रतलाम. कुत्तों के आतंक से शहर की ऐसी कोई गली नहीं होगी जिसके रहवासी परेशान न हैं। जहां से भी निकले सतर्क रहना पड़ता खास कर जब आप दुपहिया वाहन पर हो। हालात इतने खराब हो गए हैं, बच्चों को घर से बाहर अकेले निकालने में भी अब परिजन डरने लगे हैं। कुत्ते काटने के मामले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। पिछले माह 15-20 प्रतिदिन का आंकड़ा था अब 30-35 और इससे अधिक हर दिन घायल अस्पताल पहुंच रहे हैं।
कुत्तों के झुंड के झुंड शहर की कॉलोनियों की सडक़ किनारे, चौराहों पर जैसे घात लगाकर बैठे रहते हैं। जिला अस्पताल में ऐसा कोई दिन नहीं जाता है जब कुत्तों के हमले से घायल होकर कोई पहुंचा नहीं हो। सुबह से शाम 4 बजे तक 14 लोग घायल होकर उपचार कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे।
काटजू नगर में कई लोगों को काट चुका है कुत्ता
बुधवार सुबह 10 बजे करीब सब्जी बेचने वाली रामपुरिया निवासी एक 60 वर्षीय महिला गुलाब बाई पर कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया। शुक्र है इस दौरान ट्यूशन जा रहे विद्यार्थी यश शर्मा ने घायल महिला को बिठाया और सब्जी की टोकरी वहीं रखकर वह जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। इसके बाद पुन: छोडकऱ भी आया। यश ने बताया कि यह कुत्ता पहले भी कई लोगों को काट चुका हैं।
जिला अस्पताल के आंकड़े एक नजर में
दिनांक – नए मरीज आए – पुराने मरीज आए
13 जनवरी – 41 – 66
12 जनवरी – 38 – 74
11 जनवरी – 34 – 62
10 जनवरी – 26 – 72
09 जनवरी 33 – 84
डाग बाइट से जुड़ी मुख्य बात
बढ़ते मामले: रतलाम में हर दिन औसतन 32 से अधिक डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे शहर में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है।
युवक की मौत: 31 जुलाई 2025 को एक युवक शाहरुख को कुत्ते ने काटा था, जिसके बाद इलाज के दौरान अगस्त में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और मुआवजे की मांग की।
प्रदेश में टॉप पर: नेशनल हेल्थ मिशन के अगस्त 2025 में किए सर्वे के अनुसार, रतलाम मध्य प्रदेश के 6 प्रमुख शहरों में डॉग बाइट के मामलों में पहले स्थान पर है।


