात्रियों की पुरानी समस्या का समाधान रेलवे स्टेशनों पर महिलाओं के लिए पर्याप्त शौचालय न होना लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। इस मुद्दे को दैनिक यात्री एसोसिएशन ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष भी उठाया था। इसके बाद रेलवे ने प्रदेश के विभिन्न मंडलों के स्टेशनों को इस योजना में शामिल करने का फैसला लिया। तीन जोन के कई मंडल होंगे कवर इस परियोजना के तहत उत्तर रेलवे के लखनऊ और मुरादाबाद मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, इज्जतनगर और वाराणसी मंडल, और उत्तर मध्य रेलवे के आगरा, झांसी व प्रयागराज मंडल के स्टेशनों का चयन किया गया है। इन सभी स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से महिला शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। छोटे और ग्रामीण स्टेशनों पर रहेगा फोकस रेलवे अधिकारियों की माने तो, बड़े और प्रमुख स्टेशनों पर पहले से शौचालयों की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन छोटे और ग्रामीण इलाकों के स्टेशनों पर महिला यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। नई योजना का मुख्य उद्देश्य इन्हीं स्टेशनों का कायाकल्प करना है, ताकि महिलाओं को सुरक्षित और स्वच्छ सुविधा मिल सके। तीन महीने में पूरा होगा प्रोजेक्ट माघ मेले के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ और ट्रेनों के व्यस्त संचालन के चलते निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोका गया था। अब इसी महीने से काम शुरू किया जाएगा। रेलवे ने लक्ष्य तय किया है कि पूरी परियोजना तीन महीने में यानी मई तक पूरी कर ली जाएगी, जिससे जल्द ही महिला यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिल सके।


